धनतेरस 2019: कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है, ये है शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

    Dhanteras 2019 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

    धनतेरस 2019: कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है, ये है शुभ मुहूर्त और पूजन विधि (Information in Hindi)

    Dhanteras 2019 Date and Muhurat: हिन्दुओं के पवित्र त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से ही होती है। धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, जो इस बार 25 अक्टूबर 2019 को शुक्रवार के दिन है।

    इस दिन भगवान धनवन्तरि की पूजा की जाती है जिन्हे देवताओं का वैद्य माना गया है। वैद्य होने के कारणवश इनकी पूजा करने के फलस्वरूप मनुष्य को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यताओं में धनवन्तरि को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है।
    Dhanteras 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Subh Mahurat Pooja Vidhi In Hindi
    Dhanteras 2019 Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Subh Mahurat Pooja Vidhi In Hindi

    धनतेरस कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है, शुभ मुहूर्त और पूजा कब और कैसें करें विधि और धनवंतरि भगवान कौन है?

    क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार, ये है वजह:

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब समुद्र मंथन किया जा रहा था तब उस समय शरद पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा, कार्तिक मास की द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवन्तरि, चतुर्दशी को काली माता और अमावस्या को माँ लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न हुई थीं।

    और इसी पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को भगवान धनवन्तरि का जन्म दिवस माना गया, और उनके जन्मदिन को ही धनतेरस के रूप में मनाया जाता है।

    अब तो आप Dhanteras Kyu Manaya Jata Hai इसके बारे में समझ ही गए होंगें, आइए अब आपको Dhanvantari Bhagwaan Kaun Hai इनके बारे में भी जानकारी देते है।

    कौन है भगवान धनवंतरि-Dhanvantari in Hindi:

    बताया जाता है कि जब समुद्र मंथन से जब धनवन्तरि भगवान प्रकट हुए तब इनकी चार भुजायें थी, जिनमे से उन्होंने ऊपरी दोंनों भुजाओं में शंख और चक्र धारण किया हुआ था। और दो अन्य भुजाओं मे से एक में जलूका और औषधी तथा दूसरे मे अमृत कलश लिये हुए थे। इनका प्रिय धातु पीतल होने के कारण ही धनतेरस पर पीतल आदि के बर्तन खरीदने की परंपरा है।

    इन्‍हे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में वैद्य आरोग्य का देवता कहा गया हैं, जिन्होंने संसार को अमृत प्रदान किया था।

    उनके द्वारा आयुर्वेद के प्रादुर्भाव से ही आज मानव जाति का कल्याण हो रहा है और वे निरोगी काया प्राप्त कर रहे हैं।

    आइये अब धनतेरस का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में भी जान लेते है।

    धनतेरस का शुभ मुहूर्त | Dhanteras Shubh Mahurat 2019:

    दीपों के त्योहार दीपावली से दो दिन पूर्व ही धनतेरस पड़ता है।

    धनतेरस शुभ मुहूर्त शुरू:- दिनांक: 25 अक्टूबर 2019, समय: दोपहर 04 बजकर 32 मिनट

    धनतेरस शुभ मुहूर्त समाप्त:- दिनांकः 26 अक्टूबर 2019, समय: दोपहर 02 बजकर 08 मिनट।

    धनतेरस पर खरीदारी का मुहूर्त: 04 बजकर 32 मिनट से रात्रि तक है।

    और अगले दिन 26 अक्टूबर को 02 बजकर 08 मिनट तक धनतेरस की खरीदारी की जा सकती हैं।

    धनतेरस की सायंकाल व्याप्त त्रयोदशी में यमराज को दीपदान किया जाता है।

    कैसे मनाया जाता है धनतेरस का त्यौहार:

    धनतेरस का त्यौहार भगवान धन्वंतरी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है इसलिए इस दिन सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के, तथा बर्तन, मिट्टी के दीए, मोमबत्तियाँ, खील-बताशे आदि खरीदे जाते हैं।

    कई जगहों पर धनतेरस के दिन ही दीपावली पर लक्ष्मी की पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खरीदी जाती हैं।

    साथ ही इस दिन भगवान धनवंतरि की पूजा भी की जाती है, अब आप धनतेरस की पूजा कैसे करे और इसकी विधि के बारे में भी जान लें।

    धनतेरस पर कैसे करें पूजा | पूजन विधि:

    1. धनतेरस की संध्याकाल को घर में उत्तर दिशा की ओर कुबेर और धनवंतरी को स्थापित करें।

    2. भगवान धन्वंतरी और कुबेर के सामने एक-एक मुख वाले एक-एक घी का दीया जलाए।

    3. इस दिन कुबेर को सफेद मिठाई और धनवंतरी को पीली मिठाई चढ़ाने का विशेष महत्व है।

    4. साथ ही इस दिन "ॐ ह्रीं कुबेराय नमः" का जाप करने और इसके बाद "धनवंतरी स्तोत्र" का पाठ करना लाभकारी होता है।

    5. धनतेरस की पूजा के बाद दीपावली के दिन कुबेर को धन स्थान पर और धनवंतरी को पूजा स्थान पर स्थापित करें।

    6. इस उपाय करने से मिलेगा लाभ?

    7. धनतेरस पर धन प्राप्ति और सुख शांति के लिए धन्वंतरि का पूजन तो करना ही चाहिए। साथ ही नयी झाडू एवं सूपड़ा खरीदकर उनकी भी पूजा करनी चाहिए।

    8. इस दिन सायंकाल दीपक प्रज्वलित कर घर, दुकान, मंदिर, गोशाला, कुओं, तालाबों, बगीचों आदि को रोशन कर उन्हें सजाएं।

    अंतिम शब्द | Happy Dhanteras 2019

    अब तो आपको धनतेरस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है इसका शुभ मुहूर्त क्या है और पूजा कैसे करें पूजन विधि की जानकारी मिल ही गई होगी।

    यह सभी जानकारियाँ पौराणिक मान्यताओं का सरल रूपांतरण है जिसे सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
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