सुशासन दिवस 2019: कब क्यों और कैसे मनाया जाता है | Good Governance Day in Hindi

    सुशासन दिवस 2019: कब क्यों और कैसे मनाया जाता है गुड गवर्नेंस डे | Good Governance Day 2019 Information in Hindi

    (सुशासन दिवस) Good Governance Day 2019 Information in Hindi: दोस्तों आज आप सभी को क्रिसमस डे तो जरूर याद होगा लेकिन आप लोगों में से बहुत कम लोग हैं जो सुशासन दिवस या Good Governance Day 2019 (गुड गवर्नेंस डे) के बारे में जानते हैं, दोस्तों आज 25 दिसंबर को ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्मदिन होता है. जिसे देशभर में सुशासन दिवस या गुड गवर्नेंस डे (Good Governance Day 2019 Hindi) के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें इसी दिन महामना मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिवस भी होता है.
    Good Governance Day 25th December 2019 Sushasan Diwas Hindi
    Good Governance Day 25th December 2019 Sushasan Diwas Hindi
    आइए अब आपको बताते हैं कि सुशासन दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है (When and Why Good Governance Day is Celebrated On 25th December in Hindi) तथा अटल बिहारी वाजपेई जी कौन थे (Who Was Atal Bihari Vajpayee Bio In Hindi)।

    सुशासन दिवस 2019: Good Governance Day in Hindi

    1. कब: भारत में 2014 से हर साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी की जयंती के उपलक्ष पर सुशासन दिवस या गुड गवर्नेंस डे मनाया जाता है। इस साल हम 5वां सुशासन दिवस और अटल बिहारी वाजपेयी जी की 95 वीं जयंती मानाने जा रहे है.

    2. क्यों: भारत में सुशासन दिवस मनाए जाने की घोषणा भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2014 में की गई, तभी से हर वर्ष भारत में 25 दिसंबर को सुशासन दिवस (Good Governance Day) मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा सुशासन दिवस को एक वर्किंग डे के रूप में घोषित किया गया है।

    3. उद्देश्य: सुशासन दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी को श्रद्धांजलि देना और उनका सम्मान करना है।

    4. इतिहास: अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर सुशासन दिवस मानाने की पहली घोषणा भारत सरकार के Department of Electronics and Information Technology द्वारा की गई थी।

    5. कैसे: वैसे तो इस दिन क्रिसमस का त्यौहार होने के कारण छुट्टी होती है, परन्तु इस दिन को वर्किंग डे के रूप में घोषित किया गया है। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में विभिन्न एक्टिविटी जैसे: निबंध लेखन प्रतियोगिता, वाद-विवाद, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, खेल का आयोजन करके सुशासन दिवस मनाया जाना चाहिए।

    6. सुशासन की परिभाषा: 'सुशासन' शब्द 'शासन' (जिसका अर्थ राज, राज्य आदि होता है) शब्द में 'सु (जिसका अर्थ शुभ, अच्छा आदि होता है)' उपसर्ग लग जाने से बना है। जिससे सुशासन (Good governance) को अच्छे राज की परिभाषा मिलती है। सुशासन के अन्तर्गत अच्छा बजट, Right management , कानून का शासन, सदाचार आदि जैसे लक्षण आते हैं।

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    सुशासन दिवस 2019: जाने कौन थे श्री अटल बिहारी वाजपेई जी

    1. जन्म: भारत रत्न से सम्मानित देश के दसवें प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई जी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 में हुआ था। उनकी माता का नाम सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी और पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेई था।

    2. पढाई-लिखाई: अटल बिहारी वाजपेई जी ने अपनी स्कूली पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर (ग्वालियर) से शुरू की और बाद में एवीएम स्कूल बारानगर (उज्जैन) में दाखिला लिया, जिसमें उनके पिता हेड मास्टर थे.

      अपने बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (जो अब लक्ष्मीबाई कॉलेज है) से प्राप्त की। साथ ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे इसके साथ ही इन्होंने कानपुर स्थित डीएवी कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र में एम.ए में प्रथम श्रेणी हासिल कर परीक्षा में उत्तीर्ण हुए।

    3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: उन्होंने कानपुर से ही एलएलबी की पढ़ाई भी शुरू की परंतु वह पढ़ाई को बीच में ही रोककर संघ के कार्यों में अपनी पूर्ण निष्ठा से जुट गए। वे 1942 में मात्र 16 साल की उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य बन गए थे.

