सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है, क्यों हुआ बैन और कैसे पहुंचाती है नुकसान

    Single Use Plastic Banned In India From 2 October 2019: Gandhi Jayanti In Hindi

    सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है, क्यों हुआ बैन और कैसे पहुंचाती है नुकसान जाने इस से जुड़ी रोचक बातें

    Single Use Plastic Banned In India - 2 October 2019 Hindi: सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल में हमें आसानी होती है। लेकिन इसका हमारे सेहत के साथ-साथ पर्यावरण पर काफी बुरा असर पड़ता है।

    • उदाहरण: प्लास्टिक के कप, थैलियां, प्लेट, छोटी बोतलें, स्ट्रॉ और पाउच आदि

    • क्यूँ होता है इस्तेमाल: इसका Production सस्ता है, इसलिए इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है।

    • नुकसान: प्रति वर्ष करीबन 11 लाख समुद्री जानवरों और पक्षियों की प्लास्टिक की वजह से मौत हो जाती है।

    इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन लगाने का ऐलान किया था और इसे 2 अक्टूबर यानी कि गांधी जयंती की 150वीं जयंती के शुभ अवसर पर लागू करने को कहा था।

    यह समय उन लोगों के लिए पर्याप्त था जिनके पास पहले से सिंगल यूज प्लास्टिक उपलब्ध था लेकिन 2 अक्टूबर के बाद से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद होने जा रहा है।

    सरकार इस तरह की प्लास्टिक पर इसलिए Ban लगा रही है क्योंकि इसके इस्तेमाल से पर्यावरण और मनुष्यों पर हानिकारक प्रभाव होते है। हालांकि यह इस्तेमाल में काफी आरामदायक होते है, लेकिन पृथ्वी पर मौजूद प्राणीयों पर इसका बुरा असर पड़ता है।
    Single Use Plastic Kya Hai Banned In India 2 October 2019 Hindi
    Single Use Plastic Kya Hai Banned In India 2 October 2019 Hindi

    आइए आज जानते हैं कि सिंगल यूज प्लास्टिक क्या होती है, इसके खतरनाक परिणाम क्या हैं और इसकी जगह किन चीजों को इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है | What Is Single Use Plastic In Hindi

    अगर सिंगल यूज प्लास्टिक की बात करें तो इसका हिन्दी मिनिंग एक ही बार इस्तेमाल करने लायक प्लास्टिक होता है। इसका मतलब यह हुआ की इसे Recycle नही किया जा सकता जिससे उसके कचरे की मात्रा पृथ्वी पर लगातार बढ़ती जा रही है जो मनुष्य जीवन तथा प्राणियों जीव जंतुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

    उदाहरण: प्लास्टिक के कप, प्लेट, प्लास्टिक की थैलियां (पन्नी), छोटी बोतलें, स्ट्रॉ और कुछ पाउच Single Use Plastic के उदाहरण हैं।

    सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बने प्रोडक्ट की लागत काफी कम होती है जिससे वे सस्ते होते हैं। जिस वजह से उनका इस्तेमाल मार्केट में बहुत तेजी से हो रहा है इन्हे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है क्यूंकि ये दोबारा इस्तेमाल करने लायक नहीं होते।

    इस तरह की प्लास्टिक को सस्ते होने के कारण फेंक तो दिया जाता है लेकिन इसके निपटान में काफी पैसा खर्च होता है उसके बाद भी यह है पूरी तरह से नष्ट नहीं होते इन्हें नष्ट होने में वर्षों लग जाते हैं।

    सिंगल यूज़ प्लास्टिक के नुकसान | कितनी खतरनाक:

    • इस तरह की प्लास्टिक में मिले रसायन तत्व का मनुष्यों और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डालते है।

    • इनमें मिले केमिकल बारिश के पानी के साथ जलाशयों में भी मिल जाते है, जो काफी खतरनाक हो सकता है।

