National Science Day 2020: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस और सीवी रमन की जानकारी

    National Science Day 2020: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है Information in Hindi

    National Science Day 2020: CV Raman Information in Hindi: दोस्तों आज का दौर विज्ञान का दौर है आज हर कोई विज्ञान को काफी पसंद करता है और ज्यादातर चीजें विज्ञान पर आधारित होती है दोस्तों भारत में science और तकनीक (Technology) पर काफी जोर दिया जाता है इतना ही नहीं साइंस से ही नामुमकिन लगने वाली चीजों को मुमकिन बनाया जा सकता है।
    National Science Day 28 February 2020 CV Raman Vigyan Diwas Information In Hindi
    National Science Day 28 February 2020 CV Raman Vigyan Diwas Information In Hindi
    आज विज्ञान के मदद से ही हम पृथ्वी से अंतरिक्ष और चांद पर पहुंच पाए हैं।

    इतना ही नहीं, विज्ञान की मदद से ही आज हम रोबोट, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजों को ढूंढकर इस्तेमाल कर पाए हैं किसी भी इंसान के लिए विज्ञान काफी महत्वपूर्ण होती है।

    हमारे देश भारत में भी कई असाधारण वैज्ञानिकों का जन्म हुआ जिनमें से सीवी रमन (CV RAMAN) ने भारत को नए आयाम दिए। और ऐसे ही वैज्ञानिकों की मदद से आज भारत का विश्व भर में विज्ञान क्षेत्र में लोहा माना जाता है।

    यह भी पढ़े: एनआरसी और कैब क्या है | What Is NRC and CAB Information in Hindi आज के दिन हम भारत के महान वैज्ञानिक डॉक्टर सी वी रमन द्वारा खोजे गए रमन इफेक्ट जो 28 फरवरी के दिन ही खोजा गया था और इस दिन मिली सी वी रमन की इस बडी कामयाबी को याद रखने के लिए देशभर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) मनाया जाता है।

    आइए अब आपको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब क्यों और कैसे मनाते हैं नेशनल साइंस डे का इतिहास और इसे मनाए जाने के उद्देश्य तथा इस साल की थीम के बारे में भी आपको बताते हैं।

    National Science Day Information In Hindi

    1. कब मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | National Science Day 2020 Date

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाए जाने की शुरुआत 28 फरवरी 1986 में हुई जिस के बाद राष्ट्रिय विज्ञान दिवस पहली बार सन 1987 को 28 फरवरी के दिन मनाया गया था।

    भारत में हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी के दिन मनाया जाता है इस साल नेशनल साइंस डे 28 फरवरी 2020 को शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा।

    28 फरवरी के दिन साल 1928 को भारतीय वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर रमन द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रभाव रमन इफेक्ट की खोज की गई। यह खोज काफी अहम खोजो मे से थी जिसके लिए सीवी रमन को विभिन्न पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं साल 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

    यह भी पढ़े: Chhatrapati Shivaji Jayanti 2020: छत्रपति शिवाजी महाराज की History और Biography Information in Hindi विश्व चर्चित इस रमन इफेक्ट को भविष्य काल में यादगार बनाने के लिए साल 1986 में भारत सरकार की नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन द्वारा 28 फरवरी को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस नेशनल साइंस डे के रूप में मनाए जाने का प्रस्ताव घोषित किया गया।

    क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | Why National Science Day is Celebrated in India

    नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन द्वारा साइंस दिवस 28 फरवरी को विज्ञान दिवस घोषित किए जाने के बाद से ही हर साल यह दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और इसे मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना और विज्ञान के महत्व को समझाना एवं बच्चों को विज्ञान एक करियर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि देश में आने वाली पीढ़ी विज्ञान के प्रति जागरुक रहे और देश विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की करता रहे।

    यह भी पढ़े: कोरोना वायरस क्या है? जानिए Coronavirus के लक्षण इससे बचने के उपाय तथा इलाज इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य रमन इफेक्ट के खोजकर्ता डॉक्टर सी वी रमन को सम्मान देना और उनके योगदानों को यादगार बनाना तो था ही साथ ही साथ इसके कुछ और उद्देश्य भी है जो इस प्रकार हैं।

