2 अक्टूबर को गांधी जयंती क्यों मनाते है? राष्ट्रपिता का जीवन परिचय और फैक्ट्स

Gandhi Jayanti 2023: गाँधी जयंती कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है? बायोग्राफी

Mahatma Gandhi Jayanti 2023: हर साल 2 अक्टूबर को देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई जाती है। इस साल 2023 में 02 अक्टूबर को सोमवार के दिन पूरा देश गांधी जी की 153वीं जयंती मना रहा है, 2019 में उनकी 150वीं जयंती मनायी गयी थी। यह एक राष्ट्रीय पर्व और अवकाश है।

राष्ट्र पिता की उपाधि मिलने के कारण गांधी जी को ‘बापू’ भी कहा जाता है तथा उनके जन्मदिन (Birthday) को देश के स्कूलों और दफ्तरों में बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है और कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। मोहनदास करमचंद्र गाँधी अहिंसा के पुजारी थे तथा वे अहिंसा को ही अपना परम धर्म मनाते थे।

2 अक्टूबर को गांधी जयंती क्यों मनाई जाती है
2 अक्टूबर को गांधी जयंती क्यों मनाई जाती है?

आइए अब गाँधी जी के बर्थडे पर आपको 2 अक्टूबर क्यों मनाया जाता है? गांधी जयंती कब और क्यों मनाते हैं? तथा महात्मा गाँधी का जीवन परिचय (बायोग्राफी) और कुछ रोचक तथ्य (फैक्ट्स) के बारे में बताते है।

 

2 अक्टूबर को गांधी जयंती क्यों मनाई जाती है?

हर साल 2 अक्टूबर को भारत के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी जी की जन्म जयंती देश भर में बड़े ही आदर और सम्मान के साथ मनाई जाती है, उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था वे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अहिंसा के दम पर भारत को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

आज भी गांधी जी को सम्पूर्ण संसार में उनके अहिंसात्मक आंदोलनों के लिए जाना जाता हैं, उनके अहिंसा के पुजारी होने के कारण ही प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को उनकी जयंती के उपलक्ष में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day Of Non Violence) मनाया जाता है।

गांधी जी का देश को आजाद कराने में काफी अहम योगदान रहा, वे भारत के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। 2 अक्टूबर को उनकी जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस उन्हें सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।


यहाँ देखें: {फोटो} गाँधी जी के प्रेरणादायक विचार

 

गांधी जयंती का महत्व (Importance of Gandhi Jayanti in Hindi)

गांधी जी हमेशा अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चला करते थे और अहिंसा परमो धर्म: का ही अनुसरण किया करते थे। क्योंकि उन्होंने हिंसा के परिणाम को काफी नजदीक से देखा और इसका अनुभव किया था।

ऐसे में हमें उनसे सदैव सत्य बोलना एवं अहिंसा के मार्ग पर चलना सीखना चाहिए, साथ ही वह यह भी कहा करते थे कि बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, और बुरा मत कहो।

इसके अलावा वे मन में बदले की भावना लेकर चलने वाले लोगों के लिए कहा करते थे कि

यदि आंख के बदले आंख मांगी जाएगी तो…
एक दिन पूरी दुनिया ही अंधी हो जाएगी।

ऐसे में हमें गांधी जयंती के महत्व को समझना चाहिए और सदैव दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए अहिंसा का सहारा लेना चाहिए और सभी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान को शांति और अहिंसा से निकालने का प्रयास करना चाहिए ताकि एक बेहतर कल का निर्माण किया जा सके।

 

Gandhi Jayanti कैसे मनाई जाती है? कार्यक्रम (Mahatma Gandhi Birthday Celebration 2023)

2 अक्टूबर के दिन गांधी जयंती के अवसर पर लोग नई दिल्ली में स्थित उनकी समाधि राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस दिन दिल्ली समेत भारत के कई राज्यों में राष्ट्रीय अवकाश रहता है, तथा उनकी समाधि ‘राजघाट’ पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की उपस्थिति में श्रद्धांजलि का आयोजन होता है। तथा स्‍कूलों और दफ्तरों में भी गांधी जयंती का उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

इस मौके पर देश के विभिन्न नेताओं एवं देशवासियों द्वारा ट्विटर एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

उन्हें श्रद्धांजलि एवं उनके समृति के लिए उनके सबसे पसंदीदा और भक्ति गीत ‘रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम’ गाया जाता है। एवं प्रार्थना सभाओं में प्रार्थनाएं की जाती है और स्मारक समारोहों के जरिए भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। हमें गांधी जी की जयंती को ‘स्वच्छता ही सेवा’ नारे (Slogan) के साथ मनाना चाहिए।


Gandhi Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Hindi
Gandhi Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Hindi

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार फोटोस

 

महात्मा गाँधी जी की बायोग्राफी/जीवनी (About Mahatma Gandhi In Hindi)

महात्मा गाँधी के बारे में जानकारी:
नाम:मोहनदास करमचंद गांधी
उपाधि:महात्मा/राष्ट्रपिता
जन्म:2 अक्टूबर 1869, पोरबन्दर (गुजरात)
पत्नी:कस्तूरबा गांधी
पिता का नाम:करमचंद गाँधी
माता का नाम:पुतलीबाई
शिक्षा:बैरिस्टर
मृत्यु:30 जनवरी 1948, नई दिल्ली (भारत)

