हमारे जीवन में पिता का महत्व (निबंध/भाषण)

पिता के रिश्ते को शब्दों में परिभाषित करना कठिन है, पिता भगवान का रूप है और हमारे जीवन में पिता के महत्व को बताने के लिए हर साल फादर्स डे मनाया जाता है।

Father’s Day Special: हमारे जीवन में पिता की भूमिका

इम्पोर्टेंस ऑफ़ फादर: अगर मैं आपसे पूंछू कि आपके पिता ने आपको पिछली बार कब डांटा था तो आप यही कहेंगे कि कुछ घंटे पहले या कुछ दिन पहले ही परंतु क्या आपने उस डांट के पीछे छुपा प्यार देखने की कोशिश की है? वो फिक्र देखने की कोशिश की जो वह आपके लिए करते हैं।

शायद आप यह भूल रहे हैं कि पिता एक पुरुष भी होता है और आप जानते ही हैं कि पुरुष अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कितना हिचकीचाते हैं, क्या आप नहीं जानते कि वह दिन रात मेहनत किसके लिए करते हैं…. जाहिर सी बात है आपके लिए।

Pita ka mahatva
Pita ka mahatva
वो कहा जाता है ना जब इंसान के पास कुछ होता हैं तो वो उसकी कदर नहीं करता, परन्तु जब वह उससे दूर चला जाता है तब उसे उसकी वैल्यू पता चलती है। अगर आप भी समय रहते अपने पापा की कीमत को समझ लेते हैं तो आपसे बड़ा पारखी इस दुनिया में शायद कोई नहीं होगा।

 

आज के इस लेख में हम आपको फादर्स डे (Father’s Day) के मौके पर पिता के महत्व (Importance) के बारे में बताने जा रहे हैं आप इस लेख को एक निबंध (Essay) या भाषण (Speech on father’s day in hindi) के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

पिता के महत्व पर भाषण (Importance of Father in Our Life in Hindi)

लोग उन चीजों की कदर नहीं करते जो उनके पास होती है और दूर जाने के बाद उन्हें उनका महत्व पता चलता है कुछ इसी तरह हमारे जीवन में माता-पिता और हमारे सगे-सबंधी और दिल के करीब रहने वाले लोग होते हैं।

ऐसा ही कुछ पिता के साथ होता है जब तक पिता हमारे पास होते हैं हमें उनका डांटना, उनका समझाना अच्छा नहीं लगता, परंतु जब वह आपसे दूर हो जाते हैं तो आपको उनकी अहमियत समझ आती है।

 

जिम्मेदारियां:

ऐसा भी देखा गया है जब बच्चे के सिर से पिता का हाथ उठ जाता है तो वह अपना बचपन खो देते हैं। खेलने कूदने की बजाय वह अपने घर की चिंताओं में डूब जाते हैं, और घर चलाने के लिए काम धंधे की तलाश में निकल जाते हैं।

ऐसे में उनकी पढ़ाई तो अधूरी रह ही जाती है साथ ही वह गलत संगत में पड़कर अपने आगे का जीवन भी खराब कर लेते हैं। हालांकि हर संतान को एक ना एक दिन सभी जिम्मेदारियों का बोझ अपने ऊपर उठाना ही पड़ता है परंतु उसका एक सही समय होता है।

 

आत्मविश्वास:

ऐसा माना गया है कि पिता का साया छिन जाने के बाद करीब 90 फ़ीसदी से ज्यादा बच्चे अपना आत्मविश्वास खो देते हैं। जब तक सर पर पिता का हाथ होता है तो बच्चे खासकर लड़कों के भीतर एक आत्मविश्वास रहता है जिससे वह खुद पर जिंदगी का बोझ नहीं लेते।

क्योंकि उनके जहन में यह रहता है कि जिम्मेदारी उठाने के लिए उनके पिताजी घर पर मौजूद हैं फिर भले ही चाहे पिता बीमार हो या फिर कुछ सुनने या करने की स्थिति में हो या न हो।

 

पहले गुरु:

भारतीय शास्त्रों के अनुसार माता-पिता इंसान के पहले गुरु या शिक्षक होते हैं जहां माता अपने बच्चों को मान मर्यादा, घर रहने, बोलने के तरीके और बाकी चीजें सिखाती हैं।

