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Hazrat Ali Birthday Date 2020: कब है हजरत अली का जन्मदिन, कौन है अली इब्रे अबी तालिब

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    Hazrat Ali Birthday Date 2020: कब है हजरत अली का जन्मदिन जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है और कौन है इमाम अली

    Hazrat Ali Jayanti Date 2020: आज दुनिया भर में मोहम्मद हजरत अली (इमाम अली इब्ने अली तालिब) का जन्मदिन (Birthday) मनाया जा रहा है हजरत अली का जन्मदिन (Jayanti) इस्लाम धर्म को मानने वाले बड़े धूमधाम से मनाते हैं हजरत अली मुसलमानों के पहले वैज्ञानिक के रूप में जाने जाते हैं।

    हजरत अली पैगंबर मोहम्मद के दमाद और मुसलमानों के चौथे खलीफा एवं सिया समाज के पहले इमाम और सूफियों के वली हैं।

    हजरत अली ने अपने 5 सालों के खिलाफत समय में मानवाधिकार के लिए इतने काम किए कि संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव सूफी अन्नान ने सन 2002 में पैगंबर मोहम्मद के बाद हजरत अली को सबसे सफल शासक बताया।

    इतना ही नहीं वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ने विश्व के शासकों से कहा कि वह हजरत अली के बताए हुए रास्ते पर चलकर मानवता की रक्षा कर सकते हैं।

    Hazrat Ali Birthday Date 2020 Imam Ali Ibn Abi Talib Biography in Hindi
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    Hazrat ali Birthday Date 2020 All Information in Hindi

    कब मानते है हजरत अली का जन्मदिन | Hazrat ali Birthday Date 2020

    ईस्लामिक कैलैंडर के अनुसार अली इब्रे अबी तालिब या फिर ‘हजरत अली’ के नाम से प्रसिद्ध पैंगबर मोहम्मद साहब के दामाद और मुसलमानों के चौथे खलीफा का जन्म 13 रजब 24 हिजरी पूर्व को हुआ था तो वहीं ग्रोगेरियन कैलेंडर की माने तो आपकी पैदाइश 17 मार्च 600 ईस्वी को हुई।

    हजरत अली का जन्मदिन हर साल इस्लामी महीने रजब (इस्लामिक कैलंडर का सातवां महीना) की 13 तारीख को मनाया जाता है। इस साल हजरत अली का जन्मदिन (Hazrat ali Birthday Date) 09 मार्च 2020 को सोमवार (Monday) के दिन है। इसलिए 2020 में 09 मार्च को ही हजरत अली का जन्मदिन मनाया जाएगा।


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    क्यों मनाया जाता है हजरत अली का जन्मदिन | Why Do We Celebrate Hazrat Ali Birthday

    हजरत अली Prophet मुहम्मद के चचेरे भाई, दामाद और उनके उत्तराधिकारी भी थे। जिन्हें चौथा खलीफ़ा बनाया गया, इस्लामिक समुदाय उस समय दो विचारों में विभाजित हो गया जब पैगंबर मुहम्मद के मृत्यु हुई, तब जिन मुसलमानों ने अबु बकर को अपना नेता माना वह सुन्नी मुस्लिम कहे गए और जिन इस्लामियों ने हजरत अली को अपना इमाम माना वह शिया मुस्लिम कहे गए।

    प्रोफेट मुहम्मद के उत्तराधिकारी होने कारण शिया मुसलमानों का मानना है कि पैगंबर मुहम्मद की मृत्यु के बाद ही हजरत अली को खलीफा बनाया जाना चाहिए था परन्तु उन्हें तीन लोगो के बाद खलीफा बनाया गया।


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    इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार हज़रत अली इस्लाम स्वीकार करने वाले पहले पुरुष थे। इस्लामिक संप्रदाय के चौथे खलीफा चुने जाने के बाद उन्होंने आम लोगों भलाई और समाज के उत्थान के लिए बहुत से काम किए।

    वे बहुत ही उदार तथा दयालु शासक थे, इसी कारण उन्हें लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है तथा उनके द्वारा किए गए मानव कल्याण के कार्यों लिए किये गये प्रयासों को ध्यान में रखते हुए, और उन्हें सम्मान देने के लिए ही हर साल उनके जन्म उत्सव को मनाया जाता है।


    कैसे मनाया जाता है हजरत अली का जन्मदिन | How Do We Celebrate Hazrat Ali's Birthday

    हजरत अली प्यार और भाईचारे के प्रतीक के रूप में जाने जाते है इसलिए Hazrat Ali के जन्मदिन को भारत और पकिस्तान में ही नहीं बल्कि पूरे संसार में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है,

    इस दिन इस्लाम धर्म के लोग अपने घरों की साफ-सफाई कर इसे सजाते हैं, और आपसदारी और भाईचारे के साथ परिवार और दोस्तों साथ मिलकर दावत का लुफ्त उठाते हैं. और हजरत अली के विचरों और कहानियों का आदान-प्रदान भी करते है।

