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Solar Panel: क्या है? कैसे काम करता है? कितने का है? इसके फायदे और पैसे कमाने का तरीका

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    Solar Panel: की पूरी जानकारी, Subsidy पर कैसे ख़रीदे | इसके फायदे | Types और Price | FAQs

    आजकल लोगों को बिजली का बिल बोझ लगने लगा है और लोग चाहते हैं कि उनका बिल कम आए और इसके लिए वह कई उपाय भी करते हैं और बिजली बचाने के सभी तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

    परंतु अब आपको बिजली बचाने के लिए अपने बिजली के उपकरणों बल्बों, पंखे, कूलर, फ्रिज आदि को बंद करने की जरूरत नहीं है अब आप सोलर पैनल (Solar System) का इस्तेमाल करके फ्री में बिजली पा सकते हैं और इससे पैसे भी कमा सकते हैं।

    जी हां दोस्तों आपने सौर पैनल का नाम जरूर सुना होगा इसे रूफटॉप सोलर प्लांट के नाम से भी जाना जाता है आइए आपको सोलर पैनल क्या है? कैसें काम करता है? कितने प्रकार का होता है? इसके फायदे एवं नुकसान, उपयोग तथा Solar System से पैसे कैसे कमाए? इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

    Solar Panel Information in Hindi
    Solar Panel Information in Hindi 

    सोलर पैनल क्या है?

    सौर पैनल, सौर ऊर्जा को विद्युत धारा में बदलने वाला एक उपकरण है, सूर्य की किरणें (फॉटॉन) जब Solar Panel (फोटोवॉल्टिक सेल) पर पड़ती हैं तो यह इन किरणों को बिजली के रूप में बदल देता है।

    सोलर पैनल छोटे-छोटे सौर सेलों से मिलकर बना होता है जिसे फोटोवॉल्टिक सेल (photovoltaic cell) या PV Cells भी कहते हैं।


    Solar System क्या है?
    एक सोलर सिस्टम, सौर पैनल, इनवर्टर और बैटरी से तार के जरिए आपस में जोड़े जाने के बाद बनता है।

    सोलर सिस्टम मुख्यतः दो तरह के होते हैं
    1. ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम (On Grid Solar System) और
    2. ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम (Off Grid Solar System)

    ऑन ग्रिड ऐसे सोलर सिस्टम होते हैं जो बिजली के खंभों से जुड़े होते हैं और इन्हें नेट मीटर की सहायता से चलाया जाता है।

    तो वही ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम ऐसे सोलर सिस्टम होते हैं जिन्हें चलाने के लिए अलग से बिजली की जरूरत नहीं पड़ती और यह स्वतंत्र होते हैं।


    Solar Panels कितने प्रकार के होते हैं?

    मार्केट में उपलब्धता के अनुसार सोलर पैनल मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं।


    1. माइक्रोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panel),
    2. पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline Solar Panel),
    3. थिन फिल्म सोलर पैनल (Thin-film Solar Panel)।

    माइक्रोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panel): यह शुद्ध सिलीकान के क्रिस्टल से बनी पतली परत होती है जो कीमत में काफी महंगी होती है। परंतु इसमें किसी भी प्रकार की खामी नहीं होती। माइक्रोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल सौर ऊर्जा को विद्युत धारा में परिवर्तित करने में काफी ज्यादा सक्षम होते हैं इसलिए इसका कम साइज भी अधिक फायदा देता है।

    साथ ही यह मौसम खराब होने और बारिश के मौसम में भी काम करते हैं।

    पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline Solar Panel): यह कई क्रिस्टलों से मिलकर बने होते हैं इसीलिए यह कीमत में भी माइक्रोक्रिस्टलाइन के मुकाबले काफी कम महंगे होते हैं।

    इसमें इस्तेमाल किए गए मल्टी क्रिस्टल की वजह से सौर ऊर्जा का सोखना कम हो जाता है और माइक्रोक्रिस्टलाइन के मुकाबले ऊर्जा कम उत्पन्न होती है।

    और यह कुछ खास परिस्थितियों जैसे बारिश या बादल होने पर उतनी अच्छी तरह काम नहीं कर पाते।

    थिन फिल्म सोलर पैनल (Thin-film Solar Panel): थिन फिल्म सौर पैनलों पर एक से ज्यादा सामग्रियों की पतली परते होती हैं जिसे कांच और अन्य धातुओं की एक पतली फिल्म चढ़ाकर बनाया जाता है। इन्हें Third generation solar cell और Low-cost photovoltaic cell के नाम से भी जाना जाता है।


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    Solar Panel कैसे काम करता है?

