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Cryptocurrency Bill: क्रिप्टो-करेंसी होंगी बैन? भारतीय क्रिप्टो करेंसी लॉन्च?

डिजिटल मुद्रा विनियम विधेयक 2021 के तहत रिजर्व बैंक द्वारा चलाई जा रही क्रिप्टो करेंसी के अलावा सभी प्राइवेट डिजिटल करेंसी भारत में बैन कर दी जाएंगी। आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    Cryptocurrency बिल क्या है? भारत में क्रिप्टो करेंसी बैन होंगी? भारतीय क्रिप्टो करेंसी होगी लॉन्च?

    क्रिप्टो करेंसी बैन इन इंडिया 2021: फरवरी 2021 में सरकार ने सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी को Ban (प्रतिबंधित) कर सरकारी क्रिप्टोकरेंसी लाने की बात कही थी अब इसी साल 29 नवम्बर को शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार 'क्रिप्टोकरेंसी बिल' लाने की तैयारी में है।


    भारत सरकार द्वारा बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी पर पाबंदी लगाने के लिए नए डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 की घोषणा के साथ ही क्रिप्टो बाजार भारत में मुंह के बल गिर गया तथा Bitcoin, Ethereum और Tether समेत सभी बड़ी क्रिप्टो-करेंसी में 15 से 20 फ़ीसदी तक की गिरावट देखी गई।

    Cryptocurrency Bill 2021: भारत में क्रिप्टो करेंसी बैन होंगी?
    Cryptocurrency Bill 2021: भारत में क्रिप्टो करेंसी बैन होंगी?

    किसी भी वित्तीय संस्थान या अथोरिटी या एंटिटी द्वारा काबू न की जा सकने वाली डिजिटल मुद्रा या आभासी मुद्रा या क्रिप्टो करेंसी को अब भारत सरकार काबू करने की कोशिश कर रही है और इसे लेकर एक बिल पास करने की तैयारी में है।

    आइए Cryptocurrency Bill क्या है? क्या भारत में इसे बैन किया जाएगा (Cryptocurrency Ban In India News) तथा भारतीय क्रिप्टो करेंसी कौन सी है? इसके बारे में विस्तार से जानते है।


    क्रिप्टो करेंसी बिल क्या है? (Cryptocurrency Bill 2021 in Hindi)

    क्रिप्टोकरंसी बिल यानी क्रिप्टोकरंसी एवं अधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियम विधेयक 2021 के तहत सरकार और रिजर्व बैंक एक साथ मिलकर एक सरकारी क्रिप्टो करेंसी तैयार करने के फ्रेमवर्क पर काम करने की योजना बना रही है।


    'द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021' के आ जाने से बिटकॉइन (Bitcoin) जैसी सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी को भारत में बैन कर दिया जाएगा।

    हालांकि इसके लिए इस्तेमाल होने वाली ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर अपवाद कायम है भविष्य में इसी टेक्नोलॉजी पर आधारित देश के लिए खुद की एक आधिकारिक डिजिटल करेंसी लॉन्च किए जाने की तैयारी है जिसे 'भारतीय क्रिप्टो करेंसी' कहा जा सकता है।


    इससे पहले भारत में क्रिप्टोकरंसी के इस्तेमाल को लेकर कोई प्रतिबंध या नियमन कि व्यवस्था नहीं थी परन्तु संसद की स्थायी वित्त समिति की क्रिप्टो एक्सचेंज, क्रिप्टो सम्बन्धी काउंसिल तथा पक्षों व अन्य प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग से क्रिप्टोकरेंसी के नियमन की आवश्यकता पर एक आम राय सामने आयी।

    जिसके बाद सरकार द्वारा इसके रेगुलेशन के लिए Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021 को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की घोषणा की गयी।


    नहीं जानते क्या होती है क्रिप्टो करेंसी? यहाँ पढ़े Cryptocurrency क्या है? कैसे काम करती है? (फायदे, नुकसान और बेस्ट क्रिप्टोकरेंसी)