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2020 की थीम | National Science Day Theme in Hindi

    दोस्तों राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर साल एक खास थीम के साथ मनाया जाता है इसकी शुरुआत होने के साथ ही इसे थीम के साथ मनाए जाने का चलन चलता आ रहा है, यहां हम आपको पिछले 10 सालों के थीम और इस साल 2020 की थीम के बारे में भी बताने जा रहे हैं जो इस प्रकार हैं:

    1. National Science Day Theme 2020 - “Women in Science”

    2. National Science Day Theme 2019 - “Science for the People, and the People for Science”

    3. National Science Day Theme 2018 - “Science and Technology for a sustainable future.”

    4. National Science Day Theme 2017 - “Science and Technology for Specially Abled Persons”

    5. National Science Day Theme 2016 - “Scientific Issues for Development of the Nation”

    6. National Science Day Theme 2015 - “Science for Nation Building”

    7. National Science Day Theme 2014 - “Fostering Scientific Temper”

    8. National Science Day Theme 2013 - “Genetically Modified Crops and Food Security”

    9. National Science Day Theme 2012 - “Clean Energy Options and Nuclear Safety”

    10. National Science Day Theme 2011 - “Chemistry in Daily Life”

    11. National Science Day Theme 2010 - “Gender Equity, Science & Technology for Sustainable Development”

    12. यह भी पढ़े: राष्ट्रीय गणित दिवस 2020: कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? | National Mathematics Day
    13. National Science Day Theme 2009 - “Expanding Horizons of Science”

    14. National Science Day Theme 2008 - “Understanding the Planet Earth”

    15. National Science Day Theme 2007 - “More Crop Per Drop”

    16. National Science Day Theme 2006 - “Nurture Nature for our future”

    17. National Science Day Theme 2005 - “Celebrating Physics”

    18. National Science Day Theme 2004 - “Encouraging Scientific Awareness in Community”

    19. National Science Day Theme 2003 - “50 years of DNA & 25 years of IVF – The Blue print of Life”

    20. National Science Day Theme 2002 - “Wealth From Waste”

    21. National Science Day Theme 2001 - “Information Technology for Science Education”

    22. National Science Day Theme 2000 - “Recreating Interest in Basic Science”

    23. National Science Day Theme 1999 - “Our Changing Earth”

    विश्व विज्ञान दिवस कैसे मनाया जाता है | How Do We Celebrate National Science Day in Hindi

    भारत में 28 फरवरी के दिन नेशनल साइंस डे यानी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों कॉलेजों और शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा कई कार्यक्रम एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है साथ ही इन शैक्षिक संस्थानों कॉलेजों और स्कूलों में विज्ञान प्रोजेक्ट तथा कई भाषण और विज्ञान संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।

    साथ ही इस साल की विज्ञान दिवस की थीम भी काफी दिलचस्प है जो "वूमेन इन साइंस" है जिसमें महिलाओं को भी साइंस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    डॉक्टर सी वी रमन कौन थे जीवन परिचय | CV Raman Information In Hindi

    कौन थे: डॉक्टर सी वी रमन भारत के महान भौतिक विज्ञानियों में से एक थे। जिन्हें साल 1930 में भौतिकी क्षेत्र के प्रतिष्ठित पुरस्कार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। तथा उन्हें भारत सरकार द्वारा सन 1954 में भारत रत्न भी दिया जा चुका है।

    जन्म: सी वी रमन का पूरा नाम सर चंद्रशेखर वेंकटरमन है उनका जन्म 7 नवंबर 1888 को भारत के तमिलनाडु राज्य के तिरुचिरापल्ली शहर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सी वी रमण के पिता का नाम चंद्रशेखर अय्यर था और वे कॉलेज में भौतिकी विज्ञान के शिक्षक थे। तथा उनकी माता का नाम पार्वती अम्मल था जो एक ग्रहणी थी।

