Diwali 2019: जानें कब, क्यों और कैसे मनायी जाती है दिवाली, शुभ मुहूर्त, कथा और पूजा विधि

    Happy Diwali 2019 Date: जानें कब, क्यों और कैसे मनायी जाती है दिवाली, शुभ मुहूर्त, कथा और पूजा विधि

    शुभ दीपावली 2019: कब, क्यों और कैसें मनायी जाती है, शुभ मुहूर्त, कथा, कहानी और पूजा विधि (Information in Hindi)

    Diwali 2019 Date In Hindi: दिवाली का त्यौहार भगवान श्री राम के वनवास काटकर तथा रावण का वध कर सीता माता को अपने साथ वापस अयोध्या लाने के की खुशी में पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है बताया जाता है कि जब भगवान श्री राम सीता माता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटे तो अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप जलाकर किया और पूरे अयोध्या नगरी को रोशन कर दिया। इस दिन अमावस की काली रात थी जिसे दियो से जगमग कर दिया गया इसीलिए इस त्योहार को अंधेरे पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई की जीत तथा असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
    Happy Diwali 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi In Hindi Images
    Happy Diwali 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi In Hindi Images

    साथ ही इस दिन माता लक्ष्मी भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा का भी विशेष महत्व है आइए अब आपको दिवाली की तिथि (Diwali Date 2019) दिवाली कब है (Diwali Kab Hai - When in Hindi) दिवाली क्यों और कैसे मनाते हैं (Dipawali Kyu Aur Kaise Manate Hai - Why And How in Hindi) दिवाली का शुभ मुहूर्त (Diwali Shubh Mahurat 2019), दिवाली की पूजा विधि (Dipawali Ki Puja Vidhi), दीपावली की कथा (Diwali Ki Katha) के बारे में विस्तार से जानकारी (Information) देते हैं, जिससे आपको यह पता चल जाए कि दिपावली कब क्यों और कैसे मनाते हैं दिवाली पूजा शुभ मुहूर्त पूजा विधि और कथा क्या है?

    2019 में दिवाली कब है | लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ महूर्त:

    वैसे तो हर साल दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या की रात को मनाई जाती है इस साल 2019 में दीपावली 27 अक्टूबर 2019 को है, इसीलिए इस बार दिवाली 27 अक्टूबर 2019 को मनाई जाएगी जो की दिवाली की डेट है।

    वहीं अगली साल 2020 दिवाली शनिवार 14 नवम्बर 2020 (तारीख अलग हो सकता है) को मनाई जाएगी। आगे मैं आपको दिवाली के शुभ मुहूर्त के बारे में भी बताऊंगा जहां से आपको लक्ष्मी गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त की जानकारी मिल जाएगी.

    दिवाली शुभ मुहूर्त:

    कार्य दिनांक समय
    लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त शुरू रविवार 27 अक्‍टूबर 2019 शाम 06 बजकर 43 मिनट
    लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त समाप्त रविवार 27 अक्‍टूबर 2019 रात 08 बजकर 15 मिनट तक
    लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त अवधि: - 1 घण्टा 32 मिनट
    प्रदोष काल आरंभ रविवार 27 अक्‍टूबर 2019 शाम 05 बजकर 41 मिनट से
    प्रदोष काल समाप्त 17 अक्‍टूबर 2019 रात 08 बजकर 15 मिनट तक
    वृषभ काल आरंभ 27 अक्टूबर 2019 शाम 6 बजकर 43 मिनट
    वृषभ काल समाप्त 27 अक्‍टूबर 2019 रात 08 बजकर 39 मिनट तक
    अमावस्या तिथि प्रारम्भ 27 अक्तूबर 2019 दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से
    अमावस्या तिथि समाप्त सोमवार 28 अक्टूबर 2019 सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक
    लक्ष्मी पूजा चौघड़िया27 अक्टूबर 2019 (रविवार)दोपहर 1 बजकर 48 से 3 बजकर 13 मिनट तक


    दिवाली पर लक्ष्मी पूजा विधि और सामग्री:

    दीपावली पर माता लक्ष्मी और गणेश पूजा के लिए आपको कुछ सामाग्री की आवयश्यकता होगी जिसकी लिस्ट इस प्रकार है.

