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🇮🇳 शहीद दिवस 2021: Martyr's Day India (All Dates)

    Martyr's Day 2021 Date: शहीद दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है जानिए इतिहास

    Shaheed Diwas 2021 Date India: जब कोई देश के लिए शहीद होता है तो वह अमर हो जाता है, भारत में शहीद दिवस उन वीर सपूतों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, शहीद दिवस उन वीर जवानों की गौरव गाथा को दर्शाता है जो देश के लिए शहीद हो गए।

    इन भारत माता के लालों की शहादत को याद करने का दिन है शहीद दिवस (Martyr's Day)।

    Bhagat Singh Rajguru Sukhdev Shaheed Diwas
    Bhagat Singh Rajguru Sukhdev Shaheed Diwas

    कब मनाया जाता है शहीद दिवस (Martyr's Day in India)

    भारत में शहीद दिवस हर साल 30 जनवरी को महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है।

    30 जनवरी के अलावा 14 फरवरी को पुलवामा हमलें में शहीद जवानों, 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव को फांसी दिए जाने, 13 जुलाई को कश्मीर में मारे गए लोगों, 21 अक्टूबर को लद्दाख में शहीद हुए पुलिसकर्मियों, 17 नवंबर को लाला लाजपत राय जी की पूण्यतिथि और 19 नवंबर को झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    क्योंकि इस दिन देश के कई देशभक्तों ने अपनी जान देश पर न्योछावर की थी। भारत में इन विभिन्न तिथियों को भी शहीद दिवस (मार्टियर्स डे) के रूप में Celebrate किया जाता हैं।


    30 जनवरी शहीद दिवस (महात्मा गाँधी जी की पूण्यतिथि)

    30 January - Mahtma Gandhi Death Anniversary: भारत के इतिहास में 30 जनवरी 1948 का दिन काफी दुखद समाचार लेकर आया था, इसी दिन देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी जी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।

    देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है उन्हें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।


    14 फरवरी - पुलवामा शहीद दिवस (Pulwama Martyrs Day)

    14 February Pulwama Shaheed Diwas: साल 2019 में 14 फरवरी का दिन भारत के इतिहास का सबसे काला दिन था, जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के जवानों पर ग्रेनेड से किए गए आतंकी हमले में 39 जवान शहीद हो गए थे।

    14 फरवरी 2020 को पहली बार पुलवामा शहीद दिवस मनाया गया और देश के अमर जवानों को याद किया गया।


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    23 मार्च - भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव शहीद/बलिदान दिवस

    23 March Balidan Diwas: शहीद-ए-आजम कहलाए जाने वाले 'भगत सिंह' और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को ही अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दे दी थी, बताया जाता है कि उन्हें जेल से भागने और बम फोड़ने के बाद भी भागने का मौका मिला था परंतु वह देश के लिए अपनी जान देकर दूसरे युवाओं और दूसरे लोगों में आजादी के प्रति प्रेरणा भरना चाहते थे।


    उनकी फांसी तय किए गए समय से 11 घंटे पहले ही दे दी गई आपको बता दें कि भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को 24 मार्च 1931 के दिन फांसी होनी थी लेकिन उन्हें 23 मार्च को ही फांसी पर लटका दिया गया।


    23 March Martyrs Day photos
    23 March Martyrs Day photos

    13 जुलाई शहीद दिवस - Jammu & Kashmir Martyrs Day

    13 July Shahid Diwas: 13 जुलाई 1931 के उस दिन को याद करके जम्मू और कश्मीर के लोग आज भी सहम जाते हैं, इस दिन के इतिहास की बात करें तो साल 1931 में उस समय के महाराज हरि सिंह के खिलाफ अफगान के अब्दुल कादिर ने लोगों को हिंदू और मुसलमानों में भेदभाव पर भड़काया और जवाबी कार्रवाई करने पर अफगानी अब्दुल को बंधक बना लिया गया।

    इसके बाद मुसलमान अब्दुल को रिहा करने के समर्थन में उतरे और श्रीनगर की सेंट्रल जेल के बाहर प्रदर्शन और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करने लगे जिसके बाद शाही सैनिकों द्वारा 22 लोगो की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

    इन 22 लोगों की मौत को याद करने के लिए कश्मीर में 13 जुलाई को शहीद दिवस मनाया जाता है।


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    21 अक्टूबर पुलिस शहीद दिवस

    21 October Police Shahid Diwas: भारतीय इतिहास में 21 अक्टूबर 1959 का दिन हमें लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए भारतीय पुलिस की एक टुकड़ी के जवानों के बलिदान की याद दिलाता है। इस दिन देश के वीरों की याद में पुलिस शहीद दिवस (Police Martyrs Day) पर परेण का आयोजन किया जाता है।


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    17 नवंबर - लाला लाजपत राय शहीद दिवस

    17 November Lala Lajpat Rai Martyrdom Day: लॉयन ऑफ पंजाब कहे जाने वाले लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि के अवसर पर ओडिशा में 17 नवंबर को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, आपको बता दें कि लाला लाजपत राय ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। और वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे।


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    19 नवंबर - रानी लक्ष्मीबाई शहीदी दिवस

    19 November Rani Lakshmi Bai Shaheedi Diwas: झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 की क्रांति में अपने जीवन का बलिदान दे दिया था और 19 नवंबर को उनके जन्म दिवस के दिन ही झांसी (मध्य प्रदेश) में शहीद दिवस मनाया जाता है। और वीर मन्नू को याद किया जाता है, उन्हें याद करते समय बस यही बात याद आती है 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी'।


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    कैसे मनाया जाता है शहीद दिवस (Tribute on Martyrdom Day)

    शहीद दिवस के दिन हर साल देश में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, तीनों सेना के प्रमुख तथा रक्षा मंत्री शहीदों की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, साथ ही भारतीय सेना के जवान भी शहीदों की समाधि पर मौजूद होते हैं और उन्हें सम्मान देते हुए अपने हथियारों को झुकाते हैं।

    इसके साथ ही देश की मिट्टी के लिए अपनी जान देने वाले शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण किया जाता है।


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    स्कूलों और विश्वविद्यालयों में भी शहीद दिवस पर इन खास तिथियों पर उन्हें याद किया जाता है और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है तथा इन वीर सपूतों की शहादत के बारे में बच्चों को भी बताया जाता है।


    अंतिम शब्द

    तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि भारत में शहीद दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है तथा इसके साथ ही आपको शहीदों को किस तरह से श्रद्धांजलि दी जाती है तथा इनके इतिहास के बारे में भी जानकारी मिल गई होगी, अगर आपको Shaheed Diwas (Martyrs Days in India) की यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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