महर्षि वाल्मीकि जयंती 2019: कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है, पूरी जानकारी हिन्दी में

-------कृपया पोस्ट को पूरा पढ़े-------

    Valmiki Jayanti 2019: शरद पूर्णिमा जानिए कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है महर्षि वाल्मीकि जयंती

    शरद पूर्णिमा को कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है महर्षि वाल्मीकि जयंती

    Maharishi Valmiki Jayanti 13 October 2019 In Hindi: हिंदू महाकाव्य रामायण लिखने वाले संस्कृत कवि ऋषि वाल्मीकि की जयंती को वाल्मीकि जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि बाल्मीकि अपने प्रारंभिक दिनों में मुसाफिरों को लूटने वाले एक राजमार्गिया डाकू थे। लेकिन आप उनके जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं घटी जिन्होंने उन्हें डाकू से महर्षि बना दिया उनका जीवन आज बहुत से लोगों के लिए मोटिवेशन है।

    आज के इस लेख में हम आपको महर्षि वाल्मीकि जयंती कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है तथा महर्षि वाल्मीकि कौन थे। और वह एक डाकू से महर्षि कैसे बने तथा उन्हें रामायण लिखने की प्रेरणा कहां से मिली के बारे में जानने जा रहे हैं।
    Maharishi Balmiki Jayanti Kab Hai Hindi Subhkamnaye Images Pics Photos
    Maharishi Balmiki Jayanti Kab Hai Hindi Subhkamnaye Images Pics Photos

    आइए से पहले आपको बताते हैं महर्षि वाल्मीकि के बारे में कुछ खास बातें:

    • वाल्मीकि ने हिंदू महाकाव्य रामायण को लिखा जिसमें 24,000 श्लोक और 7 कैंटोस ( कंडा ) शामिल हैं, जिसमें उत्तर सैंटो शामिल है।

      रामायण में ऋषि वाल्मीकि भी एक पात्र (एक साधु के रूप में) के रूप में प्रकट होते हैं, जिन्होंने भगवान राम की पत्नी सीता को अपने धर्मोपदेश में प्राप्त किया और अपने निर्वासन काल में भगवान राम-सीता के पुत्रों लव और कुश को पढ़ाया।

    • ऋषि वाल्मीकि को आदि कवि के रूप में भी जाना जाता है।

    • महर्षि वाल्मीकि जी की जन्म तिथि और समय ज्ञात नहीं है, लेकिन उनकी जयंती, हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है।

    • अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान, महर्षि वाल्मीकि - रत्नाकर नाम से मशहूर एक राजमार्ग डाकू थे।

      ऐसा माना जाता है कि ऋषि नारद मुनि ने उन्हें भगवान राम का एक बड़ा भक्त बनाकर राम नाम मंत्र दिया था।

    • ऋषि नारद मुनि ने उन्हें "मरा" शब्द दोहराने के लिए कहा, जिसका अर्थ है "मरना" होता है।

      लेकिन लगातार "मरा" शब्द दोहराए जाने पर, उसका उच्चारण मरा से "राम" बन गया, अथार्त भगवान विष्णु के अवतार श्री राम।

    • वर्षों तक ध्यान लगाने के बाद, और ऋषि नारद मुनि द्वारा दिए गए मंत्र को दोहराते हुए , उनके चारों ओर विशाल विशाल पहाड़ियों का निर्माण हुआ, जिससे उन्हें वाल्मीकि नाम मिला, जिसका अर्थ है "वह जो चींटी पहाड़ियों से पैदा हुआ है"।

    वाल्‍मीकि जयंती कब मनाई जाती है? When Is Maharishi Valmiki Jayanti 2019

    हर साल वाल्मीकि जयंती की तिथि बदलती है और भारतीय चंद्र कैलेंडर द्वारा निर्धारित की जाती है। यह सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में अश्विन मास की शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा (जिसे शरद पूर्णिमा भी कहा जाता है) को महर्षि वाल्‍मीकि की जयंती मनाई जाती है।

    क्योंकि इसी दिन महर्षि बाल्मीकि जी का जन्‍म हुआ था इस बार यह दिन 13 अक्टूबर को पड़ रहा है इसीलिए इस साल वाल्‍मीकि जयंती 13 अक्‍टूबर को है।

    वाल्‍मीकि जयंती की तिथि और शुभ मुहूर्त:

    वाल्‍मीकि जयंती की तिथि: रविवार, 13 अक्‍टूबर 2019

    शरद पूर्णिमा तिथि 13 अक्‍टूबर 2019 की रात 12 बजकर 36 मिनट से आरंभ होकर 14 अक्‍टूबर की रात 02 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।

    म‍हर्षि वाल्‍मीकि कौन थे वह डाकू से महर्षि कैसे बने और रामायण लिखने की प्रेरणा कहां से मिली?

