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World Sparrow Day 2020: विश्व गौरैया दिवस और संरक्षण के उपाय Hindi में

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    World Sparrow Day 2020: विश्व गौरैया दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है, जानिए थीम और संरक्षण के उपाय

    Vishwa Gauriya Diwas 2020 Date Hindi Wikipedia: दोस्तों आज से पहले शहरों और गांवों में गौरैया पक्षी की चहचहाहट सुनाई देती थी और यह आपको आपके घर आंगन बगीचे या छत पर अक्सर देखने को मिल जाया करते थे, परंतु आज गौरैया पक्षी ढूंढने से भी नहीं मिलती आंकड़ों की मानें तो गोरैया नामक चिड़िया की प्रजाति में 60 फ़ीसदी की कमी आई है।

    ऐसे में विश्व गौरैया दिवस मना कर हम उस चहचहाहट को वापस लाने की कोशिशें कर रहे हैं, उनके लिए कृत्रिम घोंसले बनाए जा रहे हैं तो वहीं छत पर दाना-पानी रखने से भी गौरैया और कई लुप्त होती प्रजाति की चिड़िया वापस छत पर आने लगी हैं।

    World Sparrow Day 20 March 2020 Vishwa Gauraiya Diwas in Hindi
    World Sparrow Day 20 March 2020 Vishwa Gauraiya Diwas in Hindi

    दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको विश्व गौरैया दिवस या वर्ल्ड स्पैरो डे कब क्यों और कैसे मनाया जाता है और इसकी थीम (Theme) क्या है तथा गौरैया संरक्षण के बारे में बताने जा रहे हैं, साथ ही अगर आपने गौरैया पक्षी नहीं देखी है और आप जानना चाहते हैं गौरैया पक्षी कैसी दिखती है और कौन है तो उसकी जानकारी भी आपको आगे इसी पोस्ट में मिल जाएगी।


    When, Why and How World Sparrow Day is Celebrated in Hindi

    कब मनाया जाता है विश्व गौरैया दिवस | When is World Sparrow Day 2020 Date

    हर साल 20 मार्च को नेचर फोरेवर सोसाइटी (India) और इको-सिस एक्शन फ़ाउंडेशन (France) के सहयोगों द्वारा विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है पहली बार विश्व गौरैया दिवस साल 2010 में मनाया गया था। इस साल 2020 में भी International Sparrow Day, 20 March को मनाया जा रहा हैं।


    आपको बता दें कि विश्व गौरैया दिवस के स्थापना (Founder) नासिक (भारत) के रहने वाले मोहम्मद दिलावर ने गौरैया पक्षी की लुप्त होती प्रजाति की सहायता करने के लिए नेचर फॉरएवर सोसायटी की स्थापना कर की थी, इसी संस्था की एक साधारण चर्चा के दौरान विश्व गौरैया दिवस मनाने की योजना बनाई गई थी, साथ ही 2008 में इनके गौरैया के प्रति किए जाने वाले कामों को देखते हुए टाइम (एक अमेरिकी न्यूज़ मैगज़ीन) द्वारा 'हीरोज ऑफ द इन्वायरमेंट' नाम दिया गया था।


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    20 मार्च सन 2011 में पर्यावरण संरक्षण और गौरैया संरक्षण के कार्य में मदद करने वालों को सम्मानित करने के लिए एनएफएस द्वारा गुजरात के अहमदाबाद में गौरैया पुरस्कार की भी शुरुआत की गई, जिसका मुख्य मकसद ऐसे लोगों की सराहना करना था जो पर्यावरण संरक्षण और गौरैया संरक्षण में अपना योगदान दे रहे हैं।


    क्यों मनाया जाता है गौरैया दिवस जानिए उद्देश्य | Why is World Sparrow Day Celebrated

    घरेलू गौरैया आज लुप्त होने की कगार पर है ऐसे में इन्हें बचाना काफी जरूरी हो गया है आज से पहले लगभग एक दो दशक पहले गौरैया चिड़िया आपको सुबह सवेरे ची-ची करती सुनाई दे जाती थी, लेकिन आज लोग गौरैया की आवाज सुनने को तरस गए हैं भारत समेत विश्व भर में गौरैया चिड़िया की संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।


