छठ पूजा 2019: कब, क्यों और कैसें मनायी जाती है, मुहूर्त, कथा, सूर्योदय समय और विधि

    Chhath Puja 2019 Date: जानें कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है छठ पर्व, शुभ मुहूर्त, कथा और पूजा विधि

    छठ पूजा 2019: कब, क्यों और कैसें मनायी जाती है, शुभ मुहूर्त, कथा, सूर्योदय समय और पूजा विधि (Sun Rising Time)

    Chhath Puja 2019 Date Time In Hindi: छठ पूजा का त्यौहार मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश समेत देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, दिल्ली के यमुना तट और छठ घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठ माता को सूर्य देव की बहन कहा जाता है, और इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि छठ पर्व मैं सूर्य उपासना करने से छठी माई प्रसन्न होती हैं जिससे घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है. साथ ही यह व्रत संतान प्राप्ति के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, जिसकी कथा आपको इस लेख में आगे मिल जाएगी.

    Chhath Puja Date 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi Katha Hindi
    Chhath Puja Date 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi Katha Hindi
    आज के इस लेख में हम छठ पूजा कब है? (2019 Me Chhath Puja Kab Hai Date), (When Chhath Puja Celebrated) छठ पर्व क्यों और कैसे मनाया जाता है (Chhath Parva Kyu Aur Kaise Manate Hai? - Why And How To Celebrate Chhath Pooja In Hindi) तथा छठ पूजा के दिन सूर्योदय (Chhath Puja Suryoday Time) का समय (Chhath Sun Rising Time) तथा पूजन विधि (Chhath Puja Fast Vidhi) के बारे में जानने का प्रयास करेंगे.

    छठ पूजा कब है यह है शुभ मुहूर्त और तारीख - Chhath Puja Shubh Mahurat and Date Hindi

    कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी से शुरू होकर 4 दिनों तक चलने वाले छठ पर्व (Chhath Parva) जिसे डाला छठ (Dala Chhath), छठ माई (Chhathi Maiya), सूर्य षष्ठी (Surya Shashti) और छठ पूजा (Chhath Puja) आदि के नामों से जाना जाता है। इस साल 31 अक्टूबर 2019 को नहाए खाए के साथ शुरू होगी।

    आइए सबसे पहले आपको छठ पूजा के शुभ महूर्त (Chhath Puja Shubh Mahurat) और सूर्योदय तथा सूर्यास्त का समय (Chhath Puja Surya Uday Time) Or Chhath 2019 Sun Rising Time भी जान लेते है, जो इस प्रकार है:
    छठ पर्व तिथि: - 02 नवंबर 2019, शनिवार
    छठ पूजा के दिन सूर्योदय: - सुबह 06 बजकर 33 मिनट
    छठ पूजा के दिन सूर्यास्त: - शाम 05 बजकर 36 मिनट तक
    षष्ठी तिथि आरंभ: 02 नवंबर 2019 सुबह 06 बजकर 13 मिनट से
    षष्ठी तिथि समाप्त: 03 नवंबर 2019 सुबह 01 बजकर 31 मिनट तक

    Chhath Puja Sun Rising Time In Delhi, Uttar Pradesh & Bihar – Morning 06:33 AM

    Chhath Puja Sun Set Time In Delhi, Uttar Pradesh & Bihar – 05:36 PM

    Sashti Tithi Start: – 00:51 AM (02 November 2019)

    Shasthi Tithi End – 01:31 AM (03 November 2019)

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    छठ पूजा कथा/कहानी - Chhath Puja Katha Story In Hindi

    रामायण छठ पूजा संबंध:
    बताया जाता है कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान श्री राम ने छठ पूजा (कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी) के दिन अपनी पत्नी सीता के साथ व्रत रख सूर्य देव की आराधना की और सप्तमी के दिन सूर्योदय के समय पुणे अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया.

    महाभारत छठ कथा:
    महाभारत काल के मान्यता के अनुसार छठ पूजा की शुरुआत महाभारत के समय हुई थी जिसे सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने शुरू किया था. बताया जाता है कि कर्ण भगवान सूर्य के परम भक्त के रूप में जाने जाते थे, वह प्रतिदिन कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया करते थे, और उन्हीं की कृपा से वह एक महान योद्धा बन पाए थे.

    और छठ पूजा में अर्घ्य देने की पद्धति वहीं से चली आ रही है, साथ ही पांडवों के पत्नी द्रोपदी भी सूर्य पूजा कर अपने परिजनों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए नियमित सूर्य पूजा करती थी.