    Solar Panel Kaise Kaam Karta Hai Diagram
    Solar Panel Kaise Kaam Karta Hai Diagram

    सोलर पैनल के काम करने की प्रक्रिया काफी सरल और आसान है बस आपको इसे को सूर्य की रोशनी वाली दिशा में लगाना होता है और एक कनवर्टर की मदद से इसे घर में इस्तेमाल करने लायक बना दिया जाता है।

    1. Solar Panel को सही दिशा में Set करे: सोलर पैनल को छत पर या किसी ऐसी जगह पर एकदम सटीक कोण पर लगाया जाता है जिससे इसकी गुणवत्ता अच्छी हो और यह अधिक से अधिक प्रकाश अवशोषित कर सके।

    2. विद्युत प्रवाह: सोलर पैनल सिलिकॉन से बने होते हैं जो एक अर्धचालक (semi-conductor) होता है। जिनमें से एक हिस्सा पॉजिटिव चार्ज और दूसरा हिस्सा नेगेटिव चार्ज होता है।

    और जब सूर्य की किरणें (फोटोन) जब फोटोवॉल्टिक सेल पर पड़ती है तो सेल द्वारा इस ऊर्जा को अवशोषित किया जाता है और इसके ऊपरी भाग में मौजूद इलेक्ट्रॉन सक्रिय हो जाते हैं और विद्युत क्षेत्र का निर्माण करते हैं जिसे फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट भी कहा जाता है।

    3. बैटरी: सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को यदि आप रात के समय इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उसके लिए बैटरी की आवश्यकता होती है जिसमें सोलर पैनल द्वारा उत्पन्न हुई बिजली को संग्रहित किया जा सकता हैं।

    और जब धूप न मिलने के कारण सोलर पैनल बिजली उत्पन्न करना बंद कर देते हैं तो इन बैटरियों मे संग्रहीत ऊर्जा का इस्तेमाल बिजली उपकरणों को चलाने मे किया जाता हैं।

    4. कनवर्टर: सोलर सेलों द्वारा बनायी गयी ऊर्जा को इस्तेमाल लायक बनाने के लिए इसे इनवर्टर की मदद से AC (Alternative Current) में बदला जाता है क्योंकि घर में और ज्यादातर जगहों पर AC (अल्टरनेटिव करंट) का इस्तेमाल किया जाता है।


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    भारत में सौर/सोलर पैनल की कीमत कितनी है?

    भारत में अलग-अलग सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों की कीमतें भी अलग-अलग है।

    हालांकि एक सोलर पैनल की कीमत लगभग ₹1 लाख़ तक होती है परंतु राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी मिल जाने के बाद यह है 60 हज़ार से ₹70000 तक हो सकती है।

    आप चाहे तो अपनी जरूरत के अनुसार छोटा Solar Panel भी लगवा सकते हैं यदि आप केवल अपनी बिजली का बिल कम करना चाहते हैं तो आपका काम सस्ते में ही हो जाएगा।

    आपको बता दें कि 1 KW से 10 किलोवाट तक के सोलर पैनल को घर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जिस पर सरकार सब्सिडी उपलब्ध कराती है।


    इसके साथ ही आपको इन्वर्टर, बैटरी एवं अन्य जरूरी सामानों और installation का खर्च भी अलग से उठाना पड़ता है।


    सोलर प्लेट कितने की आती है?

    सोलर पैनल की कीमत Per Watt के हिसाब से तय की जाती है। Solar Panel 18 रुपए से लेकर 80 रुपए Per Watt तक की Price Range मे उप्लब्ध है। हालाँकि यह कीमत कंपनी, टेक्नोलॉज़ी और क्वालिटी पर निर्भर करती है।

    इस तरह से 1 KW सोलर पैनल की कीमत 20,000 प्रति किलोवॉट से 40,000 रूपए प्रति किलोवॉट होती है।


    सब्सिडी पर सोलर पैनल कैसे खरीदें?

    सोलर पैनल खरीदने या लगवाने के लिए वैसे तो बहुत से हैं प्राइवेट डीलर मार्केट में उपलब्ध हैं परंतु भारत सरकार सोलर पैनल पर सब्सिडी दे रही है ऐसे में अगर आप भी इस Subsidy का लाभ उठाना चाहते हैं और अपने घर पर सौर पैनल लगवाना चाहते हैं तो सरकार आपको रूफटॉप सोलर प्लांट पर लगभग 20% से लेकर 40% तक सब्सिडी देती है।

    सबसे पहले आप अपने राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क करें।

    वहां से आपको सब्सिडी के लिए फॉर्म और इसके बारे में सभी जानकारियां मिल जाएगी और अगर आप इसके लिए Loan लेना चाहते हैं तो आप अथॉरिटी से लोन लेने के लिए भी संपर्क कर सकते हैं।

    सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए आप बैंक से होम लोन के रूप में कर्ज ले सकते हैं वित्त मंत्रालय द्वारा इस पर सभी बैंकों को Home Loan देने की बात कही गई है।

    परंतु सोलर पैनल पर सब्सिडी लेना उतना भी आसान नहीं है कई नियमों और शर्तों का पालन करने के बाद ही आपको सब्सिडी मिलती है जिनमें से एक शर्त यह भी है कि Subsidy सिर्फ घरों में सौर पैनल लगाने पर ही दी जाएगी।


    आप चाहे तो अपने State की Renewable Energy की Website पर भी यह जानकारी चेक कर सकते है, जैसे उत्तर प्रदेश के लिए UPDNEDA, पंजाब के लिए PEDA, हरियाणा के लिए HAREDA, केरल के लिए KSEB, बिहार के लिए BAREDA और झारखण्ड के लिए JHAREDA, आदि है।


    यहाँ से चेक करे खर्चा और सब्सिडी एवं लोन: Solar Rooftop Calculator

    Rooftop Solar Scheme की अधिक जानकारी के लिए Toll Free Number: 1800-180-3333

    Solar Rooftop System Apply करने के लिए जरूरी Documents:

    1. आधार कार्ड/वोटर आईडी कार्ड
    2. बैंक पासबुक
    3. बिजली का बिल
    4. लाभार्थी की फोटो
    5. बिल की फोटो
    6. सौर पैनल लगने से पहले और बाद साइट का फोटोग्राफ
    7. लगने वाली सभी सामग्री का बिल
    8. Solar Panels और invertor की Technical specifications
    9. grid clearance की Copy और कुछ अन्य जरूरी दस्तावेज़ आदि।

    अभी राज्यों के लिए यह अलग-अलग हो सकते है, और सभी दस्तावेजों की जानकारी भी आपको Ministry of New and Renewable Energy की वेबसाइट से मिल जायेगी।


    सौर उर्जा के फायदे | Benefits of Solar Energy

    • यह आपके हर महीने आने वाले भारी बिजली बिल से छुटकारा दिलाता है।

    • इसका इस्तेमाल करना काफी आसान है आप इसे घर के लिए, रोड पर लगी लाइटों के लिए कर सकते हैं।

    • ग्रामीण क्षेत्रों (अच्छी धूप वाले) में यह 24 घंटे बिजली देने का काम कर सकता है।

    • यह कम धूप या बादल होने पर भी काम करता है।

    • आप सोलर सिस्टम से उत्पन्न की गई बिजली को बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

    • बिजली के दूसरे संसाधनों के मुकाबले काफी किफायती है और लंबे समय तक चलती है।

    • प्राकृतिक संसाधनों को उपयोग में लाने का सबसे बेहतरीन और भरोसेमंद तरीका है।

    • यह वातावरण को प्रदुषित या इसे हानि नहीं पहुंचाता।

    • बिना किसी भारी भरकम मशीनरी के ही इससे सौर ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है।

    • इसकी देखरेख एवं रखरखाव करना काफी आसान है।

    • अपनी खपत एवं जरूरत के अनुसार यह बाजार में उपलब्ध है जिसे आसानी से खरीदा जा सकता हैं।

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    सौर ऊर्जा के नुकसान | Disadvantages of Solar Energy

    वैसे तो सौर ऊर्जा के ज्यादातर फायदे ही होते हैं परंतु इसके कुछ नुकसान या कहें लिमिटेशंस भी है जो इस प्रकार हैं।

    • ज्यादा कीमत: सोलर सिस्टम की शुरुआती कीमत काफी ज्यादा होती है। साथ ही बैटरी, इन्वर्टर, एवं इंस्टॉलेशन पर भी पैसा खर्चा करना पड़ता है।

    • पर्याप्त जगह: यह काफी ज्यादा स्थान घेरता है। यदि आपको ज्यादा बिजली की जरूरत है तो आपके पास इसके लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए जहां सूर्य की किरणें पहुंच सकें।

    • मौसम पर निर्भरता: साथ ही ज्यादा दिनों तक मौसम खराब होने या लगातार बारिश एवं बर्फबारी होने पर यह ठीक तरह से काम नहीं करता।

    Solar Energy का इस्तेमाल कहां किया जा रहा है?

    सौर ऊर्जा/सोलर सिस्टम का उपयोग आज दुनिया भर के कई

    • घरों में बिजली पहुंचाने के लिए,

    • सड़कों पर लगी लाइट्स एवं लाइट सिगनल के लिए,

    • अंतरिक्ष में कई मिशन को सफल बनाने के लिए,

    • खाना बनाने या पानी गर्म करने के लिए (सोलर हीटर),

    • और स्कूलों-कॉलेजों, हवाई अड्डों, अस्पतालों, बैंक एवं रेलवे स्टेशनों पर भी सामान्य रूप से होता है।

    Solar Power Plant से पैसे कैसे कमाए?

