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भगत सिंह जयंती 2021: Bhagat Singh का 114वां जन्मदिन आज मनाया जा रहा है?

शहीद भगत सिंह की जयंती (Bhagat Singh Birthday) हर साल 28 सितंबर को पूरे भारतवर्ष में जोश और उत्साह के साथ मनाई जाती है। शहीद-ए-आज़म का जन्मदिन 2021 आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    Bhagat Singh Birthday 2021: शहीद भगत सिंह जयंती कब मनाई जाती है? Wishes Photos

    शहीद भगत सिंह जयंती 2021: शहीद-ए-आजम भगत सिंह (28 सितंबर 1907 – 23 मार्च 1931) भारत के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी विचारधारा और उग्र वामपंथी व्यक्तित्व वाले महान देशभक्त थे। साथ ही भगतसिंह एक महान कवि, विचारक, लेखक तथा दूरदृष्टा भी थे जिन्होंने हसरत मोहानी के नारे ‘इंकलाब जिन्दाबाद’ को सच कर दिखाया।

    इस अमर शहीद के बारे में हमारी यह धारणा ब्रिटिश रिकार्ड के आधार पर बनी जिसे हमने अपने स्वतंत्र विचारों से परखने का प्रयास नहीं किया।

    Bhagat Singh ने लगभग 23 वर्ष और कुछ महीनों का छोटा लेकिन यादगार जीवन जिया, और इतनी कम आयु में उन्होंने वैचारिक परिपक्वता और लक्ष्य के प्रति जो दृढ़ता हासिल की वह सराहनीय थी है और रहेगी।

    इन्ही असाधारण और महान कारणों की बदौलत भारत माता का यह वीर सपूत इतनी अल्पायु में फांसी पर चढने के बाद भी हम करोडों हिन्दुस्तानियों के दिलों में आज भी जिन्दा है।

    Shaheed Bhagat Singh Jayanti 28 September
    Shaheed Bhagat Singh Jayanti 28 September

    आइए अब आपको शहीद भगत सिंह जयंती (Bhagat Singh's Birthday 2021) के ख़ास मौके पर इस महान क्रन्तिकारी और भारत माता के वीर सपूत भगतसिंह की जीवनी और उनकी जयंती कब मनाई जाती है तथा इनका जन्म कब और कहाँ हुआ था इसके बारें मे विस्तार से बताते है।


    भगत सिंह की जयंती कब मनाई जाती है?

    भगत सिंह का जन्म पंजाब के दोआब जिले में 28 सितंबर 1907 को हुआ था लेकिन कुछ विद्वानों के अनुसार उनके जन्म की तारीख 27 सितंबर को तो कुछ जगहों पर अक्टूबर में भी बताया जाता है।

    हालंकि शहीद भगत सिंह की जयंती (Bhagat Singh Birthday) हर साल 28 सितंबर को पूरे भारतवर्ष में जोश और उत्साह के साथ मनाई जाती है।

    इस साल भी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का 113वां जन्मदिन 28 सितंबर 2021 को सोमवार के दिन ही मनाया जा रहा है।


    भगत सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ?

    भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब (ब्रिटिश भारत) के लायलपुर जिले के बंगा गाँव में हुआ (जो अब पाकिस्तान में है)। यह एक संधू जाट खानदान था और पूरी तरह से भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष में शामिल था उनके पिता, और दोनों चाचा उस समय के लोकप्रिय स्वतंत्रता सेनानी थे।

    माता-पिता: भगत सिंह के पिता का नाम सरदार किशन सिंह था जो गांधीवादी विचारधारा वाले स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी माता का नाम विद्यावती था। तथा उनके चाचा का नाम सरदार अजीत सिंह और स्वरण सिंह था।

    विवाह:
    19 साल की उम्र में ही भगत सिंह के माता-पिता ने उनका विवाह करना चाहा लेकिन वह उस समय घर छोडकर चले गए और अपने माता-पिता के लिए एक पत्र छोड़ दिया जिसमें उन्होंने लिखा:

    ‘‘मेरा जीवन एक महान उद्देश्य के लिए समर्पित है
    और वह उद्देश्य देश की आजादी है।
    इसलिये मुझे तब तक चैन नहीं है।
    ना ही मेरी ऐसी को सांसारिक सुख की इच्छा है..
    जो मुझे ललचा सके।’’

    लोग आज भी उनकी इतनी कम उम्र मे इतने बड़े संकल्प और दृढ़ निश्चयता की सराहना करते है। वह कोई साधारण युवा नहीं थे, उन्होंने सिर्फ बारहवीं पास की और उसके बाद घर से भाग कर चन्द्रशेखर आजाद की क्रांतिकारी पार्टी को Join कर लिया।


    Happy Birthday Day Bhagat Singh 2021: Wishes Images Photos in Hindi

    Shaheed Bhagat Singh Birthday Wishes Photos
    Shaheed Bhagat Singh Birthday Wishes Photos
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    भगत सिंह की क्रांतिकारी विचारधारा:

    जब भगत सिंह जवान थे, तभी से उन्होंने यूरोपीय क्रांतिकारी आंदोलनों और ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ गहन अध्ययन किया और क्रांतिकारी विचारों से प्रेरित होनें के बाद इन्होंने क्रन्तिकारी बनने का फैसला किया।

    भगत सिंह जी अपने पिता और चाचा के विचारों से प्रभावित हुए और उन्होंने हमेशा लोगों को अंग्रेजों का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। देश के प्रति निष्ठा और इसे अंग्रेजों के चंगुल से आजाद कराने का द्रढ़ संकल्प भगत सिंह में जन्मजात था। देशभक्त परिवार में पैदा होने के कारण यह उनके नसों में खून बनकर दौड़ रहा था।

    बहुत कम उम्र में ही क्रन्तिकारी स्वतंत्रता सेनानी के रूप में स्वतंत्रता के संघर्ष में शामिल होने के कारण अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत करते हुए इंकलाब जिंदाबाद के नारे के साथ वे केवल 23 वर्ष की आयु में शहीद हो गए क्योंकि उन्हे ब्रिटिश सरकार द्वारा 23 मार्च 1931 को फासी दे दी गयी थी।

    भगत सिंह अपने वीरता और क्रांतिकारी विचारधारा के लिए आज भी लोकप्रिय हैं।

    इसके साथ ही बहुत ज्यादा पढ़ा लिखा न होने के बावजूद भी भगत सिंह ने ‘‘मैं नास्तिक क्यों हूं’’ सहित जो कुछ भी लिखा उससे उनकी वैचारिक गहराइयों का अनुमान लगाया जा सकता है।


    अन्तिम शब्द

    आज हमने आपको महान देशभक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के बारे में बताया।

    भगत सिंह के जन्मदिन पर आप शहीद भगतसिंह की जीवनी और भगत सिंह की जयंती कब मनाई जाती है तथा इनका जन्म कब और कहाँ हुआ था की इस जानकारी को और उनकी इस जीवनी को अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

    और उनको श्रद्धांजलि देने के लिये यह फोटो भी अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सएप्प फेसबुक पर शेयर कर सकते हैं।

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