    क्रिप्टो को सरकार क्यों कर रही है बैन (कारण और उद्देश्य) - Bitcoin Ban in India

    भारत में क्रिप्टो करेंसी को बैन करने का कारण बढ़ते ऑनलाइन अपराध, टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी, गैर कानूनी और अवैध गतिविधियों जैसे हथियारों व ड्रग्स की खरीद फ़रोख के लगातार बढ़ते मामलें हैं।


    इस पर किसी सरकार या अथॉरिटी का नियंत्रण न होने से बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर बड़े फायदे का वादा तथा निवेशकों को गुमराह करने वाले विज्ञापन भी चिंता का विषय है। इतना ही नहीं आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसे किसी भी वित्तीय प्रणाली के लिये गंभीर खतरा बताया है।


    भारत सरकार द्वारा सभी निजी डिजिटल करेंसी को बैन कर क्रिप्टो बिल लाने तथा आधिकारिक क्रिप्टो करेंसी को लॉन्च करने का उद्देश्य इसके दुरूपयोग को रोकना तथा इस पर अपना नियंत्रण कायम करने की कोशिश करना और यह सुनिश्चित करना कि यह गलत हाथों में न पड़े।


    क्रिप्टो में निवेश करने वालों का क्या होगा?

    इंडिया में क्रिप्टो करेंसी को बैन करने की न्यूज़ से उन लोगों की चिंताएं बढती नजर आ रही है जिन्होंने इसमें इन्वेस्ट किया है क्योंकि पोपुलर क्रिप्टो के 15% से ज्यादा गिर जाने से फिलहाल उन्हें काफी नुकसान होता नजर आ रहा है परंतु अब भी पैसे और नुकसान को कवर करने की कुछ संभावनाएं है।


    BrokerChoose की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत क्रिप्टो निवेशकों के मामले में सबसे आगे है और Chainalysis की ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में भारत क्रिप्टो निवेश के मामले में दूसरे स्थान पर था।

    वित्त मामलों पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा का कहना है कि कई क्रिप्टो एक्सचेंजों को मिलाकर 1.5 करोड़ KYC उपयोगकर्ता तथा तकरीबन 6 अरब डॉलर का निवेश इसमें किया गया है।

    ऐसे में सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों का मानना है कि इसे लेकर नियम जरूर बनाए जाए लेकिन इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित करना सही नहीं होगा।


    जिस तरह से नोटबंदी के समय पर सभी को नोट बदलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था उसी तरह क्रिप्टोकरंसी के निवेशकों को भी सरकार द्वारा कुछ समय या राहत अवश्य दी जा सकती है। फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।


    किन देशों में क्रिप्टोकरेंसी बैन है?

    भारत के पडोसी देश बांग्लादेश, नेपाल और चीन तथा कई अन्य देशों जैसे नाइजीरिया, इंडोनेशिया, तुर्की, कोलंबिया, रूस, बोलिविया, वियतनाम, एक्वाडोर एवं अल्जीरिया में क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित (Ban) या illegal (अवैध) घोषित किया जा चुका है।


    क्या क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह बैन कर पाना संभव है?

    जानकारों और विशेषज्ञों की माने तो टेक्निकली बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर पाना संभव नहीं है।

    यदि सरकार स्थानीय मुद्रा (जैसे भारतीय रुपए) से क्रिप्टो के लेन-देन पर रोक लगा भी देती है तब भी इसे आभासी तौर पर बैन करने का कोई समाधान नजर आता नहीं दिखाई देता।
    Crypto Trading एक ऑनलाइन प्रक्रिया है और इस पर बैंकों एवं सरकारों का कोई नियंत्रण नहीं है।


    अंतिम शब्द

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब क्रिप्टो बैन करने को लेकर आयी न्यूज़ ने खलबली मचाई हो इससे पहले आरबीआई के बैन को सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी ठहरा कर मार्च 2020 में क्रिप्टो ट्रेडिंग से प्रतिबंध हो हटा दिया था।

    इस बार इसके इस्तेमाल तथा प्रतिबंधन और रेगुलेशन को लेकर सरकार ने नए बिल और सख्त कदम उठाने का फैसला कर लिया है।

    आपके अनुसार क्या भारत सरकार द्वारा निजी क्रिप्टो को बैन करने और इसे लेकर नया बिल लाने का प्रस्ताव सही है? अपनी राय कमेंट में बताएं।

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