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धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का महत्व क्या है? इससे जुड़ी कुछ ख़ास बाते

    Dhanteras: धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का महत्व और पूजा तथा Broom से जुड़ी कुछ अन्य जरूरी बातें

    Dhanteras Jhadu Puja: धनतेरस का त्यौहार इस साल 02 नवम्बर को मनाया जा रहा है, ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान धनवंतरी (Dhanwantari) का जन्म हुआ था इसीलिए धनतेरस के दिन धनवंतरी के साथ-साथ लक्ष्मी जी की पूजा भी की जाती है। साथ ही इस दिन झाड़ू (Broom) खरीदने को लेकर भी बहुत सी मान्यताएं हैं।

    क्या आप भी धनतेरस पर झाड़ू खरीदते है या इस धनतेरस पर झाड़ू खरीदने जा रहे हैं तथा आपको यह नहीं पता कि धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं? इसका महत्व क्या है? तो आज के इस लेख में आपको झाड़ू खरीदने एवं इसके इस्तेमाल करने से जुड़ी सभी जानकारी मिलेगी।

    धनतेरस पर चाहे आपको कोई सोना-चांदी या वाहन, बर्तन इत्यादि ना खरीदते दिखे परंतु आप आपको सभी के हाथों में झाड़ू अवश्य दिख जाएगी धनतेरस के दिन अन्य वस्तुओं के साथ झाड़ू खरीदना भी एक अनोखी परंपरा है।

    dhanteras par jhadu ka mahatva
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    आज हम आपको धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का महत्व (Mahatav), धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना चाहिए या नहीं, झाड़ू किस दिन खरीदना चाहिए? इन सभी के बारे में बताने वाले हैं।


    धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं? खरीदने का महत्व

    झाड़ू घर के साफ सुथरा रखने के काम आती है और जहां साफ सफाई होती है वहां सुख समृद्धि आती है ऐसे में सांकेतिक महत्व के तौर पर धनतेरस के दिन झाड़ू खरीद कर आप पूरे साल अपने घर को साफ-सुथरा रख सकते हैं।

    मत्स्य पुराण की मान्यताओं के अनुसार झाड़ू माता लक्ष्मी का ही रूप है साथ ही झाड़ू लगाने से दरिद्रता का नाश तो होता ही है। और बार-बार ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा भी समाप्त होती जाती है तथा यह भी माना जाता है कि इससे ऋण से मुक्ति भी मिल जाती है।


    हिंदू धर्म में धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने का एक विशेष महत्व है अगर हिंदू मान्यताओं की मानें तो धनतेरस वाले दिन झाड़ू खरीदना शुभ होता है, झाड़ू में माँ लक्ष्मी जी वास करती है और धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से पैसे की तंगी से छुटकारा मिलता है और धनवान बनने का सपना भी धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से पूर्ण हो सकता है पौराणिक शास्त्रों की माने तो झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतिरूप कहा गया है।



    दोस्तों अपने झाड़ू के महत्व को तो समझ लिया लेकिन धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद उसके कुछ नियम भी होते हैं या आप इसे झाड़ू की पूजा भी कह सकते हैं आइए आपको धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद क्या करें इसके बारे में भी बताते हैं।

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    धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के बाद क्या करें?

    धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखें कि आप इस दिन एक साथ तीन झाड़ू खरीदे यह अच्छा शगुन माना जाता है, साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि आप जोड़े में झाड़ू ना खरीदे जैसे दो या चार आदि।

    धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के बाद मां लक्ष्मी को घर में स्थिर बनाए रखने के लिए आपको सबसे पहले खरीदी गई झाड़ू के ऊपरी भाग (हैंडल) पर एक सफेद रंग का धागा बांध देना चाहिए।

    धनतेरस से पहले खरीदी गई झाड़ू को दिवाली के दिन सूर्योदय से पहले मंदिर में दान करने से घर में लक्ष्मी का निवास और सुख-शांति बनी रहती है।


    आइए अब आपको झाड़ू के कुछ नियम बताते हैं झाड़ू किस दिन खरीदनी चाहिए पुरानी झाड़ू कहां फेंके शुक्रवार और शनिवार को झाड़ू खरीदना चाहिए या नहीं


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    झाड़ू से जुड़े अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (Broom Related FAQs)


    किस दिन झाड़ू नहीं खरीदनी चाहिए?

    हिंदू धर्म के अनुसार शनिवार रविवार और मंगलवार को झाड़ू भूल कर भी नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों में झाड़ू खरीदने से आपके घर में विसंगति फुट और कलह का वातावरण उत्पन्न होता है।


    पुरानी झाड़ू किस दिन फेंके?

    टूटी फूटी झाड़ू ज्यादा दिन घर में रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, ऐसे में झाड़ू को घर से हटाने का सबसे अच्छा दिन अमावस्या का होता है। इस दिन आप टूटी या खराब हो चुकी झाड़ू को घर से बाहर निकाल सकते हैं। ध्यान रहे कि गुरुवार और शुक्रवार के दिन झाड़ू को बाहर ना फेंके इस दिन झाड़ू बाहर फेंकने से माता लक्ष्मी का अपमान होता है।


    झाड़ू कितने प्रकार की होती है?

    झाड़ू मुख्यतः 3 प्रकार की होती है। मोर पंख की बनी झाड़ू मंदिरों में झाड़-फूंक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, तो वहीं कुश की झाड़ू का प्रयोग तंत्र शक्तियों एवं पूजा स्थलों पर किया जाता है। हालांकि फूल झाड़ू का प्रयोग घर को साफ करने एवं दरिद्रता का नाश करने के लिए किया जाता है।


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    झाड़ू और द्रौपदी की शादी की कथा

    महाभारत की जानकारी रखने वाले द्रोपदी के बारे में अवश्य जानते होंगे आपको बता दें कि महाभारत काल में भी जब द्रोपदी की शादी में विभिन्न अड़चनें आ रही थी, और उनका विवाह नहीं हो पा रहा था तब महाभारत काल में झाड़ू से पूरे राज महल को झाड़ा गया जिसके बाद ही द्रोपदी का विवाह अर्जुन से हो सका।

    ऐसे में झाड़ू शुभ चीजों का संकेत बन गया और लोग इससे अच्छा मानने लगे।


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    झाड़ू के बारे में जरूरी बातें

    1. झाड़ू को हमेशा ढककर या किसी जगह छुपा कर रखना चाहिए जहां पर किसी की नजर ना पड़े। झाड़ू को छुपा कर रखने से आप सदैव अपने दुश्मनों से बचे रहते हैं।

    2. हिंदू धर्म के अनुसार रात के समय घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए।

    3. इसे कभी भी खड़ा करके ना रखें माना जाता है कि झाड़ू खड़ा करके रखने से आपके शत्रु आपके लिए बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं।

    4. झाड़ू को हमेशा उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।

    5. झाड़ू पर कभी भी पैर ना मारे ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं।

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    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदें तथा धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का महत्व और पूजा (Puja) के बारे में समझ गए होंगे साथ ही आपको किस दिन झाड़ू नहीं खरीदनी चाहिए और कौन से दिन खरीदनी चाहिए इन सभी के बारे में जानकारी मिल गई होगी।

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