    कलावा, रोली, अक्षत, फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी कलश, चौकी गणेश लक्ष्मी के आसन के लिए, पंचामृत

    प्रसाद हेतु फल, बताशे, मिठाईयां, खील आदि।

    अगरबत्ती, कुमकुम, दीपक, रूई, आरती की थाली।

    दिवाली की रात में लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है। आइए दीपावली पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें इसके बारे में जानते है।

    दिवाली पूजा विधि: Step By Step

    दिवाली पूजा विधि चरण 1: अपने घर को शुद्ध करें

    दिवाली की सफाई बहुत महत्वपूर्ण है। अपने घर के हर कोने को साफ करें। सफाई के बाद, शुद्धी करने के लिए गंगाजल (गंगा नदी का पवित्र जल) छिड़कें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 2: पूजा की चौकी स्थापित करें

    अपने पूजा कक्ष / लिविंग रूम में, एक टेबल / स्टूल पर एक लाल सूती कपड़ा बिछाएं और इसके केंद्र में मुट्ठी भर अनाज रखें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 3: कलश रखें

    अनाज के बीच में कलश (चांदी/कांसे का बर्तन) रखें। कलश को 75% पानी से भरें और एक सुपारी (सुपारी), एक गेंदा का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें। 5 आम के पत्ते कलश पर गोलाकार डिजाइन में बांधे।

    दिवाली पूजा विधि चरण 4: पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति रखें

    केंद्र में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाईं ओर (दक्षिण-पश्चिम दिशा) में भगवान गणेश की मूर्ति रखें। इसके बाद पूजा स्थल पर पंच मेवा, गुड़ फूल, मिठाई, घी, कमल का फूल, खील बातसें आदि भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के आगे रखें और कुछ सिक्के मूर्ति के सामने रखें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 5: पढ़ाई/धन संबंधी वस्तुओं को रखें

    अब अपना व्यवसाय/लेखा पुस्तक और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें। यदि आप एक विद्यार्थी है तो अपनी पढ़ाई की किताबें आदि रख सकते है.

    दिवाली पूजा विधि चरण 6: तिलक करें, प्रकाश दीप जलाएं और पुष्प अर्पित करें

    अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक लगाएं और फूल चढ़ाए। साथ ही कलश पर भी तिलक लगाएं। और प्रार्थना के लिए अपनी हथेली में कुछ फूल रखें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 7: पूजा मंत्र का पाठ करें

    अपनी हथेली में फूल रखें और प्रार्थना मुद्रा में अपने हाथों को मिलाएं, अपनी आँखें बंद करें और दीवाली पूजा मंत्र पढ़ें। प्रार्थना के बाद अपनी हथेली में रखे फूल को गणेश और लक्ष्मी को अर्पित करें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 8: जल चढ़ाएं

    लक्ष्मी की मूर्ति लें और उसे पंचामृत के बाद जल से स्नान कराएं। इसे फिर से पानी से धोएं, एक साफ कपड़े से पोंछें और कलश पर वापस रखें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 9: माला अर्पित करें

    मूर्ति को हलदी, कुमकुम और चावल डालें। देवी के गले में माला रखें। अगरबत्ती जलाएं और मूर्ति के सामने शूप करें।

    दिवाली पूजा विधि चरण 10: फल और मिठाई चढ़ाएं और आरती करें

    नारियल, सुपारी, पान का पत्ता लेकर देवी को अर्पित करें। देवी को फल और मिठाई चढ़ाएं। मूर्ति के सामने कुछ फूल और सिक्के रखें। तथा पूजा की थाली में एक दीया लें और लक्ष्मी की आरती करें।

    दिवाली की कथा | Diwali Story In Hindi

    दिवाली की कथा (Diwali Ki Katha)

    बहुत साल पहले की बात है एक गांव में एक साहूकार रहता था, उसकी बेटी प्रतिदिन पीपल के पेड़ पर जल चढाया करती थी। उसके द्वारा जल चढाए जाने वाले पीपल के पेड पर माता लक्ष्मी का वास था। एक दिन की बात है जब वह उस पीपल के पेड़ पर जल देने गई तो माँ लक्ष्मी ने साहूकार की बेटी से मित्रता का प्रस्ताव पेश किया। इस पर लडकी ने अपने पिता से पूछ कर बताने की बात कही।

    और घर जाकर जब उसने अपने पिता को यह बात बताई, तो उसके पिता को इस बात से कोई एतराज नही था। इसलिए लड़की ने अगले ही लक्ष्मी की मित्रता स्वीकार कर लीं।

