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आज 23 जनवरी 2020 को है बाल ठाकरे की जयंती, जानिए कैसे हुई थी बालासाहेब की मृत्यु

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    Bal Thackeray Birthday Anniversary Date 2020: जानें कब है बालासाहेब ठाकरे की जयंती, कौन थे बाल ठाकरे

    बालासाहेब केशव ठाकरे जयंती (23 जनवरी 1926 - 17 नवंबर 2012): शिवसेना के संस्थापक और अपने विवादित बयानों से चर्चा में बने रहने वाले बालासाहेब केशव ठाकरे (बाल ठाकरे) की 7 साल पहले 17 नवम्बर 2012 को मृत्यु हो गयी थी।

    आज गुरूवार 23 जनवरी 2020 को बाल ठाकरे जी की जयंती (Bal Thackeray Jayanti 2020) है, जिसे शिवसेना द्वारा उन्हें याद करके मनाया जा रहा है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर उन्हें श्रद्धान्जली दी.

    बाल ठाकरे वैसे तो पेशे से एक कार्टूनिस्ट थे परन्तु उन्होंने राजनीतिक पार्टी शिवसेना का गठन किया, बाल ठाकरे ने मुंबई में अपना प्रभाव कभी खत्म नहीं होने दिया।
    Balasaheb Thackeray Death Anniversary Date 17 November 2019 Hindi
    Balasaheb Thackeray Jayanti Birthday Anniversary Date 23 January 2020 Hindi
    आज बाल ठाकरे की जयंती (Bal Thackeray Jayanti 2020) के अवसर पर आपको बालासाहेब ठाकरे के जीवन और उनकी मृत्यु के बारे में जरूर जानना चाहिए।
    बाल ठाकरे को प्यार से लोग बालासाहेब भी कहते थे। उन्होने अपने एक मराठी अखबार में अपनी मृत्यु से कुछ दिन पूर्व ही लिखा था।
    आजकल मेरी हालत चिंताजनक है किंतु मेरे देश की हालत मुझसे अधिक चिंताजनक है, ऐसे में भला मैं चुप कैसे बैठ सकता हूं।
    कट्टर हिन्दुवादी होने के कारण उनके चाहने वाले उन्हें हिंदू हृदय सम्राट करते थे।

    बाल ठाकरे ने 86 वर्ष की आयु में आज ही के दिन 17 नवंबर 2012 को मुंबई में अपने मातुश्री आवास पर दोपहर के बाद 3 बजकर 33 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

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    आइये अब आपको बताते है कि बाल ठाकरे की जयंती कब है, (Birthday Anniversary Date of Bala Saheb Keshav Thackeray) और बाल ठाकरे के बारे में पूरी जानकारी (Information About Bal Thackeray in Hindi)

    बाल ठाकरे की जयंती पर उनका जीवन परिचय | Information About Bal Thackeray Jayanti 2020 in Hindi

    • जन्म: बाल ठाकरे का पूरा नाम बालासाहेब केशव ठाकरे था, उनका जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे (ब्रिटिश भारत) में हुआ। ठाकरे के पिता का नाम केशव सीताराम ठाकरे और माता का नाम रामा-बाई ठाकरे था।

    • करियर: ठाकरे ने अपना करियर एक कार्टूनिस्ट के रूप में शुरू किया था। वह अपने करियर के शुरुआती दिनों में अंग्रेजी अखबरों के लिए कार्टून बनाते थे। बाद में सन् 1960 में उन्होंनें अपना खुद का एक स्वतंत्र साप्ताहिक अखबार निकाला जिसका नाम मार्मिक था। वह अपने पिता से काफी प्राभावित थे इसलिए वे अक्सर अपने पिता केशव सीताराम ठाकरे के राजनीतिक दर्शन को महाराष्ट्र में प्रचारित एवं प्रसारित किया करते थे।

    • राजनीतिक जीवन: नियति को कुछ और की मंजूर होने के कारण सन् 1966 में उन्होंने शिव सेना नाम की एक कट्टर हिंदूराष्ट्र वादी संगठन की स्थापना की।

      हालांकि उन्हे और उनकी इस पार्टी को शुरूआती दौर में कुछ खास सफलता नहीं मिली, लेकिन अंतत: 1995 में भाजपा-शिव सेना के गठबंधन से महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार बनी।

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      हालांकि 2006 में उनके भतीजे राज ठाकरे ने बेटे उद्धव ठाकरे को अतिरिक्त महत्व दिए जाने से नाराज होकर शिवसेना छोड़ दी और अपनी अलग पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण बना ली।

