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Ebola Virus 2020: एबोला वायरस क्या है? जानिए लक्षण, इलाज और रोकथाम

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    Ebola Virus Disease 2020 in Hindi: इबोला वायरस क्या है? जानिए लक्षण, इलाज और रोकथाम के उपाय

    Ebola Virus Disease 2020 in Hindi: जहां दुनिया भर में अब तक कोरोना की कोई अच्छी खबर सामने नहीं आई थी तो वही एक और बुरी खबर सामने निकल कर आई है। अफ्रीका के कांगो में एक नए वायरस एबोला ने अपनी वापसी कर ली है। जो लोग Ebola Virus Disease को New Virus समझ रहे हैं हम उन्हे बता दें कि यह कोई नया वायरस नहीं है यह इससे पहले भी देखा जा चुका है।

    इस साल 2020 में एबोला वायरस अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में देखा गया और इसने सोमवार तक 5 लोगों की जान भी ले ली है। आपको बता दें करीब 1 महीने पहले कांगो द्वारा इबोला वायरस महामारी पर काबू पाने की घोषणा हो चुकी है। पिछले 2 सालों में इस वायरस से करीब 2275 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

    Ebola Virus Disease 2020 in Hindi Cause Symptoms Vaccine
    Ebola Virus Disease 2020 in Hindi Cause Symptoms Vaccine

    आज के इस लेख में हम आपको एबोला वायरस क्या है (Ebola Virus Disease Information in Hindi), इबोला वायरस के कारण (Cause), इसका इलाज वैक्सीन (Treatment/Vaccine), रोकथाम के उपाय (Prevention) इबोला वायरस के लक्षण (Symptoms) और India में एबोला वायरस की पूरी जानकारी (Full Knowledge) देने जा रहे हैं।


    एबोला वायरस क्या है कैसे फैलता है - Ebola Virus Information in Hindi

    इबोला वायरस रोग (EVD) फिलोविरिडे परिवार से संबंध रखने वाले इबोला नामक वायरस के संपर्क में आने के कारण होता है। इससे संक्रमित व्यक्ति के नसों से खून बाहर आना शुरू हो जाता है और अंदरूनी रक्तस्राव होने लगता है।


    कैसे फैलता है: इंसानों में एबोला वायरस संक्रमण संक्रमित जानवरों जैसे चमगादड़ गोरिल्ला चिंपांजी हिरण जैसे जानवरों के सम्पर्क में आने से फैलता है। तो वहीं बाद में यह वायरस इंसानों से इंसानों में उसके तरल शारीरिक द्रव्य जैसे पसीना लार, रक्त, मल और वीर्य के संपर्क में आने से फैलता है।


    इस संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद रोगी की त्वचा गलना शुरू कर देती है और हाथ पैर तथा पूरा शरीर गल जाता है।

    इससे पहले इबोला वायरस रक्त स्रावी बुखार के रूप में जाना जाता था। और यह सबसे पहले 1976 में दक्षिणी सूडान और कागो लोकतांत्रिक गणराज्य में देखा गया था जहां इसे एक गांव में Ebola नदी के पास देखा गया था और तभी से इसे इबोला के नाम से जाना जाता है।


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    एबोला वायरस इन इंडिया - Ebola Virus Disease in Delhi India

    आज से 5-6 साल पहले जब साल 2014 में यह बीमारी फैली थी तब 10 नवंबर 2014 को लाइबेरिया से दिल्ली पहुंचे 26 साल के एक भारतीय युवक में इबोला वायरस की पुष्टि हुई थी।

    हालांकि 2020 में एबोला वायरस के भारत या दिल्ली में आने की संभावनाए बहुत कम है क्योंकि यह एक अफ्रीकी वायरस है और यह अभी फिलहाल अफ्रीका के कांगो शहर से दूर एक जगह में ही फैला है और जिस तरह से सभी हवाई गतिविधियां बंद है ऐसे में Ebola Virus Disease के भारत में आने के काफी कम आसार हैं इसलिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी रखने की आवश्यकता है।


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    इबोला वायरस के लक्षण - Symptoms of Ebola Virus in Hindi

    इबोला वायरस के भी ज्यादातर लक्षण कोरोना वायरस से ही मिलते जुलते हैं परंतु डब्ल्यूएचओ ने यह साफ किया है कि कोरोना वायरस और इबोला वायरस में कोई संबंध नहीं है।


    • अचानक बुखार आना, आंखें लाल होना, सर दर्द

    • कमजोरी महसूस होना और मांसपेशियों में दर्द होना,

    • गले में खराश तथा उल्टी एवं डायरिया होना इसके लक्षण है।

    • जिसके बाद अंदरूनी और बाहरी रक्तस्राव से इस बात की पुष्टि की जा सकती है कि व्यक्ति इबोला वायरस से संक्रमित है।

    • अगर यह रक्तस्राव बहुत तेजी से होता है तो संक्रमित व्यक्ति की मौत होने के खतरे में बढ़ोतरी हो जाती है।

    • तथा गुर्दे और जिगर भी खराब हो जाते हैं

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    हालांकि आप इससे बचने के उपाय और सावधानियों को आज़माकर इससे बच सकते हैं।

    एबोला वायरस से कैसे बचे सावधानियां - Prevention

    • इबोला वायरस से बचाव के लिए हमेशा अपने हाथों को साफ रखें और मुंह कान नाक और चेहरे को छूने से बचें।

    • समय-समय पर अल्कोहल आधारित हैंड्रब या फिर साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को धोए।

    • जानवरों के संपर्क में आने से बचें और ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाए रखें।

    • बीमार या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें और मरीज के शरीर के तरल पदार्थ (पसीना, लार) या रक्त से दूषित वस्तुओं से दूर ही रहे और उनके संपर्क में आने से बचें।

    • संक्रमित व्यक्ति के मल, लार के सीधे संपर्क में आने से संक्रमित व्यक्ति के शव को ठीक तरह से व्यवस्थित ना करने पर भी यह रोग फैल सकता है।

    • व्यक्ति को खाना खाने से पहले उसे अच्छी तरह से पकाना चाहिए।

    • अगर आप वायरस प्रभावित क्षेत्र से अभी अभी लौटे हैं तो 21 दिन के भीतर कोई लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह दें और अपनी यात्रा की जानकारी को ना छुपाए।

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    इबोला वायरस की Vaccine या टीका - Treatment in Hindi

    2015 में डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में गिनी में प्रमुख टेस्टिंग के दौरान rVSV-ZEBOV नाम का एक टीका बनाया गया था जो इबोला टीके के नाम से जाना जाता है और यह इस वायरस के खिलाफ काफी ज्यादा प्रभावी माना गया था।

    परंतु इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है और ना ही इसकी कोई दवाई या टीका बनाया जा सका है।


    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप एबोला वायरस क्या है के बारे में जान ही गए होंगे और इसके इबोला के लक्षण (Symptoms) और इलाज (Treatment/Vaccine) की भी जानकारी आपको मिल गई है अगर आपको (Ebola Virus Disease Information in Hindi) की यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने दूसरे दोस्तों के साथ भी फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें ताकि उन्हें Ebola Virus Disease की महत्वपूर्ण जानकारी (Knowledge) मिल सके।

    The End
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