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि का जन्म महर्षि कश्यप तथा अदिति के नौवें पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चर्षणी के यहाँ हुआ था। बताया जाता है कि बचपन में ही उन्हे एक भीलनी ने चुरा लिया था और भील समाज में लालन पालन होने पर वे डाकू बन गए।

    उस समय उनका नाम रत्‍नाकर था और वे अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए जंगल से गुजरने वाले राहगीरों को लूटते और जरूरत पड़ने पर उन्‍हें जान से भी मार दिया करते थे।

    बताया जाता है कि एक दिन उसी जंगल से नारद मुनि के गुजरने पर रत्नाकर आथार्त बाल्मीकि जी ने लूटने के विचार से उन्‍हें बंदी बना लिया। इसके बाद तो उनका जीवन में जो बदलाव आया वो आज भी सबको याद है। आइए अब आपको इससे आगे की कहानी बताते हैं और जानते हैं कि महर्षि बाल्मीकि रत्नाकर डाकू से महर्षि वाल्मिकी कैसे बने।

    नारद मुनि को बंदी बनाने के बाद जब उन्होंने उनसे पूछा कि: तुम ऐसे पाप क्‍यों करते हो?

    रत्‍नाकर ने जवाब देते हुए कहा कि: मैं यह सब अपने परिवार के लिए करता हूँ।

    यह जवाब सुनने के बाद नारद मुनी ने पूछा: "क्‍या तुम्‍हारा परिवार भी तुम्हारे पापों का फल भोगेगा?"

    रत्‍नाकर ने तुरंत जवाब दिया: बिलकुल, मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहेगा

    इस पर नारद मुनि ने कहा कि एक बार जाकर अपने परिवार से पूछ लो।

    नारद जी की बात मनाते हुए रत्‍नाकर ने जब यह सवाल अपने परिवार से किया तो सबने इंकार कर दिया। जिसके कारण रत्‍नाकर का ह्रदय बेहद दुखी हो गया और उसने पाप का रास्‍ता छोड़ दिया।

    वाल्‍मीकि को कैसे मिली रामायण लिखने की प्रेरणा

    नारद मुनि से मिलने और अपने परिवार वालों के ऐसे जवाब सुनने के बाद रत्‍नाकर को अकाल आ चुकी थीं।

    उसने ड़ाकैती और पाप की दुनिया को छोड़ने का फैसला किया, लेकिन आगे के उसे क्या करना है इसका ज्ञान नहीं था इसीलिए उसने नारद मुनि से ही सलाह लेने की सोची तो नारद मुनि ने उसे राम नाम जपने की सलाह दी।

    कैसे बने बाल्मीकि:

    जिसके बाद रत्‍नाकर अज्ञानी होने के कारण 'राम' नाम का जाप करने की बजाय वह 'मरा-मरा' करता रहा, जो लगातार दोहराए जाने से 'राम-राम' में उच्चारित होने लगा।

    बताया जाता है कि रत्‍नाकर द्वारा किए गए कई वर्षों के कठोर तप के कारण उसके शरीर पर चीटियों ने बाम्‍भी बना दी, जिसकी वजह से उनका नाम वाल्‍मीकि पड़ा।

    उनकी कई वर्षों की कठिन तपस्या से प्रसन्‍न होकर ब्रह्मा जी ने उन्‍हें ज्ञानी होने का वरदान दिया। ब्रह्मा जी स य प्रेरणा लेकर ही उन्होंने रामायण जैसे महाकाव्‍य की रचना की।

    वाल्‍मीकि जयंती कैसे मनाई जाती है? Why We Celebrate Maharishi Valmiki Jayanti In Hindi

    वाल्‍मीकि जयंती के दिन उनके जन्मदिन को देश भर में बड़ी धूमधाम और हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में वाल्‍मीकि जी की विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती की जाती है।

    साथ ही वाल्‍मीकि जयंती पर शोभा यात्रा का भी खासा महत्व है, जिसमें लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। इस दिन भगवान राम नाम का जाप एवं रामायण के पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।

    वाल्मीकि जयंती पर, वाल्मीकि संप्रदाय के अनुयायी (जो ऋषि की शिक्षाओं पर बने थे) एक जुलूस निकालते हैं और भक्ति गीत गाते हैं।

    अंतिम शब्द | Maharishi Valmiki Jayanti 13 October 2019

    दोस्तों डाकू से एक महान ऋषि बनने के इस प्रक्रिया से आप प्रेरणा ले सकते हैं और आज से ही बुरे कामों को त्याग कर ज्ञान की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

    आपको वाल्मीकि जयंती 2019: जानिए कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है महर्षि वाल्मीकि महर्षि वाल्मीकि के बारे में यह जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी Maharishi Valmiki के बारें में जानकारी मिल सके।
    ---------यह भी पढ़े:----------

    Valmiki Jayanti 13 October 2019: शरद पूर्णिमा जानिए कब, क्यों और कैसे मनाई जाती है महर्षि वाल्मीकि जयंती, Maharishi Balmiki Jayanti Kab Hai Hindi Subhkamnaye Images Pics Photos,

    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post
    -->
    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post