    दिल्ली में तो गौरैया को ढूंढना इतना दुर्लभ हो गया है कि लाख ढूंढने पर भी यह पक्षी दिखाई नहीं देता, इसीलिए दिल्ली सरकार द्वारा साल 2012 में गौरैया को 'राज्य-पक्षी' घोषित करने का फैसला लिया गया।


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    विश्व गौरैया दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य गौरैया पक्षी का संरक्षण करना और इन्हें लुप्त होने से बचाना है ताकि यह भविष्य में यह एक इतिहास का पक्षी बनकर ना रह जाए।

    दोस्तों धरती से किसी भी पक्षी या जीव जंतु का लुप्त होना भोजन श्रृंखला पर भी बड़ा असर डालता है, ऐसे में किसी एक पक्षी या जीव जंतु के लुप्त होने से मानव जीवन के साथ ही पृथ्वी पर भी गहरा संकट मंडरा सकता है।


    कैसे मनाया जाता है विश्व गौरैया दिवस | World Sparrow Day 2020 Theme

    विश्व गौरैया दिवस हर साल 20 मार्च को बड़े ही धूमधाम और एक खास थीम के साथ मनाया जाता है इस साल की थीम 'I Love Sparrows' है, जिसके तहत गौरैया संरक्षण का संदेश विश्व भर में दिया जाएगा।


    साथ ही इस दिन गौरैया पुरस्कार का भी आयोजन किया जाता है जिसमें गौरैया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति काम करने वाले लोगों को पुरस्कार बांटे जाते हैं, इतना ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में गौरैया संरक्षण के प्रति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, छत पर पक्षियों को पानी देने के लिए मिट्टी का बर्तन, बीज तथा दाने आदि बांटे जाते हैं तो वहीं चिड़िया घरों में भी इस दिन गौरैया संरक्षण के प्रति आने वाले पर्यटकों को बताया जाता है।


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    कौन है गौरैया पक्षी, जानिए क्यों जरूरी है संरक्षण | Gauraiya Bird in Hindi

    गौरैया (पासर डोमेस्टिकस) एक घरेलू पक्षी है जिसे 'पासेराडेई' परिवार का माना जाता है तो वहीं कुछ लोग इसे 'वीवर फिंच' से संबंधित बताते हैं, यह पक्षी दिखने में काफी छोटा होता है और इसकी लंबाई 14 सेंटीमीटर से 16 सेंटीमीटर तक होती है, यह पक्षी काफी कम वजन वाले होते हैं सामान्य गोरिया पक्षी का वजन 25 से 30 या 32 ग्राम तक हो सकता है।

    गोरिया एक झुंड में रहने वाला पक्षी है इसीलिए यह झुंड में रहकर भोजन तलाशने के लिए ज्यादा से ज्यादा 2 मील की दूरी तय कर सकती है यह अपने जीवन काल में कम से कम 3 बच्चों को जन्म देती है, यह कीड़े मकोड़े और दाने दोनों खाती है।


    क्यों जरूरी है गौरैया संरक्षण | Save Sparrow in Hindi

    दोस्तों हम सभी गौरैया चिड़िया की कविताओं और उन्हें हकीकत में देख कर उनके बच्चों को खाना पानी खिलाते बड़े हुए हैं, लेकिन अब इस पक्षी को ढूंढना सागर में मोती ढूंढने के बराबर है, कई देशों और भारत में भी यह विलुप्त प्रजातियों की सूची में शामिल कर दी गई हैं।

    कुछ पक्षी वैज्ञानिकों की मानें तो बीते कुछ सालों मैं गौरैया की आबादी में लगभग 60 से 80% की कमी देखने को मिली है ऐसे में अगर गोरिया पक्षी का संरक्षण नहीं किया गया तो यह है भविष्य में एक इतिहास का पक्षी बनकर ही रह जाएगा।


    Red List की गई गौरैया

    ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी ऑफ़ प्रोटेक्शन ऑफ़ बर्ड्स द्वारा विश्व के विभिन्न हिस्सों के अनुसंधान और भारत समेत कई बड़े देशों के अध्ययन के आधार पर गौरैया पक्षी को Red List किया जा चुका है। जिसका अर्थ यह है की यह पक्षी पूरी तरह से लुप्त होने की कागार पर है।


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    सबसे बड़ी चिंता का कारण यह है कि यह पक्षी शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लुप्त हो गया है और इनकी आबादी खत्म होने की कगार पर है।