      बाल ठाकरे के बयानों आप अभी भली-भांति परचित होंगे उनके उत्तेजित बयानों के कारण ही उन पर सैंकड़ों की संख्या में मुकद्दमे दर्ज किए गए थे।

    • Death: बाला साहेब का स्वास्थ्य निरंतर खराब होने और सांस लेने में हो रही कठिनाई के चलते उन्हें 25 जुलाई 2012 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। अंततः 17 नवंबर 2012 को वे अपनी बीमारी से लड़ने में असफल रहे और उनका देहांत हो गया।

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    बाल ठाकरे की जयंती पर जानिए उनकी मृत्यु के बारे में | Death Day Of Bala Saheb Thackeray - Hindi

    बाल ठाकरे को जी आम नेता नहीं थे वह किसी के लिए भगवान तो किसी के लिए यमराज भी थे 17 नवंबर 2012 को कार्डियक अरेस्ट के परिणामस्वरूप ठाकरे की मृत्यु के बाद मुम्बई तुरंत एक आभासी पड़ाव में आया।

    उनके मौत की खबर फैलने के साथ ही दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हो गए। पूरे महाराष्ट्र राज्य को हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। मुंबई में पुलिस की एक बड़ी टूकडी, राज्य रिजर्व पुलिस बल की 15 इकाइयाँ और रैपिड एक्शन फोर्स की तीन टुकड़ियों को तैनात किया गया।

    बताया यह भी जाता है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने ही कुछ स्थानों पर दुकानें बंद करने के लिए मजबूर किया। 

    उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शहर में शांत रहने का आह्वान किया और ठाकरे के "मजबूत नेतृत्व" की प्रशंसा की।

    उन्हें शिवाजी पार्क में एक राजकीय अंतिम संस्कार दिया गया, जिससे कुछ विवाद पैदा हुए और इसका परिणाम शिवसेना द्वारा की गई माँगों से हुआ। 1920 में हुए बाल गंगाधर तिलक के बाद यह शहर का पहला सार्वजनिक अंतिम संस्कार था।

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    बाल ठाकरे के शरीर को 17 नवंबर को शिवाजी पार्क में ले जाया गया। उनके अंतिम संस्कार में कई शोकियों ने भाग लिया, हालांकि गिनती के कोई आधिकारिक आंकड़े नहीं थे। लेकिन मीडिया स्रोतों के मुताबिक़ सीमा लगभग 1 मिलियन, से 1.5 मिलियन और लगभग 2 मिलियन से अधिक दर्ज की गई है।

    दाह संस्कार अगले दिन 18 नवंबर को हुआ, जहाँ उनके पुत्र उद्धव ने चिता को अग्नि दी।और इस कार्यक्रम का राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों पर सीधा प्रसारित किया गया था। 

    कोई आधिकारिक पद नहीं होने के बावजूद, उन्हें 21-बंदूक की सलामी दी गई , जो एक दुर्लभ सम्मान था।

    बिहार विधानसभा के दोनों सदनों ने भी श्रद्धांजलि दी।

    अंतिम संस्कार के खर्चों ने तब और विवाद पैदा कर दिया जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि बीएमसी ने करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल किया था। इन रिपोर्टों के जवाब में, पार्टी ने बाद में निगम को 500,000 रुपये का चेक भेजा।

    उनकी मृत्यु के बाद, पुलिस ने एक 21 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया, जिसने उनके खिलाफ एक फेसबुक टिप्पणी पोस्ट की, साथ ही साथ उसके दोस्त ने भी टिप्पणी को "लाइक" किया। शिवसेना के सदस्यों ने महिला के रिश्तेदार के स्वामित्व वाले क्लिनिक में भी तोड़फोड़ की।

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    अन्तिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप मराठा बालासाहेब ठाकरे के बारे में सब कुछ जान ही गए होंगे, और बाल ठाकरे की जयंती (Bal Thackeray Jayanti 2020 Hindi) और पुण्यतिथि कब है (Death and Birthday Anniversary Date of Bal Thackeray in Hindi) और बाल ठाकरे के बारे मे जानकारी (Bal Thackeray Information in Hindi) मिल ही गयी होगी।

    बाल ठाकरे द्वारा बनाई गई पार्टी शिवसेना से उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री है जिन्होंने एनसीपी और कोंग्रेस के साथ गठबंधन कर महाराष्ट्र में सरकार बनाई, हालाँकि इससे पहले शिवसेना बीजेपी के साथ ही गठबंधन करती थी.
    The End
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