    • प्लास्टिक की वजह से ही मिट्टी का कटाव काफी होता है।

    • प्लास्टिक की थैलियों में खाने का सामान फेंके जाने पर जानवर उसे थैली समेत ही निगल जाते है जो जानलेवा साबित हो सकता है।

    • इसमें गर्म पेय और खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से कैंसर जैसे भयानक रोग होने का खतरा होता है।

    ये है प्लास्टिक से जुड़े हैरान करने वाले तथ्य:

    1. दुनिया भर में हर मिनट लोग करीब 10 लाख प्लास्टिक की बोतल खरीदते हैं।

    2. जितनी प्लास्टिक Use होती है, उसका करीब 91% भी Recycle नहीं होता।

    3. एक अनुमान के अनुसार, हर वर्ष पूरी दुनिया में करीब 40,000 करोड़ प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल होता है। जिसमें से केवल 1% थैलियों की Recycle हो पाती है।

    4. प्रतिदिन विश्व भर में करीबन 5 लाख स्ट्रॉ का इस्तेमाल किया जाता है।

    5. हर दिन तकरीबन 500 अरब Plastic cups का यूज़ होता है।

    6. एक Report के अनुसार, प्रत्येक वर्ष लगभग 11 लाख समुद्री जीव जंतुओं, पशु-पक्षियों और जानवरों की प्लास्टिक की वजह से दर्दनाक मृत्यु हो जाती है।

      इसके साथ ही 90 प्रतिशत मछलियों तथा पक्षियों के पेट में प्लास्टिक पाई गई है।

      दरअसल प्लास्टिक छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटकर समुद्र के अंदर रहती है। जब समुद्र के अंदर भोजन की तलाश में मछलियां और अन्य समुद्री जानवर जाते हैं तो वे गलती से इसका सेवन कर जाते हैं।

      एक रिसर्च के मुताबिक, करीब 700 समुद्री जीव प्लास्टिक प्रदूषण के कारण लुप्त होने की कगार पर हैं।

    7. जानवर और समुंद्री जीव ही नहीं इंग्लैंड के शोधकर्ताओं की रिसर्च के अनुसार यह पाया गया है कि एक इंसान औसतन हर साल 70 हजार माइक्रोप्लास्टिक का सेवन कर जाता है।

    प्लास्टिक की बजाय इन चीजों का करें इस्तेमाल:

    1. प्लास्टिक की पानी के बोतलों के स्थान पर कॉपर, शीशे, धातु, या फिर सेरामिक की बनी बोतलों का यूज़ करें। ये मार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं।

    2. प्लास्टिक के कप की बजाय दोबारा इस्तेमाल होने वाले कप का उपयोग करें। आप चाहे तो कागज या मिट्टी के बनें प्यालों का इस्तेमाल भी कर सकते है।

    3. प्लास्टिक की थैली की बजाय जूट या कागज की बनी थैली का इस्तेमाल किया जा सकता हैं।

    4. प्लास्टिक की चाकू के स्थान पर आप Stainless Steel से बानी चाकू इस्तेमाल कर सकते हैं।

    5. Plastic की चम्मच के स्थान पर लकड़ी की चम्मच का इस्तेमाल किया जा सकता है जो मार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं।


    अन्तिम शब्द | Plastic Banned In India From 2nd October

    Friends अब तो आपको Single Use Plastic Kya Hai Banned In India 2 October 2019 Hindi के बारे में मालूम चल गया होगा की प्लास्टिक को भारत में बैन क्यों किया जा रहा है। और इसे बैन करना कितना जरूरी है।

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    सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है, क्यों हुआ बैन और कैसे पहुंचाती है नुकसान सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है, क्यों हुआ बैन और कैसे पहुंचाती है नुकसान Reviewed by HaxiTrick on Tuesday, October 01, 2019 Rating: 5

    सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है, क्यों हुआ बैन और कैसे पहुंचाती है नुकसान जाने इस से जुड़ी रोचक बातें, Single Use Plastic Kya Hai Banned In India From 2nd October 2019 Hindi

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