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सुशासन दिवस 2021: अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर जानिए Good Governance Day के बारे में

    Good Governance Day 2021: सुशासन दिवस का इतिहास और अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर गुड गवर्नेंस डे क्यों?

    गुड गवर्नेंस डे २०२१: आज क्रिसमस डे है यह तो आप सभी को जरूर याद होगा लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि आज सुशासन दिवस (Good Governance Day 2021) भी हैं।
    हर साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती को देशभर में सुशासन दिवस (Good Governance Day) के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन महामना मदन मोहन मालवीय जी का भी जन्मदिन होता है।

    Good Governance Day - Sushasan Diwas
    Good Governance Day - Sushasan Diwas

    सुशासन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

    भारत में 2014 से ही हर साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी की जयंती के मौके पर सुशासन दिवस (Good Governance Day) मनाया जाता है। इसे मनाए जाने की घोषणा भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2014 में की गई।

    इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में सरकार और शासन की जवाबदेही के बारे में जागरूकता पैदा करना है।
    तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी को श्रद्धांजलि देना और उनका सम्मान करना भी इसका उद्देश्य है।

    इस साल 2021 में देश 7वां सुशासन दिवस और अटल बिहारी वाजपेयी जी की 97वीं जयंती मनाने जा रहा है।


    अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर सुशासन दिवस मनाने की पहली घोषणा भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा की गई थी।


    अन्य उद्देश्य:

    • 1. पारदर्शी और जिम्मेदार प्रशासन का निर्माण
    • 2. आम आदमी का कल्याण सुनिश्चित करना
    • 3. सुशासन के लिए अच्छी और प्रभावी नीतियों का निर्माण करना
    • 4. लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना।

    Good Governance Day कैसे मनाते है?

    सुशासन दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर उनकी समाधि 'सदैव अटल' पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। वैसे तो इस दिन क्रिसमस का त्यौहार होने के कारण छुट्टी होती है, परंतु भारत सरकार द्वारा सुशासन दिवस को एक वर्किंग डे के रूप में घोषित किया गया है।

    इस दिन को सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में विभिन्न एक्टिविटी जैसे: निबंध लेखन प्रतियोगिता, वाद-विवाद, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा खेल का आयोजन करके सुशासन दिवस मनाया जाना चाहिए।


    सुशासन का क्या अर्थ है?

    'सुशासन' शब्द 'शासन' शब्द में 'सु' उपसर्ग लग जाने से बना है। यहाँ शासन का अर्थ राज या राज्य है, तथा सु का अर्थ शुभ या अच्छा है। जिससे सुशासन (Good governance) को अच्छे राज की परिभाषा मिलती है। सुशासन के अन्तर्गत अच्छा बजट, Right management, कानून का शासन, सदाचार आदि जैसे लक्षण आते हैं।



    अटल बिहारी वाजपेई जी के बारे में

    भारत रत्न से सम्मानित देश के दसवें प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई जी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर सन् 1924 में हुआ था। उनकी माता का नाम सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी और पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेई था।

    उनकी स्कूली पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर (ग्वालियर) से शुरू हुई और बाद में उन्होंने एवीएम स्कूल बारानगर (उज्जैन) में दाखिला लिया, जिसमें उनके पिता हेड मास्टर थे।

    उन्होंने B.A की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (जो अब लक्ष्मीबाई कॉलेज है) से प्राप्त की।

    वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे। तथा कानपुर स्थित डीएवी कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र में एम.ए में प्रथम श्रेणी हासिल कर परीक्षा में उत्तीर्ण हुए।


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: उन्होंने कानपुर से ही एलएलबी की पढ़ाई भी शुरू की परंतु वे पढ़ाई को बीच में ही रोककर संघ के कार्यों में अपनी पूर्ण निष्ठा से जुट गए। वे मात्र 16 साल की उम्र से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य बन गए थे।

    अगस्त 1942 में बाजपेई जी और उनके भाई प्रेम जी को भारत छोड़ो आंदोलन के लिए 24 दिनों तक जेल में रहना पड़ा।


    राजनीतिक जीवन

    अटल बिहारी बाजपेई जी ने भारतीय जनसंघ (जो अब भारतीय जनता पार्टी है) की स्थापना करने में मदद की और वह अध्यक्ष पद के लिए भी चुने गए।