    4. स्वतंत्रता आन्दोलन: अगस्त 1942 में बाजपेई जी और उनके भाई प्रेम जी को भारत छोड़ो आंदोलन के लिए 24 दिनों तक जेल में रहना पड़ा।

    5. राजनीति: अटल बिहारी बाजपेई जी ने भारतीय जनसंघ (जो अब भारतीय जनता पार्टी है) की स्थापना करने में मदद की और वह अध्यक्ष पद के लिए भी चुने गए।

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    7. विदेश मंत्री: 1977 में जनता पार्टी की जीत के बाद अटल बिहारी वाजपेई जी को विदेश मंत्री का पद मिला उन्होंने बतौर विदेश मंत्री रहते संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देकर ऐसा करने वाले पहले व्यक्ति बने.

    8. प्रधानमंत्री पद: वे अपने जीवन काल में तीन बार प्रधानमंत्री बने पहली बार वह 13 दिनों के लिए 1966 में प्रधानमंत्री बने, दूसरी बार वह 13 महीनों के लिए 1998 से 1999 तक प्रधानमंत्री बने रहे. जिसके बाद उन्होंने पूर्ण कार्यकाल को 1999 से 2004 तक संभाला.

      बाजपेई जी ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री के पद पर 5 साल बिना किसी समस्या के अपना कार्यकाल पूरा किया।

      बाजपेई जी करीबन 40 साल तक भारतीय संसद के सदस्य रहे उन्हें 10 बार लोकसभा तथा 2 बार राज्यसभा सदस्य के लिए चुना गया।

    9. विवाह: बाजपेई जी ने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर राष्ट्रीय स्वयं संघ के प्रचारक के रूप में अपना जीवन प्रारंभ किया था, आजीवन अविवाहित होने के कारण ही इन्हें भीष्म पितामह भी कहा जाता है।

    10. प्रखर कवि: वाजपेई जी को अपने पिता (जो एक हिंदी व बृज भाषा के पारंगत कवि थे) से ही काव्य गुण वंशानुगत चरित्र से प्राप्त हुए। साथ ही अटल जी पत्रकार और एक प्रखर वक्ता भी थे।

    11. भारत रत्न सम्मान: अटल बिहारी वाजपेई जी को उनके असाधारण कार्य और सर्वतोमुखी विकास के लिए 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। आपको बता दें की भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 23 दिसंबर 2014 को 90 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और पंडित मदन मोहन मालवीय जी (मरणोपरांत) को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला लिया गया।

    12. मृत्यु: अटल बिहारी जी सन 2005 से ही राजनीति को त्याग चुके थे और नई दिल्ली में स्थित अपने सरकारी आवास में रहते हुए साधारण जीवन व्यतीत कर रहे थे परंतु उन्हें 2009 में आए Stroke के बाद लंबी बीमारी के कारण उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 16 अगस्त 2018 को अंतिम सांस ली।

    13. समाधि: अटल जी कि समाधि स्थल दिल्ली स्थित राजघाट के निकट शान्ति वन में बने स्मृति स्थल में बनायी गयी है।

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    15. अटल बिहारी जी के कार्य:
      1. परमाणु परिक्षण: अटल बिहारी सरकार में ही भारत एक परमाणु संपन्न राष्ट्र बन सका और यह सब कुछ इतने गुप्त रूप से हुआ कि उपग्रहों और तकनीक संपन्न पश्चिमी देशों को इसकी कोई खबर तक नहीं लग सकी।

      2. दिल्ली-लाहौर बस सेवा: वाजपेयी जी ने दिल्ली से लाहौर तक एक बस सेवा भी शुरू की और पाकिस्तान की यात्रा करके नवाज शरीफ से मुलाकात कर पाकिस्तान से आपसी संबंधों को और अच्छा बनाने की शुरुआत की।

      3. कारगिल युद्ध: पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सुधारने के बाद अटल सरकार को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ की शह पर पाकिस्तानी सेना और उग्रवादियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ करके पहाड़ियों चोटियों पर कब्जा किया। जिसका भारत के सैनिकों ने मुहतोड़ ज़वाब दिया.

      4. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: भारत के 5 बड़े शहरों को जोड़ने के लिए अटल बिहारी सरकार द्वारा स्वर्णिम चतुर्भुज योजना की शुरुआत की गई जिसके अंतर्गत दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को राजमार्गों से जोड़ा गया.

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    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप सुशासन दिवस या गुड गवर्नेंस डे (Good Governance Day in Hindi) के बारे में जान गए होंगे, अगर आपको सुशासन दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है (When and Why Good Governance Day is Celebrated On 25th December) तथा अटल बिहारी वाजपेई जी कौन थे (Who Was Atal Bihari Vajpayee Bio In Hindi) का यह लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक पर जरूर शेयर करें.
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