    कुछ ही दिनों में दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गयी तो एक दिन लक्ष्मीजी साहूकार की बेटी को अपने घर ले जाकर उसका दिल खोल कर स्वागत किया। यूज़ अनेकों प्रकार के पकवान परोसें और उसकी खूब खातिरदारी की।

    और जब साहूकार की बेटी अपने घर जाने लगी तो, लक्ष्मी जी ने यूँ ही पूछ लिया कि वह उन्हें अपने घर कब बुलायेगी। इस पर साहूकार की बेटी ने भी लक्ष्मी जी को अपने घर आने का बुलावा दे दिया, परन्तु उसके घर की आर्थिक स्थिति देख कर वह उदास हो गई. उसे डर लग रहा था कि क्या वह, लक्ष्मी जी का अच्छे से स्वागत कर पायेगी?

    साहूकार ने अपनी बेटी को उदास देखा तो वह समझ गया, उसने अपनी बेटी को समझाया, कि तू फौरन मिट्टी से चौका लगा कर साफ -सफाई कर। चार बत्ती के मुख वाला दिया जला, और लक्ष्मी जी का नाम लेकर बैठ जा। उसी समय एक चील किसी रानी का नौलखा हार लेकर उसके पास डाल गई।

    साहूकार की बेटी ने उस हार को बेचकर सोने की चौकी, और भोजन की तैयारी की। थोडी देर में श्री गणेश के साथ लक्ष्मी जी उसके घर आ गई। साहूकार की बेटी ने दोनों की खूब सेवा की, उसकी खातिर से लक्ष्मी जी बहुत प्रसन्न हुई और साहूकार बहुत अमीर बन गया।

    श्री राम की कथा:

    साथ ही दिवाली को लेकर पौराणिक तथा यह भी है कि इस भगवान रामचंद्र अपनी धर्मपत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस आए, जिस ख़ुशी में अयोध्यावासियों में उनके स्वागत पर पूरी अयोध्या नगरी को दीए जालकर जगमग कर दिया.

    दीपावली कैसे मनाई जाती है | How Diwali Celebrated In Hindi

    दीपावली का त्यौहार खुशियों का त्यौहार होता है इस दिन लक्ष्मी गणेश की पूजा का विशेष महत्व है साथ ही इस दिन लोग एक दूसरे के घर मिठाईयां पहुंचाते हैं और उन्हें गले मिलकर दिवाली की शुभकामनाएं देते हैं साथ ही यह दिन बच्चों के लिए काफी खास होता है इस दिन बच्चे मिठाइयां खाते हैं और पटाखे छोड़ते हैं.

    इस दिन पूरे घर में दीए जलाए जाते हैं मंदिरों, बगीचों, नदी के किनारों, कुओं आदि को दिए जलाकर जगमग किया जाता है. भारत में इस त्यौहार का इतजार बहुत बेसब्री से किया जाता है.

    अन्तिम शब्द - Happy Diwali 2019 Date

    दोस्तों अब तो आप दिवाली कब क्यों और कैसे मनाई जाती है इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि तथा कथा के बारे में समझ ही गए होंगे, यह सभी जानकारियाँ पौराणिक कथाओं और मान्यताओं पर आधारित है, जिसे सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है. देश के अलग-अलग हिस्सों में दीपावली की पूजा अलग-अलग तरीकों से होती है, अगर आपको दिवाली पर लिखा गया यह लेख (निबंध) आपको पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें.

    और दिवाली की तिथि (Diwali Date 2019) दिवाली कब है (Diwali Kab Hai - When in Hindi) दिवाली क्यों और कैसे मनाते हैं (Dipawali Kyu Aur Kaise Manate Hai - Why And How in Hindi) दिवाली का शुभ मुहूर्त (Diwali Shubh Mahurat 2019), दिवाली की पूजा विधि (Dipawali Ki Puja Vidhi), दीपावली की कथा (Diwali Ki Katha) के बारे में विस्तार से जानकारी (Information) के बारें में अपने विचार कमेंट करके बताए.
    ---------यह भी पढ़े:----------

    Happy Diwali 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi In Hindi, शुभ दीपावली कब, क्यों और कैसें मनायी जाती है, शुभ मुहूर्त, कथा, पूजा विधि

    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post
    -->
    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post