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विश्व पोलियो दिवस 2020: कब और क्यों मनाया जाता है, World Polio Day का इतिहास और थीम

    World Polio Day 2020: कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है विश्व पोलियो दिवस? इतिहास और थीम

    1940 और 1950 के दशक के दौरान पोलियो ने वैश्विक स्तर पर लगभग दो मिलियन लोगों को मार डाला या अपंग कर दिया। सौभाग्य से पिछले दो दशकों में दुनिया में यूरोप, अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे कई हिस्सों में पोलियो मुक्त घोषित होने के साथ दर्ज मामलों की कुल संख्या में गिरावट देखी गई है।

    आज एक बार फिर हम World Polio Day 2020 मनाने जा रहे है आइए अब विश्व पोलियो दिवस २०२० या वर्ल्ड पोलियो डे (World Polio Day 2020) कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? तथा Theme और इतिहास क्या है? इसके बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करते है।

    World Polio Day 24 October 2020 Hindi
    World Polio Day 24 October 2020 Hindi

    पोलियो क्या है? कैसे होता है? इसका इलाज

    पोलियो एक संक्रामक वायरस जनित रोग है, मेडिकल शब्दों में इसे 'पोलियोमाइलाइटिस' के नाम से भी जाना जाता है। यह एक घातक बीमारी है जो 'पोलियोवायरस' के कारण होता है यह पीड़ित के तंत्रिका तंत्र को स्थाई नुकसान पहुंचाता है, और मांसपेशियों को कमजोर बनाता है तथा जीवन भर के लिए लकवा ग्रस्त बना देता है।

    कभी-कभी यह इतना ज्यादा खतरनाक हो होता है कि इसके कारण स्थाई विकलांगता या मौत भी हो सकती है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है और आमतौर पर यह रोग 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है, इसलिए इसे 'Infantile paralysis' के रूप में भी जाना जाता है।

    यह एक अच्छे खासे व्यक्ति को अपंग (कमजोर पैर वाला व्यक्ति) बना देता है, ऐसा व्यक्ति जीवन भर सामान्य रूप से चलने में असमर्थ होता है।

    दुर्लभ मामलों में गर्दन या सिर की मांसपेशियां भी प्रभावित हो सकती हैं। केवल 0.5% मामलों में ही पोलियो के कारण पक्षाघात (Paralysis) हो जाता है जो मुख्य रूप से अंगों यानी पैरों और टखनों को प्रभावित करता है।


    पोलियो का इलाज क्या है?
    खूंखार बीमारी पोलियो का आज तक कोई इलाज नहीं निकाला जा सका है परंतु इसे होने से रोका जा सकता है। इसे होने से रोकने के लिए 5 साल से कम उम्र की आयु के बच्चों को पोलियो की ओरल वैक्सीन दी जाती है। अर्थात इसकी रोकथाम ही इसका इलाज है।


    World Polio Day 2020 के बारे में जानकारी:

    अंतर्राष्ट्रीय पोलियो दिवस के बारे में जानकारी:
    नाम: विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day)
    तिथि: 24 अक्टूबर (वार्षिक)
    उद्देश्य: पोलियो टीकाकरण और पोलियो उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाना।
    थीम: “Stories of Progress: Past and Present.” (प्रगति की कहानियाँ: अतीत और वर्तमान)
    अगली बार: 24 अक्टूबर 2021
    आधिकारिक वेबसाइट: Official Site

    विश्व पोलियो दिवस कब मनाया जाता है?

    पोलियो टीकाकरण और पोलियो उन्मूलन की जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व पोलियो दिवस हर साल 24 अक्टूबर को मनाया जाता है इस बार भी World Polio Day (वर्ल्ड पोलियो डे) 24 अक्टूबर 2020 को शनिवार के दिन मनाया जा रहा है।


    विश्व स्वास्थ्य संगठन और ग्लोबल पोलियो उन्मूलन की इस पहल और 1988 के प्रयासों के लिए हम उन्हें धन्यवाद करते है क्योंकि, 1988 में विश्व स्तर पर दर्ज पोलियो संक्रमित मामलों की संख्या 1988 में 3.5 लाख़ से घटकर 2017 में सिर्फ 22 हो गई। पोलियो वैक्सीन आज भी अधिकांश लोगों के लिए सुलभ है। WHO और GPEI के प्रयासों के कारण दुनिया के सबसे दूरस्थ स्थानों पर भी इसे उपलब्ध कराया जाता है।


    इस बीच, भारत में पोलियो ड्राइव का आयोजन अस्पतालों, स्कूलों और सहयोगी संगठनों द्वारा किया जाता है। समुदायों को टीकाकरण की सरल विधि के बारे में बताया जाता है। और इसके बारे में जागरूक किया जाता है की यह उन्हें आजीवन विकलांगता से कैसे बचाता है।