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    साथ ही इस दिन सभी मस्जिदों की भी काफी खूबसूरती से सजाया जाता है और इमामबाडों में मुस्लिमों खासतौर से शिया मुस्लिमों द्वारा विभिन्न प्रकार के धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किए जाते है। और जुलूस भी निकाले जाते है, और प्रर्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है। लखनऊ में इस दिन का धूम देखते ही बनती है।


    हजरत अली कौन थे | Ali Ibn Abi Talib Biography in Hindi

    • 1. पैगंबर मोहम्मद के उत्तराधिकारी, चचेरे भाई, दामाद और उनके साथ नमाज पढ़ने वाले पहले व्यक्ति एवं मुसलमानों के चौथे खलीफा और शिया मुश्लिमों के पहले इमाम माने जाने वाले हजरत अली का पूरा नाम अली इब्ने अबी तालिब है।

    • 2. हजरत अली का इस्लामी केलेंडर के अनुसार रजब माह की 13वीं तारीख को सउदी अरब के मक्का शहर में हुआ था। आप मक्का मदीना के सबसे पवित्र स्थान काबा में पैदा होने वाले एकलौते व्यक्ति हैं. आपके पिता का नाम अबु तालिक और माता का नाम फातिमा असद था.

    • 3. आपने इस्लामिक साम्राज्य के चौथे खलीफा के रुप में 656 ईस्वी से लेकर 661 ईस्वी तक शासन किया और शिया इस्लाम के अनुसार आप पहले इमाम के रुप में भी 632 ई. से 661 ईस्वी. तक कार्य भर सम्भालते रहे। आपको बता दें की वे सुन्नी समुदाय के आखिरी राशिदून थे।

    • 4. Hazrat Ali द्वारा विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को आम लोगों को अपने अंदाज में समझाने के कारण उन्हें पहला मुस्लिम वैज्ञानिक भी माना गया है, साथ ही मान्यता यह भी है की वह इस्लाम स्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति थे।

    • 5. खलीफा नियुक्त किये जाने पर आपने अपने पांच वर्षीय शासनकाल में कई आर्थिक सुधार किए, कई युद्ध किए, लड़ईया लड़ी और कुरीतियों को दूर करने का अथक प्रयास किया। आम लोगों की भलाई करने और भ्रष्ट अधिकारियों को निलंबित करने पर उन्हें विद्रोंहो का सामना भी करना पड़ा जिससे उनके दुश्मनों की संख्या में इजाफ़ा हुआ।

    • 6. जब Hazrat Ali 18 रमज़ान (इस्लामिक कैलंडर का नौवां महीना) को रोज़ा इफ्तार कर रमजान मास की 19वीं तारीख को जब सुबह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में गये तो वहाँ सजदे में जाते समय अब्दुर्रहमान इब्ने मुलजिम' नाम के व्यक्ति ने उनके सिर पर ज़हर लगी तलवार से जानलेवा हमला कर दिया और इस घटना के दो दिन बाद यानि रमजान की 21 वीं तारीख को Hazrat Ali की मृत्यु हो गयी।

    • 7. आप उनकी नेकदीली और प्रेमभावना को कुछ इस तरह से समझ सकते है कि जब उन पर हमला करने वाले हमलावर इब्ने मुल्जिम को उन के पास लाया गया तो उन्होंने उसे माफी दे दी।

      उनके शत्रुओं को देखते हुए इमाम अली के शरीर को गुप्त जगह पर दफनाया गया, क्योंकी उस समय शत्रुओं द्वारा कब्र खोदकर आपकी लाश को निकलने का भय था, जिसके बहुत बाद में लोगों को उनके समाधि के बारे में जानकारी मिली।

    • 8. हजरत अली एक ऐसी शख्सियत थी जिन्होंने अपने शब्दों से दुनिया जहान को यह बताया कि इस्लाम कत्ल और भेदभाव करने के पक्ष में नहीं है, उन्होंने कहा कि अपने शत्रु से प्रेम करो जिससे एक दिन वह आपका मित्र जरूर बन जाएगा।

      अली के अनमोल विचार: अत्याचार करने वाला ही नहीं उसमें साथ देने वाला और अत्याचार से खुश होने वाला भी अत्याचारी है।

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    अंतिम शब्द | Hazrat Ali Jayanti Date 2020

    इमाम अली जैसी शख्सियत इतिहास में बहुत कम ही देखने को मिलती है, उनके द्वारा समाज और गरीबों के लिए किये इन्हीं कार्यों के कारण ही आज उन्हें लोगों के बीच काफी पसंद किया जात है।

    अगर आपको Hazrat Ali Jayanti Date 2020 और हजरत अली इमाम का जन्मदिन कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है (When, Why and How Hazrat Ali Birthday is Celebrated in Hindi India) तथा हजरत अली की बायोग्राफी के बारे में दी गई यह जानकारी (Hazrat Ali Biography Information in Hindi) अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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