    पौराणिक छठ कथा:
    एक पौराणिक कथा की माने तो प्रियवद नामक राजा की कोई संतान ना होने के कारण वह महर्षि कश्यप से पुत्र प्राप्ति यज्ञ ( पुत्रेष्टि यज्ञ) करा कर, अपनी पत्नी मालिनी को यज्ञ आहुति के लिए बनाई गई खीर दी. जिसके बाद उन्हें पुत्र प्राप्ति हुई लेकिन वह मृत शरीर के साथ संसार में आया. राजा प्रियवद अपने मृत पुत्र को लेकर श्मशान गए और शरीर त्यागने लगे यह देख ब्रह्मा भगवान की मानस कन्या देवसेना वहां पहुंची और उन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह संसार की असल प्रवृत्ति के छठे हिस्से से उत्पन्न हुई हैं इसीलिए उन्हें षष्ठी कहा जाता है. अगर आप मेरी यानी षष्टि की पूजा करें और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, तो आपकी मनोकामना पूर्ण होगी. माता षष्ठी के बताए अनुसार राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत (Fast) किया और उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई.

    छठ पूजा कैसे मनाई जाती है विधि - How Chhath Puja Fast Being Celebrated Hindi

    छठ पूजा एक 4 दिनों तक मनाया जाने वाला पर्व है जिसकी शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल पक्ष की सप्तमी को समाप्त होती है जिसमें लगातार 36 घंटे निर्जला यानी कि बिना और पानी के व्रत रखना होता है.

    Chhath Puja Day 1: नहाए खाए (कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी):
    छठ पूजा का पहला दिन नहाए खाए से आरंभ होता है जिसमें घर की अच्छी तरह सफाई कर उसे पवित्र किया जाता है और छठ पर व्रत रखने वाले को शुद्ध और शाकाहारी भोजन दिया जाता है और व्रत रखने वाले सदस्य के खाना खाने के बाद ही घर के सभी सदस्य का राजा खाते हैं इस दिन भोजन के रूप में दाल और चावल ग्रहण किया जाता है

    Chhath Puja Day 2: खरना (कार्तिक शुक्ल पंचमी):
    इसके बाद अगले दिन छठ व्रत रखने वाला सदस्य दिन भर उपवास रखता है और शाम को भोजन ग्रहण करता है जिसे खरना कहा जाता है प्रसाद के रूप में बिना नमक और चीनी इस्तेमाल किए गन्ने के रस से बनी चावल की खीर और दूध चावल का पीठा और भी की रोटी बनाई जाती है और खरना प्रसाद को आसपास सभी लोगों को बुला कर दिया जाता है

    Chhath Puja Day 3: संध्या आराध्य (कार्तिक शुक्ल षष्ठी):
    छठ पूजा के तीसरे दिन छठ का प्रसाद तैयार किया जाता है। प्रसाद के तौर पर ठेकुआ और चावल के लड्डू बनाते हैं। साथ ही चढ़ावा के रूप में लाया गया साँचा और फल भी छठ प्रसाद के रूप में शामिल होता है।

    शाम को सभी तैयारीयों के साथ बाँस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाया जाता है, और परिवार में व्रत रखने वाले सदस्य के साथ सभी लोग पैदल सूर्य को अर्घ्य देने घाट पहुचते हैं। सभी छठ व्रती एक झील, तालाब या नदी किनारे इकट्ठा होकर एक साथ सूर्य देवता को अर्घ्य दान करते हैं। सुरुज भगवान को जल और दूध का अर्घ्य देने तथा छठी मैया की प्रसाद भरे सूप से पूजा करने की प्रथा है।

    Chhath Puja Day 4: (कार्तिक शुक्लपक्ष सप्तमी):
    चौथे दिन यानि कार्तिक शुक्लपक्ष की सप्तमी को सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है। ब्रत (Fast) रखने वाले सभी लोग फिर वहीं झील, तालाब या नदी के किनारे इक्ट्ठा होते हैं जहाँ उन्होंने शाम को अर्घ्य दिया था। सुबह दुबारा अर्घ्य देने के बाद प्रसाद खाकर व्रत पूरा करते हैं।

    अन्तिम शब्द - Chhath Puja Fast 2019 Date

    दोस्तों छठ पूजा का त्यौहार हर साल बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है, इस दिन छठ के गाने भी बहुत ही जोरो से बजाए जाते है साथ ही भक्ति गानों से भी छठी मैया की उपासना की जाती है, तो फ्रेंड्स अगर आपको हमारा आज का यह लेख छठ पूजा कब है? (2019 Me Chhath Puja Kab Hai Date), (When Chhath Puja Celebrated) छठ पर्व क्यों और कैसे मनाया जाता है (Chhath Parva Kyu Aur Kaise Manate Hai? - Why And How To Celebrate Chhath Pooja In Hindi) तथा छठ पूजा के दिन सूर्योदय (Chhath Puja Suryoday Time) का समय (Chhath Sun Rising Time) तथा पूजन विधि (Chhath Puja Fast Vidhi) और छठ पूजा के बारे में यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं.
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