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    अंतर्राष्ट्रीय पोलियो दिवस का इतिहास (History)

    विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) की शुरुआत रोटरी फाउंडेशन द्वारा लगभग एक दशक पहले दुनिया के सभी हिस्सों से पोलियो वायरस के पूर्ण उन्मूलन के उद्देश्य से की गई थी।

    ग्लोबल पोलियो उन्मूलन पहल को रोटरी इंटरनेशनल और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 1988 में शुरू किया गया था, जब 125 देशों में पोलियो के लगभग 350000 मामले थे।

    रोटरी क्लब ग्लोबल पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन, बिल और मलिंडा गेट्स फाउंडेशन और यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन जैसे संगठनों के साथ एक भागीदार है।

    हालांकि, 2013 तक कई देशों को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था, फिर भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में इस बीमारी की दुर्लभ घटना देखी जा रही है और दुनिया के किसी भी हिस्से में इस बीमारी के दोबारा उभरने का खतरा बना हुआ है।

    इसलिए, विभिन्न कार्यक्रमों के लिए टीकाकरण, रोकथाम और धन जुटाने के लिए सामान्य जागरूकता के माध्यम से विश्व से पोलियो वायरस को पर पूरी तरह से समाप्त करने के लिए विश्व पोलियो दिवस मनाने की आवश्यकता महसूस की गई।


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    विश्व पोलियो दिवस क्यों मनाया जाता है? उद्देश्य

    विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) एक प्रमुख उद्देश्य के साथ मनाया जाता है, जो है - दुनिया के सभी हिस्सों से पोलियो को पूरी तरह से समाप्त करना, जिससे दुनिया 'पोलियो मुक्त' हो जाए।

    इस अवसर पर जोनास साल्क के जन्मदिन को भी याद किया जाता है, जिन्होंने पोलियोमाइलाइटिस (Polio) के लिए पहला टीका विकसित करने के लिए टीम का नेतृत्व किया, साथ ही लाखों समर्पित कर्मचारियों और संगठनों के स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।


    Polio Drop Image: Do Bund Zindagi Ki
    Polio Drop Image: Do Bund Zindagi Ki

    दुनिया से पोलियो का खत्म करना
    यह बीमारी अधिकांश देशों से मिट चुकी है, लेकिन अब भी यह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और नाइजीरिया के कुछ सबसे अधिक हाशिए वाले और गरीब लोगों को प्रभावित कर रही है।

    इतनी सफलता के बावजूद, यदि हम इस अत्यधिक संक्रामक बीमारी को पूरी तरह से समाप्त करने में विफल रहते हैं, तो आने वाले दशकों में इसके दोबारा प्रकट होने की अच्छी संभावना है। इसलिए, विश्व पोलियो दिवस का मुख्य उद्देश्य दुनिया से पूरी तरह से पोलियो वायरस का उन्मूलन और समाज के सबसे अधिक हाशिए वाले वर्ग के अंतिम बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करना है।


    Donation (दान जुटाना)
    यह दिन संगठनों को अभियानों के लिए आवश्यक Donation जुटाने के लिए भी एक मंच प्रदान करता है क्योंकि इसे दुनिया के प्रत्येक बच्चे को सफलतापूर्वक टीकाकरण करने के लिए अरबों डॉलर की आवश्यकता होती है।

    विश्व पोलियो दिवस 2017 पर रोटरी इंटरनेशनल और बिल एंड मलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने मिलकर विश्व स्तर पर पोलियो उन्मूलन के लिए 450 बिलियन डॉलर जुटाने की प्रतिबद्धता जताई। कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय जनता और प्रशासन के एक विशाल और समर्पित बल के साथ, हर शिशु को मौखिक वैक्सीन प्रदान किया जाता है, जो 'पोलियो का पूर्ण उन्मूलन' की दिशा में एक कदम है।


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    वर्ल्ड पोलियो डे कैसे मनाया जाता है? Polio Day Celebration

    विश्व पोलियो दिवस को रोटेरियन और अन्य संगठनों के प्रतिबद्ध सदस्यों के साथ-साथ स्वयंसेवकों द्वारा पोलियो के पूर्ण उन्मूलन के लिए अथक प्रयास करते हुए मनाया जाता है। रोटरी इंटरनेशनल का आधार होने के नाते, अमेरिका इस आयोजन का मुख्य मेजबान है।

    पोलियो को खत्म करने के मुद्दे के लिए जागरूकता बढ़ाने और स्वैच्छिक या बड़े कॉर्पोरेट दान के माध्यम से धन जुटाने के लिए विभिन्न स्थानों पर कई आयोजन किए जाते हैं।


    जागरूकता कार्यक्रम:
    अंतिम पोलियो प्रभावित देशों- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया में रोटरी सदस्य; पोलियो की बीमारी, इसके कारणों और प्रभावों और बच्चों के नियमित टीकाकरण की आवश्यकता पर जोर देने के बारे में स्थानीय आबादी के बारे में सामान्य जागरूकता फैलाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर सकते है।