    आप चाहे तो सोलर पावर प्लांट लगाकर बची हुई बिजली को बेचकर भी आसानी से पैसा कमा सकते हैं इसके लिए आप लोकल बिजली कंपनियों के साथ संपर्क कर सकते हैं और वहां से लाइसेंस भी प्राप्त कर सकते हैं।

    जिसके बाद बिजली कंपनियों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट से जुड़कर आसानी से बिजली बेचकर पैसा कमाया जा सकता हैं।

    आपको सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर प्रति यूनिट करीब ₹7 से ₹8 तक पैसा मिलता है।

    अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बिजली कंपनियों से संपर्क करें।


    आप चाहे तो विभिन्न कम्पनियों की डीलरशिप लेकर भी इससे पैसा कमा सकते है, साथ ही अगर आपको इंस्टालेशन करना आता है तो आप आसानी से इसके जरिए कमाई कर सकते है।


    Solar Panel Related FAQs in Hindi

    रात में सौर पैनल कैसे काम करते हैं?

    सौर पैनल रात में ऊर्जा का उत्पादन नहीं करते हैं। सौर पैनलों में फोटोवोल्टिक सेल्स से बिजली बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश (Photon) का होना जरूरी है।

    रात के समय भी बिजली पूर्ति के लिए दिन में बैटरी भंडारण करके इसका लाभ रात के समय लिया जा सकता हैं।


    सौर पैनल लगाने में कितना मेंटेनेंस का खर्चा आता है?

    सौर पैनल लगाने पर ज्यादा मेंटेनेंस खर्च नहीं देना पड़ता बस 10 साल में बैटरी के खराब होने का डर होता है इसलिए आपको हर 10 साल में इनवर्टर की बैटरी बदलनी होती है जिसमें लगभग ₹20,000 का खर्चा आ सकता है।

    साथ ही सोलर पैनल कम से कम 25 साल तक चलते हैं और इन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी ले जाया जा सकता है।


    सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है?

    Monocrystalline को सबसे अच्छा सोलर पैनल माना जाता है क्योंकि यह है सूर्य की रोशनी कम होने या मौसम खराब होने पर भी काम करता है यदि आपके इलाके में पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी है तो आप Polycrystalline Solar Panels का इस्तेमाल कर सकते हैं यह Monocrystalline सोलर पैनल से कम महंगे होते हैं।


    भारत में सोलर सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के नाम?

    भारत में कई सोलर निर्माता कंपनियां है जिनके सोलर पैनल या सोलर सिस्टम भारतीय बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

    लुमिनस, माइक्रोटेक, टाटा पावर सोलर, पतंजलि सोलर, शक्ति सोलर, लूम सोलर, गौतम सोलर, लूबी सोलर, आदि तथा इसके साथ ही विक्रम सोलर, अडानी सोलर, एम्मेवी सोलर और पॅनेसॉनिक सोलर आदि कम्पनियां भी इसका निर्माण करती है।


    क्या बर्फीले इलाकों जैसे कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सोलर पैनल काम करते हैं?

    जी हां जहां भी सूरज की किरणें पहुंचती है वहां आसानी से सोलर सिस्टम की मदद से बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।

    परंतु इन इलाकों में बर्फबारी होने के कारण जब पैनल को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती तब यह बिजली उत्पन्न नहीं कर पाते हैं ऐसे में यह साल में लगभग 200 से ढाई सौ दिन तक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं जिसे बैटरी की मदद से सुविधाजनक बनाया जा सकता है।


    अंतिम शब्द

    उपरोक्त जानकारी से यह साफ़ हो जाता है कि आने वाले समय में इनका इस्तेमाल काफी तेजी से किया जायेगा और साथ ही कीमतों (Price) में भी कटौती पर भी काम होगा। जिससे यह सभी के लिए सस्ती और इस्तेमाल योग्य बनायीं जा सके।

    आपको हमारी Solar System क्या है की यह संपूर्ण जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे, और यदि आपके मन में सौर पैनल या सिस्टम को लेकर कोई सवाल है तो आप अपने सवाल नीचे कमेंट करके पूँछ सकते हैं हम जल्द से जल्द आपके सवालों के जवाब देने का प्रयास करेंगे। साथ ही आप भी आज ही सोलर पैनल के लिए Online Apply करें और अपने बिजली का बिल कम करें।

    और Subsidy की जानकारी के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।

    The End
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