तो वही पिता अपने बच्चों को बाहरी दुनिया से अवगत कराता है, और उन्हें बाहरी संसार में कैसे जीना है, किसी व्यक्ति की पहचान करना और करियर से जुड़ी कई अन्य चीजों के बारे में उन्हें बताते हैं।

 

पिता का प्यार:

एक पिता अपने बच्चे के लिए और उसके उज्जवल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करता है वह खुद अपनी इच्छाओं का त्याग कर अपने बच्चों की इच्छाओं की पूर्ति करने के बारे में सोचता है।

और कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों के बाद भी वह दिन में थोड़ा सा समय निकाल कर अपने बच्चे के साथ बिताना चाहता है और बिताता भी है।

 

 

पिता की डांट:

पिता की डांट के पीछे छुपी आपकी भलाई और आपके प्रति उनका प्यार शायद ही आपको दिखाई देता है परंतु पिता अपने बच्चों को इसलिए डांटता है ताकि वे किसी गलत रास्ते से ना निकल जाए जिससे उसके भविष्य को सवारने में दिक्कतें आए। पिता की डांट में आपको वह प्यार और चिंता भी दिखनी चाहिए जो वे आपके लिए करते हैं।

 

आपकी खुशी में खुशी:

एक बाप अपने बच्चे से निस्वार्थ प्रेम करता है और उसकी खुशी में ही अपनी खुशी समझता है जब आप कक्षा में प्रथम आते हैं या फिर कोई गिफ्ट पाकर खुश होते हैं तो आपके पिता आपसे ज्यादा खुश होते हैं।

बचपन में आपको अपने कंधे पर बिठाकर घुमाते हैं घोडा बनकर आपको खुश करते हैं और हाथ पकड़कर चलना सिखाते हैं।

 

पिता के बिना जीवन ‘बिना छत की घर’ के समान होता है।

 

भगवान् है पिता? (Speech on father’s day in hindi)

क्या आप वास्तव में ईश्वर के आस्तित्व को मानते है? और आप उन्हें मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों, आदि में खोजते है? या आप एक नास्तिक है और भगवान में विश्वास नहीं रखते? तो आज से आप ईश्वर को अपने पिता में देखने का प्रयास करें। अब आप सोच रहे है की भगवान वो भी पिता?

तो सुनिए! ‘भगवान’ क्योंकि वह हमारे लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं, ‘भगवान’ क्योंकि उनका सिर्फ एकमात्र प्रयास होता है हमें खुशी और जीवन का हर सुख देना, ‘भगवान‘ क्योंकि वह हमारी एक मुस्कान के लिए हमारी सभी मांगों को पूरा करते है।

‘भगवान’ क्योंकि वे आपके भविष्य को सुधारने का काम करते है आपकी हर गलती को माफ़ करते है, ‘भगवान‘ क्योंकि उनके लिए उनका जीवन नहीं बल्कि हमारा जीवन मायने रखता है, ‘भगवान‘ क्योंकि उन्होंने हमें यह जीवन दिया है, ‘भगवान’ क्योंकि हर संकट और ख़ुशी के मौके पर वह हमारे साथ खड़े रहे है।

हाँ, इस दुनिया में भगवान है और वे माता-पिता के रूप में हमारे पास है, यहां तक ​​कि अगर वह हमारे साथ नहीं है (जीवित), फिर भी वह हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए इस जहान में मौजूद है कि हम मुस्कुराते रहे।

उम्मीद है की अब आप मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों, आदि में ईश्वर की खोज ना करते हुए अपने पिता में भगवान को ढूंढ लेंगे।

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अंतिम शब्द

हमारे समाज में पिता की छवि हमेशा से ही एक कठोर इंसान के रूप में हुई है इस साल फादर्स डे (Father’s Day) के मौके पर आप अपने पिता को आपके लिए किए गए उनके कार्यों का आभार व्यक्त करें, उनका धन्यवाद करें और भविष्य में उनका सम्मान करने का प्रण लें।

इस फादर्स डे पर, उन्हें यह अहसास कराए कि वह आपके भगवान है। उन्हें यह बताएं की फादर्स डे पर ही नहीं बल्कि हमेशा से ही वह आपके सुपर हीरो है।

आप अपनी वयस्त दिनचर्या में से कुछ मिनट उन्हें रोज दें जो आपके लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देता है। हमारे जीवन में पिता के महत्व का यह लेख अगर आपके दिल को छू गया और आप इससे प्रभावित हुए है तो इसे सोशल मिडिया पर भी जरूर शेयर करे।

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