    कर्मचारियों को धन्यवाद करना:
    वर्ल्ड पोलियो डे उन मेहनती सदस्यों और कर्मचारियों को भी याद करता है और उन्हें धन्यवाद करता है जो कभी-कभी अपने जीवन को जोखिम में डाल कर कुछ सबसे दुर्गम इलाकों और स्थानों में डोर-टू-डोर जाकर टीकाकरण करते हैं।

    पाकिस्तान में कुछ धार्मिक चरमपंथी बच्चों की मौखिक वैक्सीन को उनकी धार्मिक शीलता को अपमानित करने के प्रयास के रूप में लेते हैं और कभी-कभी हिंसक रूप से किसी भी टीकाकरण अभियान का कड़ा विरोध करते हैं।


    दान करना:
    दुनिया भर से कोई भी इसमें योगदान कर सकता है और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर सकता है। पोलियो उन्मूलन के लिए आपके द्वारा दान दिया जाने वाला हर एक पैसा इस्तेमाल किया जाएगा। हम लगभग अंत तक पहुंच चुके हैं लेकिन अभी भी अंतिम कदम उठाना है।


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    World Polio Day 2020 की Theme

    किसी अवसर के विषय (Theme) विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति कर सकते हैं। हर साल विश्व पोलियो दिवस एक नयी विषय (थीम) के साथ मनाया जाता है, इसके उद्देश्य को निर्दिष्ट करने के साथ-साथ लाखों लोगों को प्रेरित करता है।


    विश्व पोलियो दिवस 2020 की इस साल की Theme Stories of Progress: Past and Present है। इसे हिंदी में "प्रगति की कहानियाँ: अतीत और वर्तमान" कहा जा सकता है।


    • विश्व पोलियो दिवस थीम 2018 - "एंड पोलियो नाउ"।

    • विश्व पोलियो दिवस थीम 2017 - "पोलियो उन्मूलन के अनसुने नायकों का उत्सव"।

    • विश्व पोलियो दिवस थीम 2016 - "पोलियो समाप्त करो, आज इतिहास बनाओ"।

    • विश्व पोलियो दिवस थीम 2015 - "पोलियो अब समाप्त करें: आज इतिहास बनाएं"।

    पोलियो के बारे में पांच रोचक तथ्य (Facts)

    1. पोलियो मुख्यतः 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है।

    2. इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन पोलियो को इसकी वैक्सीन के साथ रोका जा सकता है।

    3. पिछले कई सालों से केवल 2 देशों में ही पोलियो के मामले देखने को मिल रहे हैं जो है अफगानिस्तान और पाकिस्तान

    4. 1988 के बाद से पोलियो के 99.9% मामलों में कमी आई है।

    5. जब तक पोलियो को हमेशा के लिए समाप्त नहीं कर लेते तब तक हर बच्चे को पोलियो होने का खतरा है।

    पोलियो से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

    किन देशों में अब भी पोलियो की बीमारी मौजूद है?

    1988 के बाद पोलियो के मामलों में करीबन 99.9 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है तो वहीं पिछले 3 सालों से अधिक समय में केवल तीन देशों अफगानिस्तान नाइजीरिया और पाकिस्तान में ही इनके काफी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

    तो वहीं डब्ल्यूएचओ द्वारा अमेरिका, यूरोप, वेस्टर्न पेसिफिक एशिया, साउथईस्ट एशिया को कब का पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है।


    पोलियो से कैसे बचें?

    अपने बच्चों को पोलियो से बचाने का एकमात्र तरीका पोलियो की दो बूंद या फिर वैक्सीनेशन कराना ही है लगभग सभी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध होती है और सरकार भी समय-समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करती रहती हैं साथ ही कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर भी पोलियो की दो बूंद पिलाई जाती है।


    क्या भारत पोलियो मुक्त हो चुका है?

    वर्ष 2014 में डब्ल्यूएचओ द्वारा भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित किया जा चुका है क्योंकि पिछले 3 सालों में भारत में कोई भी नए मामले सामने नहीं आए थे। और अब बीते 6 सालों में भी भारत में पोलियो के कोई भी नए मामले सामने नहीं आए हैं।


    अन्तिम शब्द

    बीते कुछ सालों में भारत में पोलियो को हारने के लिए अथक प्रयास किए गए जिसके फलस्वरूप भारत आज एक पोलियो मुक्त राष्ट्र बन चूका है।

    बस पोलियो की दो बूंद (खुराक) ही आपके बच्चे को लकवा एवं उसे अपाहिज/अपंग बनाने और जान से बचाने में मदद कर सकती है अपने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ समझौता ना करें और समय पर उसे पोलियो ड्रॉप के टीकाकरण शिविर में ले जाकर पोलियो की बूंदें पिलाएं।

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