 

गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात में स्थित पोरबंदर में हुआ था, महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था उनकी माता का नाम पुतलीबाई तथा पिता का नाम करमचंद गांधी था।

उनका विवाह 13 साल की कम उम्र में ही 14 साल की कस्तूरबा के साथ कर दिया गया था और उनकी चार पुत्र संताने थी।

अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे लॉ (कानून) की पढ़ाई करने और Barrister बनने लन्दन चले गए। और वहाँ उन्होंने Law (कानून) की पढ़ाई Complete करके बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त की।

 

कैसें बने अहिंसा के पुजारी:

जब उन्हें दक्षिण अफ्रीका में कानून का अभ्यास करने का अवसर मिला और वे दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर गए तो वहां उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका में जब वह प्रथम श्रेणी की टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रहे थे तो कुछ अंग्रेजों ने उन्हें रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे से बाहर निकाल दिया।

जिसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीयों के लिए भी संघर्ष किया और इसी दौरान उन्होंने 1899 में हुए एंग्लो बोएर युद्ध में एक स्वास्थ्य कर्मी के तौर पर कार्य किया तथा इस युद्ध की भयानक तस्वीर देखी जिसके बाद उन्होंने हिंसा के खिलाफ खड़े होने का प्रण लिया और अहिंसा के रास्ते को अपनाया और ‘अहिंसा के पुजारी’ बन गए।

और जब वे भारत वापस लौटे तो उस समय देश की स्थिति काफी खराब थी जिससे वह बहुत प्रभावित हुए। और आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए तथा उन्होंने अहिंसा का सहारा लिया और देश की स्वतंत्रता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।

उन्होने स्वतंत्रता संग्राम में कई आन्दोलनों में हिस्सा लिया गांधी जी के प्रयासों के चलते ही आज हमारा देश स्वतंत्र है।

उन्होंने अहिंसा के दम पर देश (भारत) को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी। बापू को देश की आजादी के लिए कई बार जेल भी जाना पड़ा था।

देश की आजादी के कुछ महीनों बाद ही 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

 

स्वतंत्रता के लिए गांधीजी की अगुवाई में कुछ महत्वपूर्ण आन्दोलन

महात्मा गाँधी जी द्वारा महत्वपूर्ण आन्दोलन:
S.No.आंदोलनवर्षस्थान
1.चंपारण आंदोलन1917चंपारण (बिहार)
2.खेड़ा आंदोलन1918खेड़ा (गुजरात)
3. खिलाफत आंदोलन1919
4.असहयोग आन्दोलन1920
5.भारत छोड़ो आन्दोलन1942
6.सविनय अवज्ञा आन्दोलन1930

 

 

महात्मा गांधी से जुड़ी 10 रोचक बाते (Facts About Mahatama Gandhi in Hindi)

  • 1. महात्मा गांधी ने लंदन से कानूनी बैरिस्टर की डिग्री तो हासिल की, लेकिन उन्हे मुंबई के उच्च न्यायालय में हुई पहली बहस में असफलता हाथ लगी।

  • 2. Apple के Founder स्टीव जॉब्स Gandhi Ji को सम्मानित करने के लिए खुद भी उनके जैसा गोल चश्मा पहनते थे।

  • 3. भारत में 50 से भी अधिक सड़को का निर्माण गांधी जी के नाम पर किया गया है। भारत ही नही विदेशों में भी लगभग 60 सड़के गांधी जी के नाम पर बनी हुई है।

  • 4. महात्मा गांधी को 5 बार नोबेल पुरस्कार के लिए Nominate किया गया लेकिन उन्हे 1 बार भी Nobel prize से सम्मानित नही किया गया है।

  • 5. गाँधी जी रोज लगभग 18 किलोमीटर पैदल चला करते थे।

  • 6. बापू के जन्मदिन को दुनिया भर में ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 15 जून 2007 को की गई थी।

  • 7. भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं और उन्होंने गांधी जयंती को मात्र एक छुट्टी का दिन नहीं बल्कि इसे ‘स्वच्छता अभियान’ के रूप में मनाने का अनुरोध किया है।

  • 8. गांधी जी को वर्ष 1930 में अमेरिका की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन में साल का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति (Person of the Year) खिताब से सम्मानित किया जा चुका है।

  • 9. गांधी जी को ‘महात्मा’ की उपाधि रविंद्र नाथ टैगोर ने तथा ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि सुभाष चंद्र बोस जी ने दी थी।

  • 10. बापू की मृत्यु के बाद जब उनकी शव यात्रा निकली तो वह करीबन 8 किलोमीटर लंबी थी।

 

2 अक्टूबर को क्या है?

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ ही लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी मनाई जाती है। तथा 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की घोषणा के बाद से ही गांधी जी की जयंती को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

तो वहीं भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अनुरोध पर यह दिन राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।

 

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि किस दिन होती है?

प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि होती है, जिसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1948 में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।


HaxiTrick.Com की तरफ से आप सभी को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामानाएं।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *