राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019: कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है, जाने मौलाना आज़ाद के बारे में

    National Education Day 2019: Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Rashtriya Shiksaha Diwas - Maulana Azad Hindi


    राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 कब मनाया जाता है: भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती को हर साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 (नेशनल एजुकेशन डे २०१९) हर साल भारत में 11 नवंबर को मनाया जाता है। मौलाना अबुल कलाम का जन्म 11 नवंबर, 1888 को हुआ था। इसलिए इस दिन ही इनका जन्मदिन इस ख़ास अंदाज में सेलिब्रेट किया जाता है।

    राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 क्यों मनाते है: देश के पहले शिक्षा मंत्री और उनके शिक्षा में किए योगदान को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने 11 सितंबर, 2008 को मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्मदिन के दिन यानि 11 नवंबर को हर साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। तभी से हर साल ११ नवम्बर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) मनाया जाने लगा.

    राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 कैसे मनाया जाता है: इस दिन, शिक्षा के महत्व को बताने और एजुकेशन को लेकर जागरूकता फैलाने और प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुचाने तथा सबको को साक्षर बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों का आयोजन किया जाता है। और देशभर में मौलाना आज़ाद (Maulana Azaad Birthday) को याद कर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) मनाया जाता है.
    Rashtriya Shiksha Diwas Kab Kyu Kaise Manaya Jata Hai Maulana Azad
    Rashtriya Shiksha Diwas Kab Kyu Kaise Manaya Jata Hai Maulana Azad 2019

    अब तो आप समझ ही गए होंगे की राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 कब मनाया जाता है (When National Education Day 2019 Is Celebrated Hindi) राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 क्यों मनाते है, (Why National Education Day 2019 Is Celebrated In India) राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 कैसे मनाया जाता है (Why National Education Day Is Celebrated On 11th November 2019)

    आइए अब आपको मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के बारे में भी जानकारी देते है (Information About Maulana Azad in Hindi), और बताते है की मौलाना अबुल कलाम आज़ाद कौन थे, (Who Is Maulana Azad in Hindi).

    मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के बारे में | About Maulana Azad In Hindi

    Maulana Azad (11 नवंबर, 1888 - 22 फरवरी, 1958) भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे, उनका पूरा नाम मौलाना सैय्यद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अल-हुसैनी आज़ाद था, अपने शिक्षा के शुरूआती दिनों में वे अपने पिता से घर में ही इस्लामी शिक्षा लेते रहे, लेकिन बाद में इस्लामी शिक्षा के अलावा आज़ाद ने दर्शनशास्त्र, ज्यामिति, गणित और बीजगणित का भी अध्ययन किया। उन्होंने Self Study करके अंग्रेजी भाषा, दुनिया का इतिहास एवं राजनीति विज्ञान सीखा। उन्होंने अरबी और फ़ारसी भी सीखी. उन्होंने 16 साल में ही वो सभी शिक्षा ग्रहण कर ली जिसमे आमतौर पर 25 साल में करते है।

    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी इनका अहम योगदान रहा उन्होने 1905 में बंगाल के विभाजन का विरोध किया और बंगाल के दो प्रमुख क्रांतिकारियों अरविंद घोष और श्री श्याम सुंदर चक्रवर्ती के सहयोग से ब्रिटिश शासन के क्रांतिकारी आंदोलन में शामिल हुए। साथ ही दो साल के भीतर पूरे उत्तर भारत और बॉम्बे में गुप्त क्रांतिकारी केंद्र स्थापित किए। जिसके बाद उन्होंने 1912 में मुसलमान युवकों को क्रांतिकारी आन्दोलनों के प्रति उत्साहित करने और हिन्दू-मुस्लिम एकता को बढ़ाने के लिए अल-हिलाल ’नामक एक साप्ताहिक उर्दू अखबार शुरू किया।

    वे जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोधी नेताओं में से एक और खिलाफ़त आन्दोलन के प्रमुख थे।

    मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने 1947 से 1958 तक पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री के रूप में देश की सेवा की। 22 फरवरी 1958 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके अनुसार प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जानी चाहिए। वे महिलाओं की शिक्षा पर ख़ासा जोर दिया करते थे और 14 साल की आयु तक सभी बच्चों के लिए निशुल्क सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा के सहयोगी थे।

    आज़ाद उर्दू में कविताएँ लिखते थे। लोग उन्हें कलम के योद्धा के रूप में भी जानते हैं।

    उन्हें स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् के रूप में उनके योगदान के लिए 1992 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

    मौलाना अबुल कलाम के योगदान और शैक्षणिक संस्थान:

    Maulana Azad ने शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए बहुत से स्कूलों, कालेजों एवं विश्वविद्यालयों की स्थापना करवाई, उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की और देश में मुफ्त शिक्षा के लिए काम किया। जिसमें से कुछ योगदान निम्नलिखित है:
    • Maulana Abul Kalaam Azad ने 28 दिसंबर 1953 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्थापना की।

    • उन्होंने IISc और School of Architecture and Planning की भी स्थापना की थी।

    • आधुनिक समय के IIT मुलाना अबुल कलाम के दिमाग की उपज थे।

    • उन्होंने देश में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संगीत नाटक अकादमी (1953), साहित्य अकादमी (1954) और ललित कला अकादमी (1954) की स्थापना की।


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    अन्तिम शब्द | National Education Day in Hindi

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    National Education Day 2019: Kab Kyu Aur Kaise Manaya Jata Hai Rashtriya Shiksaha Diwas - Maulana Azad Hindi, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2019 कब क्यों कैसे मनाया जाता है

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