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Indian Navy Day 2021: नौसेना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? (ऑपरेशन ट्राइडेंट)

Navy Day: पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय नौसेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन ट्राइडेंट की जीत के जश्न को मनाने के लिए हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    भारतीय नौसेना दिवस 2021: Indian Navy Day का महत्व, इतिहास और ऑपरेशन ट्राइडेंट के बारे में जानकारी

    Indian Navy Day in Hindi: भारतीय सशस्त्र सेना तीन प्रमुख भागों में विभाजित की गई है जिसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना यानी जल सेना आती है। इनमें से नौसेना हमारी समुंद्र में रक्षा करती है, तो वहीं धरती पर थलसेना और आकाश में वायु सेना हमारी रक्षा के लिए तत्पर रहती है।
    नौसेना दिवस हर साल 4 दिसम्बर को देश के नौसैनिक बल की उपलब्धियों और शान को दर्शाने के लिए मनाया जाता है। लेकिन इसे मनाए जाने के पीछे की घटना और इतिहास के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।


    क्या आप जानते हैं कि 04 दिसंबर को ही जल सेना दिवस क्यों मनाया जाता है? ऑपरेशन ट्राइडेंट क्या है? और इस दिवस का भारत-पाकिस्तान के 1971 के युद्ध से क्या संबंध है? आइए जानते है।

    Indian Navy Day 2021 in Hindi
    Indian Navy Day 2021 in Hindi

    Navy Day 2021: भारतीय नौसेना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

    भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय नौसेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' की जीत के जश्न को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस (Indian Navy Day) मनाया जाता है।

    जिसमें भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को धूल चटाई थी। साल 1971 के बाद से 4 दिसंबर के दिन को Indian Navy Day के रूप में मनाए जाने की शुरुआत की गई। इस साल 2021 में इंडियन नेवी डे 04 दिसम्बर को शनिवार के दिन मनाया जा रहा है।


    ऑपरेशन ट्राइडेंट क्या है? (Operation Trident in Hindi)

    बात सन् 1971 की है जब 3 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र और हवाई क्षेत्र में हमला किया गया और इस हमले जवाबी कार्यवाही में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ट्राइडेंट'चलाया।

    Operation Trident की योजना नौसेना प्रमुख 'एडमिरल एस. एम. नंदा' के नेतृत्व में बनाई गई और 'भान यादव' को इस पूरे टास्क की जिम्मेदारी दी गई जो 25वें स्क्वाडर्न कमांडर थे।

    इस Operation के तहत कराची स्थित पाकिस्तानी नौसेना के मुख्यालय पर गुजरात के ओखा पोर्ट से रात 2:00 बजे हमला किया गया। रात का समय हमले के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि पाकिस्तान के पास रात के समय बमबारी करने वाले विमान नहीं थे।

    हिंदुस्तान ने अपनी जवाबी कार्रवाई में 10 विद्युत क्लास मिसाइल बोट, दो एंटी सबमरीन और एक टैंकर शामिल किया गया, साथ ही 1971 के इस युद्ध में भारत द्वारा पहली बार जहाज पर मार करने वाले 'एंटी शिप मिसाइल' से हमला किया गया।

    इस हमले में पनडुब्बी मिसाइल - आईएनएस निरघाट, आईएनएस वीर और आईएनएस निपत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    इस जवाबी कार्यवाही में भारत की ओर से छह मिसाइलों को दागा गया और भारतीय सेना द्वारा चार पाकिस्तानी जहाजों को भी डुबोया गया।




    7 दिन तक जलता रहा कराची तेल डिपो:
    भारतीय नौसेना द्वारा पाक को दिए मुहतोड़ जवाब ने 'कराची हर्बल फ्यूल स्टोरेज' पूरी तरह से तबाह कर दिया था।

    और कराची के तेल टैंकरों में लगी आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें 60 किलोमीटर की दूरी से भी देखी जा सकती थी और यह आग इतनी भीषण थी कि इसे 7 दिनों और सात रातों तक भी बुझाया नहीं जा सका।

    90 मिनट तक चलने वाले इस ऑपरेशन में कोई भी भारतीय जवान शहीद नहीं हुआ जबकि पाकिस्तान के कई नौसैनिक मारे गए जबकि 700 से अधिक घायल हुए।


    यह भी पढ़ें: भारतीय सेना दिवस की जानकारी

    भारतीय जल सेना दिवस कैसे मनाया जाता है? (Navy Day Celebration)

