-->

AQI Full Form: एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या है? (Check Air Quality in Hindi)

AQI की Full Form Air Quality Index होती है जिसे हिंदी में वायु गुणवत्ता सूचकांक कहा जाता है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) हवा की गुणवत्ता को मापने क आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    Air Quality Index 2020: AQI Full Form in Hindi, Check Pollution Level App

    Air Quality Index Delhi: भारत की राजधानी दिल्ली हर बार की तरह इस बार भी पर्यावरण प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, लेकिन इस बार पानी सिर से ऊपर जा चूका है।

    दिल्ली में अक्टूबर और नवम्बर महीने में हर वर्ष प्रदूषण की स्थिति तो बिगड़ती ही है। लेकिन इस बार के प्रदुषण (Smog) ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए है, इस बार प्रदूषण मापने का पैमाना भी छोटा पड़ता दिखाई दे रहा है।

    बीते दिनों प्रदुषण का स्तर इतना भयावह था की इसने प्रदुषण मापने के स्केल को ही पार कर दिया इससे आप समझ सकते है दिल्ली एनसीआर के इलाके कितनी भयंकर स्थिति से गुजर रहे है।

    Air Quality Index in Hindi
    Air Quality Index in Hindi

    आइए अब यह जानते है AQI Meaning in Hindi, दिल्ली में Pollution का कारण, प्रदुषण को मापने वाले मीटर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) से प्रदुषण लेवल कैसे चेक करें?


    वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या है? AQI Full Form in Hindi

    AQI की Full Form Air Quality Index होती है जिसे हिंदी में वायु गुणवत्ता सूचकांक कहा जाता है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) हवा की गुणवत्ता को मापने का पैमाना है। जो हवा की क्वालिटी को मापने के लिए बनाए गए हैं।


    वायु (Air) की गुणवत्ता को मापने (Measurement) के लिए विश्व के विभिन्न देशों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) बनाये गये हैं। AQI को हवा में मौजूद 8 प्रदूषको (NO2, SO2, CO, O3, NH3, Pb और PM10, PM2.5) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), कार्बन मोनोऑक्साइड(CO) और सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) की मात्रा को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) द्वारा तय किए गए मापदंडो के अनुसार क्रमबद्ध किया गया है।

    इसे 6 केटेगरी में बाँटा गया है: अच्छी, संतोषजनक, थोड़ा प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर।


    Air Quality Index Pollution Level

    सभी देशों में यह अलग-अलग पैमानों से आँका(Measure) जाता है, भारत में इसे राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कहते है, तो वहीं मलेशिया में वायु प्रदूषण सूचकांक, कनाडा में वायु गुणवत्ता स्वास्थ्य सूचकांक, और सिंगापुर में प्रदूषक मानक सूचकांक का प्रयोग किया जाता है।


    यह भी पढ़े: स्मॉग क्या है? कैसे बनता है, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और इससे बचने के उपाय

    PM 2.5 और PM 10 क्या है?

    यहाँ PM की फुलफॉर्म 'पर्टिकुलेट मैटर' (Particulate Matter) है इसे कण प्रदूषण (Particle Pollution) भी कहा जाता है। 2.5 माइक्रोमीटर या इससे कम वाले कण PM2.5 और 10 माइक्रोमीटर या इससे कम वाले कण PM10 के अंदर आते है।

    यह वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों के मिश्रण से बनता है, हवा में मौजूद यह कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि आप इन्हें नंगी आंखों से नहीं देख सकते।

    इन्हें देखने के लिए आपको इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का उपयोग करना पड़ सकता है, इन्ही कणों (Particles) में PM 2.5 और PM 10 मिले होतें हैं।


    दिल्ली जैसे शहरों में वायु प्रदूषण को इतना खरतनाक बनाने में PM 2.5 और PM 10 कणों की मुख्य भूमिका है, जब इनका स्तर पर्यावरण में मौजूद हवा में बढ़ता है तो लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आँखों में जलन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


    एयर क्वालिटी कैसे चेक करें? (Air Quality Index Table)

    S.No.AQI RangeRating
    1.(0-50)अच्छा
    2.(51-100)संतोषजनक
    3.(101-200)थोड़ा प्रदूषित
    4.(201-300)खराब
    5.(301-400)बहुत खराब
    6.(401-500)गंभीर

    यह भी पढ़े: कोरोना वायरस से हुए पृथ्वी को फायदे के बारें में

    Air Quality Checker App for Android

    अगर आप अपने एंड्राइड स्मार्टफोन में एयर क्वालिटी चेक करना चाहते है तो आप इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से IQAir - Air Visual एप्प डाउनलोड कर सकते है। इसे गूगल प्ले स्टोर पर 4.7 की रेटिंग मिली है, जो काफी अच्छी मानी जाती है।

    इसका इस्तेमाल करना भी काफी आसान है, यह ऑटोमेटिकली आपकी लोकेशन को डिटेक्ट करके आपके आस-पास (Near) का प्रदुषण Lavel और इसके हिसाब से Ranking बताता है। साथ ही यह आपको हवा की गति, और तापमान की भी जानकारी देता है।


    AQI Pollution Level Checker App


    दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण (Causes of Air Pollution)

    • 1. हवा की गति में कमी आने से Smog का बनाना
    • 2. दिवाली पर अत्यधिक पटाखों फोड़ना
    • 3. दिल्ली के आसपास के इलाकों में पराली जलना
    • 4. वाहनों, कारखानों द्वारा प्रदुषण में अत्यधिक वृद्धि
    • 5. हवा में धुल की मात्रा का बढ़ना आदि

    यह भी पढ़े: सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है? क्यों हुआ बैन

    वायु प्रदूषण रोकने के उपाय (Measures to control Air Pollution)

    सरकार द्वारा दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में वायु प्रदूषण को काबू में करने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनमे से एक दिल्ली सरकार द्वारा चलाया गया ओड-ईवन फॉर्मूला है।

    इसके साथ ही वृक्षों पर पानी छिड़कना, सड़कों से धूल हटाना, सर्दी भर पटाखों पर बैन लगाना, निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाना, CNG आधारित परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना, कोयले से चलने वाली ताप बिजली परियोजनाओं का ऑपरेशन रोकना जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।

    हालांकि हरियाणा और पंजाब में पराली जलाना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।


    यह भी पढ़े: विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)

    अन्तिम शब्द

    अंत में यह कहना गलत नहीं होगा कि यह समस्या मानव द्वारा ही उत्पन्न हुई है अतः इसके समाधान के लिए भी सभी मनुष्यों को एक साथ काम करना होगा, केवल सरकार पर आरोप या प्रत्यारोप लगाना ठीक नहीं है किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकार के साथ लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।

    और अब तो आप वातावरण में फैला प्रदुषण कैसे चेक करें, दिल्ली में प्रदुषण का कारण, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) से प्रदुषण लेवल कैसे नापे, एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या है? इन सभी के बारे में जान गए है।

    अगर आपको यह लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे, और प्रदुषण कम करने में आपना योगदान अवश्य दें।

    follow haxitrick on google news
    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post
    -->
    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post