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गांधी जयंती 2021: 2 अक्टूबर को ही क्यों मनाई जाती है Gandhi Jayanti? जानिए बापू से जुड़ी रोचक बातें

    Gandhi Jayanti 2 October 2021: गाँधी जयंती कब, क्यों और कैसें मनाई जाती है? बापू से जुड़ी कुछ रोचक बातें

    Mahatma Gandhi Jayanti 2021: इस साल पूरा देश महात्मा गांधी जी की 152वीं जयंती मना रहा है हर साल 2 अक्टूबर को देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई जाती है।

    राष्ट्र पिता की उपाधि मिलने के कारण महात्मा गांधी जी को 'बापू' भी कहा जाता है तथा उनके जन्मदिन (Birthday) को देश के स्कूलों और दफ्तरों में बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है और कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।

    महात्मा गाँधी अहिंसा के पुजारी थे तथा वे अहिंसा को ही अपना परम धर्म मनाते थे।

    02 October 2021 Gandhi Jayanti Photo
    02 October 2021 Gandhi Jayanti Photo

    आज हम आपको महात्मा गाँधी जी के बारे में कुछ ऐसे तथ्य (Facts) बताने वाले है जो आपको काफी प्राभावित करेंगे। साथ ही आपको महात्मा गाँधी की जयंती 2 अक्टूबर को ही क्यों मनाई जाती है। इसके बारे में भी जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

    लेकिन अगर आपको महात्मा गाँधी जी के बारे में नही जानते तो हम आपको सबसे पहले महात्मा गाँधी जी के बारे में जानकारी दें देते हैं।


    गांधी जयंती क्यों और कब मनाई जाती है?

    हर साल 2 अक्टूबर को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्मोत्सव को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है इस साल 2021 में हम गांधी जी की 152वीं जयंती मनाने जा रहे हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था वे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी थे।

    महात्मा गांधी ने अहिंसा के दम पर भारत को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा वे भारत के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं।

    उनका देश को आजाद कराने के प्रति काफी अहम योगदान रहा है। तथा उनके अहिंसा के पुजारी होने के कारण ही 2 अक्टूबर के दिन ही अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day Of Non Violence) भी मनाया जाता है।

    आज भी सम्पूर्ण संसार में गांधी जी को अहिंसात्मक आंदोलनों के लिए जाना जाता हैं और अहिंसा दिवस पर उन्हें ही सम्मान देने के लिए इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।


    गांधी जयंती का महत्व

    गांधी जी हमेशा अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चला करते थे और अहिंसा परमो धर्म: का ही अनुसरण किया करते थे। क्योंकि उन्होंने हिंसा के परिणाम को काफी नजदीक से देखा और इसका अनुभव किया था।

    ऐसे में हमें उनसे सदैव सत्य बोलना एवं अहिंसा के मार्ग पर चलना सीखना चाहिए, साथ ही वह यह भी कहा करते थे कि बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, और बुरा मत कहो।

    इसके अलावा वे मन में बदले की भावना लेकर चलने वाले लोगों के लिए कहा करते थे कि

    यदि आंख के बदले आंख मांगी जाएगी तो...
    एक दिन पूरी दुनिया ही अंधी हो जाएगी।

    ऐसे में हमें गांधी जयंती के महत्व को समझना चाहिए और सदैव दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए अहिंसा का सहारा लेना चाहिए और सभी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान को शांति और अहिंसा से निकालने का प्रयास करना चाहिए ताकि एक बेहतर कल का निर्माण किया जा सके।


    महात्मा गाँधी की जयंती कैसे मनाई जाती है? (Mahatma Gandhi Birthday Celebration 2021)

    2 अक्टूबर के दिन गांधी जयंती के अवसर पर लोग नई दिल्ली में स्थित उनकी समाधि राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

    इस दिन दिल्ली समेत भारत के कई राज्यों में राष्ट्रीय अवकाश रहता है, तथा उनकी समाधि 'राजघाट' पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की उपस्थिति में श्रद्धांजलि का आयोजन होता है। तथा स्‍कूलों और दफ्तरों में भी गांधी जयंती का उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

    इस मौके पर देश के विभिन्न नेताओं एवं देशवासियों द्वारा ट्विटर एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

    उन्हें श्रद्धांजलि एवं उनके समृति के लिए उनके सबसे पसंदीदा और भक्ति गीत 'रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम' गाया जाता है। एवं प्रार्थना सभाओं में प्रार्थनाएं की जाती है और स्मारक समारोहों के जरिए भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

    हमें गांधी जी की जयंती को 'स्वच्छता ही सेवा' नारे (Slogan) के साथ मनाना चाहिए।

    Happy Gandhi Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Hindi
    Happy Gandhi Jayanti Ki Hardik Shubhkamnaye Hindi

    यह भी देखें: {फोटो} गाँधी जी के प्रेरणादायक विचार

    महात्मा गाँधी जी के बारे में जानकारी | About Mahatma Gandhi In Hindi

    महात्मा गाँधी के बारे में जानकारी:
    नाम: मोहनदास करमचंद गांधी
    उपाधि: महात्मा/राष्ट्रपिता
    जन्म: 2 अक्टूबर 1869, पोरबन्दर (गुजरात)
    पत्नी: कस्तूरबा गांधी
    पिता का नाम: करमचंद गाँधी
    माता का नाम: पुतलीबाई
    शिक्षा: बैरिस्टर
    मृत्यु: 30 जनवरी 1948, नई दिल्ली (भारत)

    गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात में स्थित पोरबंदर में हुआ था, महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था उनकी माता का नाम पुतलीबाई तथा पिता का नाम करमचंद गांधी था।

    उनका विवाह 13 साल की कम उम्र में ही 14 साल की कस्तूरबा के साथ कर दिया गया था और उनकी चार पुत्र संताने थी।

    अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे लॉ (कानून) की पढ़ाई करने और Barrister बनने लन्दन चले गए। और वहाँ उन्होंने Law (कानून) की पढ़ाई Complete करके बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त की।

    कैसें बने अहिंसा के पुजारी:
    जब उन्हें दक्षिण अफ्रीका में कानून का अभ्यास करने का अवसर मिला और वे दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर गए तो वहां उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका में जब वह प्रथम श्रेणी की टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रहे थे तो कुछ अंग्रेजों ने उन्हें रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे से बाहर निकाल दिया।

    जिसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीयों के लिए भी संघर्ष किया और इसी दौरान उन्होंने 1899 में हुए एंग्लो बोएर युद्ध में एक स्वास्थ्य कर्मी के तौर पर कार्य किया तथा इस युद्ध की भयानक तस्वीर देखी जिसके बाद उन्होंने हिंसा के खिलाफ खड़े होने का प्रण लिया और अहिंसा के रास्ते को अपनाया और 'अहिंसा के पुजारी' बन गए।



    और जब वे भारत वापस लौटे तो उस समय देश की स्थिति काफी खराब थी जिससे वह बहुत प्रभावित हुए। और आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए तथा उन्होंने अहिंसा का सहारा लिया और देश की स्वतंत्रता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।

    उन्होने स्वतंत्रता संग्राम में कई आन्दोलनों में हिस्सा लिया गांधी जी के प्रयासों के चलते ही आज हमारा देश स्वतंत्र है।

    उन्होंने अहिंसा के दम पर देश (भारत) को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी। बापू को देश की आजादी के लिए कई बार जेल भी जाना पड़ा था।

    देश की आजादी के कुछ महीनों बाद ही 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।


    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए गांधीजी की अगुवाई में कुछ महत्वपूर्ण आन्दोलन
    महात्मा गाँधी जी द्वारा महत्वपूर्ण आन्दोलन:
    S.No.आंदोलनवर्षस्थान
    1.चंपारण आंदोलन1917चंपारण (बिहार)
    2.खेड़ा आंदोलन1918खेड़ा (गुजरात)
    3.खिलाफत आंदोलन1919-
    4.असहयोग आन्दोलन1920-
    5.भारत छोड़ो आन्दोलन1942-
    6.सविनय अवज्ञा आन्दोलन1930-

    2 अक्टूबर के बारे में कुछ जानकारी

    2 अक्टूबर 2021 को क्या है?
    2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ ही लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी मनाई जाती है। तथा 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की घोषणा के बाद से ही गांधी जी की जयंती को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    तो वहीं भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अनुरोध पर यह दिन राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।



    महात्मा गांधी से जुड़ी 10 रोचक बाते (Facts About Mahatama Gandhi in Hindi)

    • 1. महात्मा गांधी ने लंदन से कानूनी बैरिस्टर की डिग्री तो हासिल की, लेकिन उन्हे मुंबई के उच्च न्यायालय में हुई पहली बहस में असफलता हाथ लगी।

    • 2. Apple के Founder स्टीव जॉब्स Gandhi Ji को सम्मानित करने के लिए खुद भी उनके जैसा गोल चश्मा पहनते थे।

    • 3. भारत में 50 से भी अधिक सड़को का निर्माण गांधी जी के नाम पर किया गया है। भारत ही नही विदेशों में भी लगभग 60 सड़के गांधी जी के नाम पर बनी हुई है।

    • 4. महात्मा गांधी को 5 बार नोबेल पुरस्कार के लिए Nominate किया गया लेकिन उन्हे 1 बार भी Nobel prize से सम्मानित नही किया गया है।

    • 5. गाँधी जी रोज लगभग 18 किलोमीटर पैदल चला करते थे।

    • 6. बापू के जन्मदिन को दुनिया भर में 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के रूप में मनाया जाता है इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 15 जून 2007 को की गई थी।

    • 7. भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं और उन्होंने गांधी जयंती को मात्र एक छुट्टी का दिन नहीं बल्कि इसे 'स्वच्छता अभियान' के रूप में मनाने का अनुरोध किया है।

    • 8. गांधी जी को वर्ष 1930 में अमेरिका की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन में साल का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति (Person of the Year) खिताब से सम्मानित किया जा चुका है।

    • 9. गांधी जी को 'महात्मा' की उपाधि रविंद्र नाथ टैगोर ने तथा 'राष्ट्रपिता' की उपाधि सुभाष चंद्र बोस जी ने दी थी।

    • 10. बापू की मृत्यु के बाद जब उनकी शव यात्रा निकली तो वह करीबन 8 किलोमीटर लंबी थी।

    अन्तिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप महात्मा गांधी के बारे में जान ही गए होंगे, तथा आपको महात्मा गाँधी जी की जयंती कब और क्यों मानाई जाती है? और इसका महत्व क्या है इसके बारे में भी मालूम चल गया होगा।

    यदि आपको Mahatma Gandhi Jayanti 2021 के Facts की यह रोचक जानकारियाँ पसंद आई तो इसे Facebook पर अपने दोतों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें।

    HaxiTrick.Com की तरफ से आप सभी को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामानाएं।

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