    पढ़ाई लिखाई: 1892 में जब रमन के पिता का तबादला विशाखापट्टनम में हुआ तो वहां उनके पिता को पढ़ने का ज्यादा शौक होने के कारण घर में ही किताबों का भंडार लग गया था। जहां से रमन ने बचपन से ही काफी अच्छी शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने विशाखापट्टनम के सेंट अलोय्सिअस एंग्लो-इंडियन हाई स्कूल से पढ़ाई की और मात्र 11-12 साल की उम्र में ही उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली।

    इसके बाद मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने बारहवीं की परीक्षा भी पास कर ली तथा आगे की पढ़ाई के लिए मद्रास (चेन्नई) के विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर सन 1904 में अपनी स्नातक की परीक्षा पास की और साल 1907 में मास्टर की डिग्री में वह पूरे मद्रास विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान में प्रथम आए।

    विवाह: सी वी रमन का विवाह 6 मई 1907 को लोक सुंदरी अम्मल से हुआ उनकी दो संताने थी। जिसमें से एक बेटे का नाम चंद्रशेखर और दूसरे बेटे का नाम राधाकृष्णन था राधाकृष्णन एक खगोल शास्त्री थे।

    करियर: साल 1917 में सीवी रमन जी ने सरकार द्वारा आयोजित कराई गई परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर वित्त विभाग में नियुक्त हो गए। उनकी नियुक्ति कोलकाता में हुई थी। परंतु वह इस सरकारी नौकरी से खुश नहीं थे। और जब लोगों को लग रहा था कि अब वह अच्छा वेतन पाएंगे, बुढ़ापे में ऊंची पेंशन मिलेगी।

    तब उन्होंने इंडियन एसोसिएशन फॉर कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस मे पहुंच कर वहां अपना परिचय दिया और प्रयोगशाला में आज्ञा प्राप्त की इसके बाद उनका तबादला रंगून में हो गया।

    सम्मान:
    • सर, सी वी रमन जी को साल 1928 ईस्वी में रॉयल सोसायटी लंदन का फेलो बनाया गया।

    • साल 1930 में सी वी रमन जी को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    • साल 1941 में उन्हें फ्रैंकलीन मेडल से सम्मानित किया गया।

    • जिसके बाद साल 1954 में उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है।

    • तथा सन् 1957 में उन्हें लेनिन शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

    यह भी पढ़े: Whatsapp Payment Feature: Transfer Money via Whatsapp In Hindi मृत्यु: सर, सी वी रमन जी जब अपनी प्रयोगशाला में प्रयोग कर रहे थे तब वह वहां गिर गए। जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया तो डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। और बताया कि उनके जीवन में अब कुछ ही दिन बचे हैं।

    ऐसे में सीवी रमन अपने जीवन के आखिरी पल अस्पताल में ना गुजरते हुए अपने इंस्टिट्यूट के बगीचे में अपने हाथों से लगाए गए फूलों के साथ व्यतीत करना चाहते थे।

    और आखिरकार 21 नवंबर 1970 को मात्र 82 वर्ष की आयु में ही उनका निधन हो गया।

    रमन प्रभाव क्या है? | What is Raman Effect in Hindi

    सर चंद्रशेखर वेंकट रमन प्रभाव 1928 में भारतीय भौतिक विज्ञान संघ, कोलकाता की प्रयोगशाला में काम करते हुए एक प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी द्वारा खोजे गए स्पेक्ट्रोस्कोपी में एक घटना है।

    रमन प्रभाव, प्रकाश की तरंग दैर्ध्य में परिवर्तन, तब होता है जब प्रकाश की किरण अणुओं द्वारा विक्षेपित हो जाती है।

    जब प्रकाश का एक किरण एक रासायनिक यौगिक के धूल रहित, पारदर्शी नमूने से यात्रा करता है, तो प्रकाश का एक छोटा हिस्सा घटना बीम / प्रकाश के अलावा अन्य दिशाओं में उभरता है।

    अधिकांश बिखरे हुए प्रकाश तरंग दैर्ध्य अपरिवर्तित होते हैं और छोटे हिस्से में तरंगदैर्घ्य घटना प्रकाश से अलग होता है तो यह रमन प्रभाव के कारण होता है।
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