विश्व सर्प दिवस 2023: इतिहास और सांपों से जुड़े फैक्ट्स

World Snake Day कब और क्यों मनाया जाता है? जानिए इसका महत्व और इतिहास

वर्ल्ड स्नेक डे 2023: सांपों को लेकर फैली विभिन्न भ्रांतियों और इनकी प्रजातियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) मनाया जाता है।

भारत में सांपों को लेकर लोगों की अलग-अलग अवधारणाएं हैं, जहां एक तरफ नाग पंचमी पर सांप या नाग की पूजा की जाती है तो वहीं दूसरी ओर अपने आस-पास दिखने पर लोग इन्हें खतरा समझकर लाठी-डंडे लेकर मारने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं।

विश्व सर्प दिवस (World Snake Day)
विश्व सर्प दिवस (World Snake Day)

 

कब और क्यों मनाया जाता है विश्व सांप दिवस?

सांपो के बारे में फैली गलतफहमियां और उनकी विभिन्न प्रजातियों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस (वर्ल्ड स्नेक डे) मनाया जाता है।

सांपों की पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने वाले पारिस्थितिक तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ऐसे में यह दिवस लोगों से उनके संरक्षण का आग्रह भी करता है।

सांपों की सभी प्रजातियां जहरीली नहीं होती यह पृथ्वी पर उन जीवों में से है जिनके बारे में सबसे ज्यादा गलतफहमियां फैली हुई है। हमें सांपों को मारने की नहीं बल्कि इनसे सजक होकर रहने की आवश्यकता है।

 

विश्व सर्प दिवस का इतिहास?

लोगों का कहना है कि टेक्सास में वर्ष 1967 में शुरू हुई सांपों से संबंधित एक फर्म ने लोगों के भीतर सांपों से जुड़े भ्रमों को दूर करने के लिए जागरूकता फैलाने की शुरुआत की।

1970 तक यह फर्म काफी मशहूर हो गई और इसके द्वारा 16 जुलाई को इस विषय पर एक विशेष आयोजन किया गया, इसके बाद से यह कई अन्य संस्थाओं तक फैला और धीरे-धीरे आम लोगों बीच भी प्रचलित हो गया। आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे कई देशों द्वारा मनाया जाता है।

 

 

क्यों जरूरी है सांपों का संरक्षण (महत्व)?

दुनिया भर में सांपों की 3000 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती है जिनमें से 600 के करीब ही जहरीले होते हैं।

भारत में इनकी लगभग 300 प्रजातियां है, जिनमें से 50 प्रजातियां ही जहरीली होती हैं और केवल 15 प्रजातियां ही ऐसी हैं जिनके काटने से इंसान की मौत हो सकती है।

लेकिन लोग अक्सर आसपास सांप दिखने पर उसे विषैला मानकर मार देते हैं, ऐसे में इनकी विभिन्न प्रजातियों के बारे में लोगों को बता कर हम सांपों का संरक्षण कर सकते हैं।

यह पारिस्थितिक तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने में योगदान करते हैं।

ये किसानों के अच्छे साथी कहे जा सकते हैं क्योंकि यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े मकोड़ों और चूहों को खा जाते हैं।

 

साँपों के बारे में रोचक तथ्य (Facts About Snake in Hindi)

  • किंग कोबरा जहरीले सांपों में सबसे लंबा सांप होता है।

  • सांप धरती पर पाए जाने वाले सबसे पुराने जीवो में से एक हैं और इनका जिक्र लगभग सभी सभ्यताओं और संस्कृतियों में मिलता है।

  • यह दुनिया के लगभग हर कोने में पाए जाते हैं, चाहे वो बर्फीले पहाड़ हो, घने जंगल हो, महासागर हो या तपता मरुस्थल।

  • ये अधिकतर कीड़े, मकोड़ों चूहों और मेंढक आदि जानवर को अपना शिकार बनाते हैं, बड़े सांप तो हिरण, बंदर और सूअर जैसे जानवरों को भी निगल जाते हैं।

  • दुनिया भर में कुछ लोग इनको पालते भी हैं भारत में इन्हें पालने वाली जनजाति होती हैं। हालांकि अब इन्हें पकड़ना, पालना दोनों ही कानूनन अपराध है।

  • किंग कोबरा एकमात्र ऐसी प्रजाति है जो अंडे देने के लिए घोंसला बनाती है इसके अलावा रसैल वाईपर जैसे कुछ साँप अंडों की बजाय सीधा सपोले को जन्म देते हैं।

  • इनकी सूंघने की क्षमता काफी तेज होती है, ये अपनी जीभ से सूंघते हैं, इसीलिए अक्सर जीभ बाहर निकालते हैं।

  • इनके कान नहीं होते लेकिन उनके जबड़े की निकली हड्डी में पानी या धरती की सतह के करीबी साउंड वेव को पहचानने की क्षमता होती है।

 

कैसे मनाया जाता है वर्ल्ड स्नेक डे?

सांप दिवस के अवसर पर लोगों के बीच (खासकर उन इलाकों में जहां सबसे अधिक सांप पाए जाते हैं) में जाकर लोगों को इनसे बचने और सतर्क रहने के बारे में में जागरूक किया जाता है और इनके संरक्षण का आग्रह किया जाता है।

विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) के दिन दुनिया भर में वन्य प्रेमी सांपों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हे प्यार जताने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

यह देखें: 2023 के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की सूची

 

साँपों से जुड़े लोगों के बीच फ़ैले कुछ मिथक (Myth)

भारत में सांपों को लेकर कई फिल्में और कहानियां प्रचलित है जो अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं इनमें अक्सर इन्हें बदला लेते, बीन की धुन पर झूमते, दूध पीते, इच्छाधारी सांप को इंसान बनते या नागमणि निकालते हुए दिखाया जाता है, जो अब तक बस एक कल्पना से बढ़कर कुछ नहीं है।

इंसानों को लगता है कि सांप उनके दुश्मन है और उन्हें देखते ही काट लेंगे, लेकिन सच तो यह है कि जितना हम इनसे डरते हैं उतना ही ये भी हमसे डरते हैं, और खतरा महसूस होने पर अपने बचाव के लिए ही किसी पर हमला करते या उसे काटते हैं।

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