    भारत में नौसेना दिवस (Indian Navy Day) बड़े ही उत्साह और भव्य तरीके से मनाया जाता है, नौसेना दिवस (इंडियन नेवी डे) का कार्यक्रम कई दिनों तक चलता है भारतीय नौसेना दिवस का कार्यक्रम मुख्य रूप से RK Beach में स्थित 'युद्ध स्मारक' में पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हो जाता है।

    युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान के बाद नौसैनिकों द्वारा पनडुब्बियों जहाजों और विमानों का परिचालन प्रदर्शन किया जाता है जिसमें वह अपने उपकरणों की क्षमताओं संसाधनशीलता और तीव्रता का प्रदर्शन करते हैं।

    नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर 'बीटिंग रिट्रीट समारोह' (Beating Retreat ceremony) का आयोजन करती है। इससे पहले अरब सागर में इसके लिए रिहर्सल भी की जाती है।

    कार्यक्रमों का आयोजन पश्चिमी और दक्षिणी नौसेना कमांड के मुख्यालय में खास तौर पर किया जाता है।

    यह दिन भारतीय जल सेना द्वारा सबसे मनोरंजक रूप से मनाया जाता है, इस दिन नेवी फेस, नेवी क्वीन और नेवी बोल जैसे प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।


    Happy Indian Navy Day 2021 Wishes Images
    Happy Indian Navy Day 2021 Wishes Images

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    भारतीय नौसेना के बारे में तथ्य (Facts About Indian Navy)

    • 1. आजादी से पूर्व भारतीय नौसेना को रॉयल इंडियन नेवी कहा जाता था लेकिन स्वतंत्रता के बाद 1950 में भारत के गणतंत्र बनाने पर इसका पुनर्गठन कर इसके नाम से 'रॉयल' शब्द हटाकर भारतीय नौसेना (Indian Navy) कर दिया गया।

    • 2. भारत के वर्तमान नौसेना अध्यक्ष एडमिरल 'करमबीर सिंह' है, इनसे पहले एडमिरल सुनील लांबा भारतीय नौसेना अध्यक्ष थे।

    • 3. यह भारतीय सशस्त्र बलों की समुद्री शाखा है और भारत के राष्ट्रपति इसके कमांडर-इन-चीफ हैं।

    • 4. इसकी स्थापना 408 वर्ष पूर्व 5 सितंबर 1612 में हुई थी। नौसेना का ध्येय वाक्य है:- शं नो वरुणः!

    • 5. मराठा सम्राट, छत्रपति शिवाजी भोसले को 'भारतीय नौसेना का पिता' माना जाता है।

    • 6. यह दुनिया के टॉप 10 नौसेना बलों में से एक है।

    • 7. द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय नौसैनिक बलों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई थी।

    • 8. भारतीय नौसेना का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।

    • 9. भारतीय नौसेना के तीन कमांड और उनके मुख्यालय:
      › पश्चिमी नौसेना कमांड (मुंबई में मुख्यालय)
      › पूर्वी नौसेना कमांड (विशाखापत्तनम में मुख्यालय)
      › दक्षिणी नौसेना कमांड (कोच्चि में मुख्यालय)

    • 10. मरीन कमांडो फोर्स (मार्कोस) भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स यूनिट है जो वर्ष 1987 में अस्तित्व में आई, इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से निपटना है।

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    भारतीय नौसेना का महत्व:

    भारतीय नौसेना भारत के समुद्र तटीय क्षेत्रों पर मुस्तैदी से भारत की रक्षा करती है यह भारतीय सशस्त्र सेना की समुद्री टुकड़ी है।

    भारतीय जल सेना का भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है साथ ही इसके कारण ही हमारे अन्य देशों से भी रिश्ते मजबूत हुए हैं।

    जल सेना आपदा की स्थिति में भी अपने लोगों की रक्षा करने के लिए तत्पर रहती है।

    इसकी ताकत को कुछ इस तरह से समझा जा सकता है कि इसके पास तकरीबन 67000 कर्मचारी और करीब 295 हथियार है।

    इतना ही नहीं इंडियन नेवी को दक्षिण एशिया का सबसे शक्तिशाली नौसेना बल माना जाता है।

    Indian Navy का गोवा को पुर्तगालियों से मुक्त कराने में भी अहम योगदान रहा है। यहाँ पढ़े गोवा मुक्ति दिवस के बारे में


    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि जल सेना दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? और Operation Trident क्या है? इसका भारत-पाकिस्तान का युद्ध कैसे से किस तरह संबंधित हैं।

    अगर आपको जल सेना दिवस और इसके महत्व बारे में यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें।

    आप सभी को HaxiTrick.com की तरफ से इंडियन नेवी डे की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद जय भारत
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