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क्रिसमस डे 2020: क्यों और कैसे मनाते है? जानिए इसकी कहानी, Santa और Xmas Tree के बारे में

    Merry Christmas 2020: क्रिसमस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है - Santa Claus & X-mas Tree in Hindi

    Merry Christmas 2020 in Hindi: भारत में विभिन्न समुदाय और धर्म के लोग रहते हैं और भारत में लगभग सभी धर्मों के त्योहारों को महत्व दिया जाता है और काफी धूमधाम से मनाया भी जाता है क्रिसमस (Christmas Day 25 December 2020) का त्यौहार ईसाईयों का प्रमुख त्यौहार है।

    इस दिन सरकारी अवकाश होने के कारण दफ्तर, स्कूल और निजी कार्यालय आदि बंद रहते हैं।

    इस मौके पर सभी ईसाई समुदाय के लोग चर्च (गिरजाघर) जाते हैं और सामूहिक प्रार्थना करते हैं। India में Christmas Day या X-Mas को बड़ा दिन भी कहा जाता है।

    Christmas Day 25 December 2020 In Hindi
    Christmas Day 25 December 2020 In Hindi

    आज हम आपको क्रिसमस के इस त्यौहार के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं जिसमें आपको यह जानने को मिलेगा की क्रिसमस कब मनाया जाता है, (When is Christmas Day is Celebrated) 25 दिसंबर को ही Xmas क्यों और कैसें मनाते हैं और इसके पीछे की कहानी (Story) क्या है तथा सैंटा क्लॉस (Santa Claus) कौन है? इसके बारे में भी जान लेते है।


    Christmas Day कब मनाया जाता है?

    पूरी दुनिया में क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है लेकिन इसकी शुरुआत एक दिन पहले 24 दिसंबर की शाम से होती है जिसे Christmas Evening कहा जाता है।

    यह त्यौहार ईसाई समुदाय के लोगों के लिए एक खास Festival है जिसे भारत समेत सभी ईसाई धर्म के लोग काफी धूमधाम से मनाते हैं। भारत में भी यह त्यौहार 25 दिसंबर को बड़ा दिन के रूप में मनाया जाता है।


    25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस डे?

    इसाई समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला Christmas का महत्वपूर्ण त्यौहार 25 दिसंबर को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 'यीशु मसीह' का जन्म हुआ था। तथा 25 दिसंबर के दिन हर वर्ष ईसा मसीह के जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए क्रिसमस डे मनाया जाता है।

    लेकिन कुछ लोगों की मानें तो उनका जन्म 25 दिसंबर को नहीं हुआ था।

    आइए अब आपको 25 दिसंबर यानी Xmas/बड़ा दिन के पीछे की कहानी (Christmas Day Story) के बारे में बताते हैं जिससे आप इस Festival को और भी अच्छी तरह समझ सके।


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    Xmas Day Church Prayer
    Xmas Day Church Prayer

    ईसा मसीह के जन्म से जुड़ी कहानी (Christmas Day Story in Hindi)

    ईसाई धर्म के पवित्र ग्रंथ बाइबिल की माने तो ईसा मसीह का जन्म माता मरियम के गर्व से हुआ था। ऐसा तब संभव हुआ जब मरियम के पास एक दिन स्वर्ग दूत आए और उन्होंने उनकी कोख से ईश्वर के पुत्र के जन्म की बात कही।

    और कहा कि आपकी कोख से जन्म लेने वाली संतान ही इस संसार को कष्टों से मुक्ति दिलाएगी, यह सुनकर वह काफी डर गई।

    हालांकि माता मरियम उस समय अविवाहित थी इसीलिए उन्होंने उस देवदूत से पूछा कि मेरा गर्भवती होना असंभव है क्योंकि मैं अभी अविवाहित हूं, तब उस देवदूत ने उन्हें बताया कि यह सब एक योजना से किया जाएगा।

    इसके बाद माता मरियम की शादी युसूफ नामक एक व्यक्ति से हुई। शादी के बाद दोनों अपने नगर से दूर बेथलेहम (Bethlehem) नामक जगह में रहने गए और इसी जगह पर माता मरियम ने रात के समय अस्तबल में यीशु मसीह (भगवान के पुत्र) को जन्म दिया।


