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राष्ट्रीय एकता दिवस 2020: सरदार पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रोचक बातें

    National Unity Day 2020: जानें कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है राष्ट्रिय एकता दिवस, स्टेच्यु ऑफ़ यूनिटी फैक्ट्स, वल्लभभाई पटेल जयंती

    नेशनल यूनिटी डे २०२०: भारत में हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनायी जाती है। इस साल 31 अक्टूबर 2020 को सरदार वल्लभभाई की 145वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है, जिसे एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत Run For Unity प्रोग्राम के साथ मनाया जाता हैं।

    पिछली साल इस अवसर पर, गृह मंत्री अमित शाह जी मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से 'रन फॉर यूनिटी' (Run For Unity) को हरी झंडी दिखा कर प्रतिभागियों को एकता की शपथ भी दिलाई गई थी।

    वहीं वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue Of Unity) को राष्ट्र को समर्पित किया था।
    Rashtriya Ekta Diwas 31 October National Unity Day
    Rashtriya Ekta Diwas 31 October National Unity Day

    आइए अब आपको राष्ट्रीय एकता दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर लौह पुरुष के बारे में जानकारी, एवं स्टेचू ऑफ़ यूनिटी के फैक्ट्स के बारे में बताते है।


    National Unity Day India 2020 Information in Hindi

    राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे में जानकारी:
    नाम: विश्व एकता दिवस (National Unity Day)
    स्मृति दिवस: सरदार वल्लभभाई पटेल
    शुरूआत: वर्ष 2014
    तिथि: 31 अक्टूबर
    उद्देश्य: देश को एकजुट करना और सरदार पटेल को श्रध्दांजलि देना।
    अगली बार: 31 अक्टूबर 2021

    पटेल जयंती 2020: राष्ट्रीय एकता दिवस कब मनाया जाता है?

    हर साल भारत में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है, उन्होंने वास्तव में देश को एकजुट करने का काम किया। नेशनल यूनिटी डे (National Unity Day) की शुरूआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में की गई थी।

    इस बार सरदार पटेल की जयंती और एकता दिवस 31 October को गुरुवार के दिन मनाया जा रहा है, यह वल्लभभाई पटेल की 145 वीं जयंती है।

    इस आयोजन को शुरू करने का उद्देश्य देश के लिए लौह पुरुष सरदार पटेल जी द्वारा किए गए असाधारण कार्यों को याद करके उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देना है, क्योंकि उन्होंने भारत को एकजुट रखने में वास्तव में कड़ी मेहनत की है।


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    Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti Ki Shubhkamnaye
    Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti Ki Shubhkamnaye

    सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?

    सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मदिन (जयंती) राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि उन्होंने भारत को एकजुट करने का काम किया।

    लौह पुरुष सरदार पटेल ने भारत को संयुक्त भारत (एक भारत) बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने भारत के लोगों को श्रेष्ठ भारत (सबसे महत्वपूर्ण भारत) बनाने के लिए एकजुट होकर जीने का अनुरोध किया।

    उन्होंने देश की स्वतंत्रता, एकजुटता एवं स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए लोगों के एकीकरण के लिए एक सामाजिक नेता के रूप में कड़ी मेहनत की।

    भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधान मंत्री होने के नाते उन्होंने भारतीय संघ बनाने के लिए कई भारतीय रियासतों के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे राष्ट्र में शांति बहाल करने के लिए भारी प्रयास किए। वह EMHS(एडवर्ड मेमोरियल हाई स्कूल) बोरसाद के पहले अध्यक्ष और संस्थापक भी थे। वर्तमान में यह झावेरभाई दाजीभाई पटेल हाई स्कूल के नाम से है)।

    राष्ट्रीय एकीकरण के लिए उनका समर्पण पूरी तरह से एक नया मुक्त संयुक्त राष्ट्र बनाने के लिए समझौता करना था। देश में एकता के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें 1947 से 1949 में स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के माध्यम से ब्रिटिश शासन से 500 से अधिक स्वतंत्र रियासतों को एकीकृत करने में सक्षम बनाया।


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    शुरूआत और इतिहास (History)

    वर्ल्ड यूनिटी डे की शुरूआत वर्ष 2014 में भारत की केंद्र सरकार द्वारा तय किया गया था और हर साल सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (World Unity Day) के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य भारत को एकजुट करने के उनके महान प्रयासों के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देना था।

    2014 को इस दिन का उद्घाटन माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके तथा नई दिल्ली में 'रन फॉर यूनिटी' नामक कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर किया गया था। तभी से इस कार्यक्रम को सरदार पटेल द्वारा देश को एकजुट करने के लिए किए गए प्रयासों को उजागर करने की योजना के तहत हर साल मनाया जाता है।

    Statue Of Unity of India Photos
    Statue Of Unity of India Photos

    इस दिन, राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और महान व्यक्ति को याद करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मैराथन का आयोजन किया जाता है।

    इस अवसर का जश्न प्रतिवर्ष देश के युवाओं को जागरूक करने में मदद करता है और सभी को राष्ट्र की अभिन्न शक्ति को बनाए रखने का अवसर प्रदान करता है। यह भारतीय नागरिकों को यह एहसास कराता है कि एक राष्ट्रीय अखंडता राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए वास्तविक और संभावित खतरों को हराने में कैसे मदद करती है।

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    सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में | About Sardar Vallabh Bhai Patel In Hindi

    1. 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के Karamsand में जन्मे सरदार पटेल पेशे से वकील थे।

