Bhai Dooj 2019 Date: भैया दूज कब, क्यों और कैसे मानते है, जाने शुभ मुहूर्त, विधि और कथा

    Bhai Dooj 2019 Date: जानें कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है भैया दूज, शुभ मुहूर्त, कथा और पूजा विधि

    भाई दूज 2019: कब, क्यों और कैसें मनायी जाती है, शुभ मुहूर्त, कथा, कहानी और पूजा विधि (Information in Hindi)

    Bhaiya Dooj 2019 Date In Hindi: दीपावली के 2 दिन बाद आने वाला भाई बहन के प्यार को दर्शाने वाला रक्षाबंधन के जैसा त्यौहार भाई दूज (Bhai Dooj) या भैया दूज (Bhaiya Dooj) हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, जिसे यम द्वितीया (Yam Dwitiya) भी कहते हैं।

    भाई दूज जिसे मराठी, गुजराती और कोंकणी में भाऊबीज (Bhau Beej, or Bhav Bij), नेपाली में भाई टिका (Bhai Tika), बंगाली में भाई पोंटा (Bhai Phonta - ভাই ফোঁটা) आदि नामों से जाना जाता है, यह बिल्कुल रक्षाबंधन की तरह ही मनाया जाता है और साउथ के हिस्सों में यह यम द्वितीय के रूप में मनाया जाता है, वैसे तो साल में दो भाई दूज मनाए जाते हैं जिसमें से दूसरा भाई दूज तो दिवाली के बाद आता है जिसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि होली के अगले या दूसरे दिन भी भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है.
    Bhaiya Dooj 2019 Date Kab Kyu Kaise Manate Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi Kaha In Hindi
    Bhaiya Dooj 2019 Date Kab Kyu Kaise Manate Hai Shubh Mahurat Pooja Vidhi Kaha In Hindi

    भाई दूज का यह पवित्र त्यौहार इस साल 2019 में 29 अक्टूबर को पड़ रहा है। भाई-बहन के प्रेम को दर्शाने वाले दो त्योहारों रक्षाबंधन और भाई दूज (Bhai Dooj), का इंतजार बड़ी बेसब्री से किया जाता है। आइए अब आपको भैया दूज के महत्व या क्यों मानते है ( Bhaiya Dooj Kyu Aur Kaise Manate Hai?) और भाई दूज के तिलक करने के शुभ मुहूर्त (Bhai Dooz Ka Shubh Mahurat), तथा से जुड़े पौराणिक कथा कहानी (Bhai Dooj Katha/Story In Hindi), और पूजा विधि (Puja Vidhi) के बारे में भी आपको बताते हैं.

    भैया दूज की कहानी और कथा | Story of Bhai Dooj In Hindi

    भैया दूज की कहानी सूर्य और छाया के पुत्र यमराज और पुत्री यमुना से जुड़ी हुई है। जो अपने भाई यमराज से स्नेह पूर्वक विनय निवेदन कर अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करती है लेकिन यमराज हमेशा कार्यों में व्यस्त रहने के कारण उसके यहां भोजन पर नहीं जा पाते परंतु अचानक कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय के दिन यमराज अपनी बहन जमुना के घर भोजन ग्रहण करने पहुंच जाते हैं भाई यमराज को अचानक अपने घर आए देख वह बहुत खुश हो जाती है और सत्कार भाव से भोजन करवाती हैं।

    अपनी बहन के इस सेवा सत्कार प्रेम और समर्पण को देखकर यमराज प्रसन्न हो जाते हैं और यमुना से वर मांगने को कहते हैं इस पर यमुना अपने भाई यमराज से कहती है कि जिस तरह आप आज मेरे घर आए आए हैं उसी तरह हर साल आए और इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका लगाकर उन्हें भोजन खिलाएंगे उनके भीतर से आपका भय खत्म हो जाएं।

    तथा प्रस्थान करते हुए यमराज तथास्तु कहकर चले जाते हैं। तभी से यह मान्यता है कि जो बहन अपने भाई को पूरे सत्कार और प्रेम के साथ भोजन ग्रहण कराती है, और उनका भाई स्वीकार करता है तो उसे और उसके भाई को यमदेव का भय नहीं रहता।

    भाई दूज कब है 2019 - शुभ महूर्त

    कार्तिक (Kartik) की शुक्लपक्ष (Shuklapaksha) की द्वितीया को मनाया जाने वाला भैया दूज का यह त्यौहार 2019 में २९ अक्टूबर २०१९ (29 October 2019) को मनाया जा रहा है, अगर भाई दूज 2019 की तिथि (Bhai Dooj Tithi) व शुभ मुहूर्त (Shubh Mahurat) की बात करें तो यह इस प्रकार हैं:

    भैयादूज तिथि: - मंगलवार, 29 अक्‍टूबर 2019
    भाई दूज मुहूर्त शुरू: मंगलवार, 29 अक्‍टूबर 2019 दोपहर 01 बजकर 11 मिनट से
    भाई दूज मुहूर्त समाप्त: मंगलवार, 29 अक्‍टूबर 2019 दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक
    भैया दूज कुल अवधि: - 02 घंटे 14 मिनट
    द्वितीया तिथि प्रारंभ: मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019 सुबह 06 बजकर 13 मिनट से
    द्व‍ितीया तिथि समाप्‍त: बुधवार, 30 अक्टूबर 2019 सुबह 03 बजकर 48 मिनट तक


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    भैया दूज कैसे मनाए - पूजा विधि (Bhai Dooj Puja Vidhi):

    1. भाई दूज मनाने के लिए सुबह सवेरे उठकर स्नान करें, और भाई के लिए भोजन तैयार करें।

    2. इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाई को चावल हल्दी की मदद से तिलक करें।

    3. और घास की पत्तियों (दूब) से भाई के आरती उतारे और हाथ में कलावा बांधे।

    4. अब मिठाई खिलाएं और अपने हाथ से पानी पिलाएं।

    5. भाइयों को इस दिन उपहार के रूप में अपनी बहन को कुछ ना कुछ भेंट में अवश्य देना चाहिए।

    6. इस दिन भाई को अपनी बहन के हाथ का बना खाना उसके घर जाकर खाना चाहिए।

    7. बहनों को इस खास दिन पर यमराज के नाम का दीपक जला कर उसे घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर मुख करके रखना चाहिए।

    अन्तिम शब्द - Bhai Dooj 2019 Date

    दोस्तों भैया दूज का त्यौहार भारत में काफी धूमधाम से मनाया जाता है, क्योंकि बहन-भाई को लेकर साल में केवल दो त्यौहार आते है इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. आपको भैया दूज के महत्व या क्यों और कैसे मानते है (Bhaiya Dooj Kyu Aur Kaise Manate Hai?) और भाई दूज के तिलक करने के शुभ मुहूर्त (Bhai Dooz Ka Shubh Mahurat), तथा से जुड़े पौराणिक कथा कहानी (Bhai Dooj Katha/Story In Hindi), और पूजा विधि (Puja Vidhi) के बारे इस जानकारी को अपने भाई-बहनों के साथ भी शेयर करें.

    और इन सभी जानकारियों को पौराणिक मान्यताओं और कथाओं से ली गई है, जिसे सरल भाषा में पेश किया गया है.
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