    सैंटा क्लॉस कौन है (Who is Santa Claus in Hindi):

    Santa Claus Photo

    दोस्तों क्रिसमस हो और लोग सैंटा क्लॉस को याद ना करें ऐसा हो ही नहीं सकता, क्रिसमस के सभी परंपराओं में से सेंटा क्लोज भी काफी अहम है, आपने सांता क्लॉस को ज्यादातर कार्टून की फोटो में देखा होगा। Santa Claus एक गोल मटोल बूढा आदमी होता है और लाल रंग की पौशाक पहना यह आदमी सफ़ेद रंग की दाढ़ी मुछों में होता है।

    सैंटा क्लॉस का असली नाम संत निकोलस (Saint Nicholas) है, इनका जन्म ईसा मसीह की मृत्यु के उपरांत लगभग 280 साल बाद तुर्की के मायरा (Myra) में हुआ वह यीशु के गहरे उपासक थे।

    उन्होंने अपना पूरा जीवन ईसा मसीह के नाम कर दिया वह लोगों की सहायता करना है करना ही अपना मकसद समझते थे, और इसीलिए वह यीशु के जन्मदिन यानी 25 दिसंबर को के मौके पर रात के अंधेरे में बच्चों को गिफ्ट देने के लिए निकल पड़ते थे।

    इतना ही नहीं बच्चे भी हर साल सांता क्लॉस के आने का इंतजार किया करते थे और यह परंपरा आज भी चली आ रही है लोग आज भी संता का इंतजार करते हैं।


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    क्रिसमस ट्री का महत्व (Importance of Christmas Tree)

    Christmas Tree image
    Christmas Tree image

    क्रिसमस डे पर Christmas/X-mas Tree का भी एक खास महत्व है, जब यीशु के जन्म दिन की शुरुआत हुई तो लोग इस मौके पर फर के एक पेड़ को सजाया करते थे, हालांकि अब इसे क्रिसमस ट्री के नाम से जाना जाता है, जिसे 25 दिसंबर को सजाया जाता है।

    साथ ही इस दिन Card देने की परंपरा भी चली आ रही है, लोग शुभकामनाएं देने के लिए ग्रीटिंग कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।

    हालांकि आज का जमाना व्हाट्सएप फेसबुक का है लेकिन उस समय 1842 में "विलियम एंग्लो" ने पहला क्रिसमस कार्ड भेजकर इस परम्परा की शुरुआत की थी।


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    कैसे मनाते हैं क्रिसमस का त्यौहार (Christmas Celebration in India)

    क्रिसमस की शुरुआत 24 दिसंबर को क्रिसमस इवनिंग से होती है जो भारत समेत कई गैर ईसाई धर्म के अनुयायियों द्वारा भी मनाया जाता है।

    Xmas से पहले लोग इसकी शॉपिंग करते हैं और थैंक्सगिविंग डे भी मनाते हैं जिसके बाद इस फेस्टिवल की शुरुआत होती है।

    यह त्योंहार (Festival) बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है इस दिन से पहले घरों व गिरजाघरों (चर्चो) में साफ सफाई और सजावट की जाती है, साथ ही Christmas Tree को भी अच्छे से सजाया और इसे तैयार करके उसमें अच्छी लाइटें और चमकीले, मोमबत्ती आदि लगाई जाती है।

    इस दिन सभी ईसाई धर्म के उपासक चर्च (गिरजाघर) जाते हैं और प्रार्थना (Prayer) करते हैं।

    साथ ही आपको इस दिन किसी ना किसी जरूरतमंद की सहायता जरूर करनी चाहिए और दूसरों के लिए सैंटा बनना चाहिए।


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    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि X-mas कब क्यों और कैसे मनाया जाता है साथ ही क्रिसमस और ईसा मसीह के जन्म की स्टोरी, (Christmas Day Story) भी आपको पता चल गई है और तो और आपने अब Santa Claus सैंटा क्लॉस और Christmas Tree के महत्व (Importance) को भी समझ लिया है।

    अगर आपको एक्समस के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।

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