    2. वह एक बैरिस्टर, राजनेता, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक नेता तथा भारतीय गणराज्य के संस्थापक, पिता और भारत के आधुनिक राजनीतिक वास्तुकारों में से एक थे।

    3. लौह पुरुष के रूप में लोकप्रिय, पटेल को 'सरदार' के रूप में संबोधित किया गया, जिसका अर्थ है प्रमुख या नेता।

    4. 1946 में, कांग्रेस चुनावों के दौरान सोलह राज्यों में से तेरह ने सरदार पटेल को अपना अध्यक्ष चुना, जो जवाहरलाल नेहरू की तुलना में स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री के लिए अधिक लोकप्रिय उम्मीदवार थे।
      हालांकि, महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने एक उम्मीदवार के रूप में पद छोड़ दिया और जवाहरलाल नेहरू का समर्थन किया।

    5. आखिरकार, 1947 में सरदार पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने।

    6. उन्हें स्वतंत्र भारतीय संघ में 500 से अधिक रियासतों के राजनीतिक एकीकरण के लिए स्वीकार किया जाता है। उन्होंने 565 रियासतों को भारत का हिस्सा बनने के लिए एकजुट किया।

    7. 1991 में, सरदार वल्लभभाई पटेल को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया।

    8. वर्ष 2014 से ही 'राष्ट्रीय एकता दिवस' 31 अक्टूबर को हर साल सरदार पटेल को याद करते हुए मनाया जाता है।

    9. उन्हें वल्लभभाई झावेरभाई पटेल भी कहा जाता था। उनकी मृत्यु भारत के बंबई, (अब मुंबई) शहर में 15 दिसंबर 1950 मे हुई।


    उन्हें भारत के "लौह पुरुष" (Iron Man) और "भारत के सिविल सेवकों के संरक्षक संत" के रूप में याद किया जाता है क्योंकि उन्होंने आधुनिक अखिल भारतीय सेवा प्रणाली की स्थापना की थी।



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    एकता की मूर्ति के बारें में रोचक तथ्य | Statue of Unity Facts In Hindi:

    Statue Of Unity Facts in Hindi Images
    Statue Of Unity Facts in Hindi Images

    1. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस परियोजना की घोषणा 31 अक्टूबर, 2013 को नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

    2. परियोजना के विकास के लिए, मोदी जी ने "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" बनाने के लिए लोहे को इकट्ठा करने के लिए एक देशव्यापी अभियान चलाया और पूरे देश के लगभग सात लाख गांवों से लोहा एकत्र किया गया।

    3. यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है जो न्यूयॉर्क की "स्टैचू ऑफ लिबर्टी" (93 मीटर) के आकार से दोगुनी है और चीन में "स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा" की ऊंचाई (153 मीटर) से अधिक है।

    4. परियोजना में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर एक प्रदर्शनी हॉल और ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति शामिल होगी।

    5. मुख्य संरचना 1345 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है, परियोजना के लिए आवंटित कुल 2979 करोड़ रुपये का एक हिस्सा।

    6. शेष लागत में से, प्रदर्शनी हॉल और कन्वेंशन सेंटर के निर्माण पर 235 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं; स्मारक को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए पुल पर 83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं; और अगले 15 वर्षों तक संरचना को बनाए रखने के लिए 657 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    7. इस परियोजना के लिए लगभग 75000 घन मीटर कंक्रीट, 5700 मीट्रिक टन स्टील संरचना, 18500 स्टील की छड़ और 22500 मीट्रिक टन कांस्य का उपयोग किया गया है।

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    नेशनल यूनिटी डे और पटेल जयंती कैसे मनायी जाता है?

    राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह भारत के लोगों द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करके मनाया जाता है। पटेल चौक, पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली में हर साल सुबह सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया जाता है।

    भारत सरकार द्वारा इस अवसर को चिन्हित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जैसे कि एकता के लिए चलाया जाना, भारतीय पुलिस द्वारा मार्च पास्ट लेना।

    "रन फॉर यूनिटी" कार्यक्रम प्रमुख शहरों, जिला कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना, आदि के बच्चे इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। यह राष्ट्रीय राजधानी में विजय चौक से इंडिया गेट तक राजपथ पर सुबह 8.30 बजे विशाल स्तर पर आयोजित किया जाता है।

    परन्तु इस साल कोरोनावायरस के चलते इस तरह को कोई भी आयोजन शायद नहीं किया जाएगा।


    राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ (Unity Pledge)

    राष्ट्रीय एकता दिवस (नेशनल यूनिटी डे) के लिए Pledge (प्रतिज्ञा/शपथ) निम्नलिखित है:

    मैं पूरी तरह से प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित करता हूं और अपने साथी देशवासियों के बीच इस संदेश को फैलाने के लिए कड़ी मेहनत करता हूं।

    मैं अपने देश के एकीकरण की भावना में यह प्रतिज्ञा लेता हूं जो सरदार वल्लभभाई पटेल की दृष्टि और कार्यों से संभव हुई। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने का पूरी तरह से संकल्प करता हूं।

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    अंतिम शब्द

    आपको राष्ट्रीय एकता दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर लौह पुरुष के बारे में जानकारी, स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी के बारे में फैक्ट्स तथा National Unity Day 2020 की पूरी जानकारी हिंदी में कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताए।

    आप सभी को भी Vallabhbhai Patel Jayanti और नेशनल यूनिटी डे की हार्दिक शुभकामनाएं।

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