    1977 में जनता पार्टी की जीत के बाद अटल बिहारी वाजपेई जी को विदेश मंत्री का पद मिला उन्होंने बतौर विदेश मंत्री रहते संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देकर ऐसा करने वाले पहले व्यक्ति बने।

    प्रधानमंत्री पद:
    वे अपने जीवन काल में तीन बार प्रधानमंत्री बने पहली बार वह 13 दिनों के लिए 1966 में प्रधानमंत्री बने, दूसरी बार वह 13 महीनों के लिए 1998 से 1999 तक प्रधानमंत्री बने रहे। जिसके बाद उन्होंने पूर्ण कार्यकाल को 1999 से 2004 तक संभाला।

    बाजपेई जी ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री के पद पर 5 साल बिना किसी समस्या के अपना कार्यकाल पूरा किया।

    वे करीब 40 साल तक भारतीय संसद के सदस्य रहे उन्हें 10 बार लोकसभा तथा 2 बार राज्यसभा सदस्य के लिए चुना गया।


    वाजपेयी जी से जुडी कुछ ख़ास बातें

    विवाह: बाजपेई जी ने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर राष्ट्रीय स्वयं संघ के प्रचारक के रूप में अपना जीवन प्रारंभ किया था, आजीवन अविवाहित होने के कारण ही इन्हें 'भीष्म पितामह' भी कहा जाता है।


    प्रखर कवि: वाजपेई जी को अपने पिता (जो एक हिंदी व बृज भाषा के पारंगत कवि थे) से ही काव्य गुण वंशानुगत चरित्र से प्राप्त हुए। साथ ही अटल जी पत्रकार और एक प्रखर वक्ता भी थे।


    भारत रत्न सम्मान: अटल बिहारी वाजपेई जी को उनके असाधारण कार्य और सर्वतोमुखी विकास के लिए 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

    भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 23 दिसंबर 2014 को 90 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और पंडित मदन मोहन मालवीय जी (मरणोपरांत) को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला लिया गया।


    मृत्यु: अटल बिहारी जी सन 2005 से ही राजनीति को त्याग चुके थे और नई दिल्ली में स्थित अपने सरकारी आवास में रहते हुए साधारण जीवन व्यतीत कर रहे थे परंतु उन्हें 2009 में आए Stroke के बाद लंबी बीमारी के कारण उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMS) में 16 अगस्त 2018 को अंतिम सांस ली।

    अटल जी कि समाधि स्थल दिल्ली स्थित राजघाट के निकट शान्ति वन में 'सदैव अटल' स्मृति स्थल में बनायी गयी है।


    यह भी पढ़े: अटल भूजल योजना क्या है?

    अटल बिहारी जी के योगदान:

    • परमाणु परिक्षण: अटल जी की सरकार में भारत एक परमाणु संपन्न राष्ट्र बना, जब भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परिक्षण कर दुनिया को चौका दिया। यह सब इतने गुप्त तरीके से हुआ कि उपग्रहों और तकनीक संपन्न पश्चिमी देशों को इसकी खबर तक नहीं लग सकी।

    • दिल्ली-लाहौर बस सेवा: वाजपेयी जी ने दिल्ली से लाहौर (पाकिस्तान) तक एक बस सेवा भी शुरू की तथा पाकिस्तान जाकर नवाज शरीफ से मुलाकात कर पाकिस्तान से आपसी संबंधों को और अच्छा बनाने का काम किया।

    • कारगिल युद्ध: पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सुधारने के बाद अटल सरकार को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ की शह पर पाकिस्तानी सेना और उग्रवादियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ करके पहाड़ी चोटियों पर कब्जा किया। जिसका भारत के सैनिकों ने मुहतोड़ ज़वाब दिया।

    • स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: भारत के 5 बड़े शहरों को जोड़ने के लिए अटल सरकार द्वारा 'स्वर्णिम चतुर्भुज योजना' की शुरुआत की गई जिसके अंतर्गत दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को राजमार्गों से जोड़ा गया।

    यह भी पढ़े: राष्ट्रीय गणित दिवस: कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है?

    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप सुशासन दिवस या गुड गवर्नेंस डे (Good Governance Day 2021 in Hindi) के बारे में जान गए होंगे, अगर आपको सुशासन दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? तथा अटल बिहारी वाजपेई जी कौन थे का यह लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक पर जरूर शेयर करें।

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