    पहले गोरिया पक्षियों का एक पूरा झुंड घूमता दिखाई पड़ता था लेकिन आज यह पक्षी ढूंढने पर भी नहीं मिलता, दिल्ली में इसकी दुर्लभता को देखते हुए इसे राज्य पक्षी घोषित कर दिया गया है तो वही फ्रांस, यूरोप, जर्मनी और ब्रिटेन, इटली आदि जैसे देशों में भी इनकी संख्या में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।


    क्यों घट रही है गौरैया पक्षी की संख्या:

    वैसे तो गोरिया पक्षी ही नहीं कई और भी पक्षी और जीव जंतु लुप्त होने की कगार पर है ऐसे में पक्षियों और गौरैया नामक चिड़िया की कम होती संख्या के पीछे जो मुख्य कारण है वह समान ही हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:


    • भोजन पानी की कमी: दोस्तों गौरैया और कई दूसरे पक्षियों का भोजन दाना और कीड़े-मकोड़े होते हैं साथ जीने के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है, पहले समय में खेतों में दाने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में कीड़े मकोड़े भी हुआ करते थे।

      लेकिन आज कीटनाशकों और कई केमिकल के इस्तेमाल के कारण कीड़ा मकोड़े और अन्न खाने के लायक नहीं बचे हैं ऐसे में तलाब और कई जलाशय सूखते जा रहे हैं जिससे पीने के पानी की कमी है, और इन्ही कारणों से यह प्रवास करते समय यह अपनी जान गवा बैठते हैं।

    • रहने के लिए स्थान की कमी: दोस्तों गौरैया एक घरेलू पक्षी है इसीलिए यह इंसानों के आसपास ही अपना घर (घोंसला) बनाती है परंतु कुछ लोग इनके घोसलों को बनने से पहले ही उजाड़ देते हैं।

    • जंगल और पेड़ पौधों की कमी: तेजी से कटते जंगल और पेड़ पौधों की कमी के कारण उनके आवाज और रहने तथा आराम करने की जगहों में कमी आ रही है जो इनकी विलुप्ति का एक मुख्य कारण है।

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    • बढ़ता प्रदूषण: खुली हवा में उड़ने वाले यह छोटे से पंछी जब इस प्रदूषित हवा में पर फैलाकर उड़ते हैं तो कई जानलेवा प्रदूषक इनके शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है और कई पक्षी तो ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस ना ले पाने के कारण ही मर जाते हैं।

    • रेडिएशन: आज देश में 4G और 5G के चर्चे जोरों पर है लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि इससे निकलने वाला रेडिएशन इतना घातक होता है कि यह इंसानों सहित पशु-पक्षियों पर काफी गहरा और बुरा असर डालता है अगर आपने 'फिल्म-रोबोट 2.0' देखी है तो आप इसे अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

    • पक्षियों के बच्चों के साथ खिलवाड़: जब गौरैया पक्षी इंसानों के बीच घोंसला बनाती है और जब वह अपने बच्चों के लिए दाना पानी लेने के लिए जाती है तो वहां रहने वाले बच्चे इन्हें बाद में पहचान के लिए उनके पैरों में धागा या फिर इनके पंखों को रंग देते हैं जो इन पक्षियों के लिए काफी घातक सिद्ध होते हैं।

    गौरैया संरक्षण के लिए क्या करें:

    गौरैया की संख्या में विश्व भर में तेजी से गिरावट आ रही है ऐसे में गौरैया पक्षी का संरक्षण करना काफी महत्वपूर्ण और काफी जरूरी हो जाता है, अगर आप भी स्पैरो संरक्षण में अपना हाथ बटाना चाहते हैं और योगदान देना चाहते हैं तो आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:


    • छत पर दाना पानी रखें: छत पर काकून, बाजरा-मक्का, गेहूँ, चावल आदि रखें साथ ही मिट्टी के बर्तन या फिर किसी अन्य बर्तन में पानी भरकर रखें।

    • कृत्रिम घोसले बनाएं: कम होती हरियाली के कारण आज घास फूस की भी कमी हो गई है ऐसे में चिड़िया अपना घोंसला बनाए तो बनाए कैसे अगर आप गोरिया की मदद करना चाहते हैं तो आप कृत्रिम घोसले बना सकते हैं।

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    • दूसरों को गौरैया संरक्षण के प्रति जागरूक करें: दोस्तों इस लेख को पढ़कर आपको तो जागरूक हो ही गए हैं आप अपने ही जैसे दूसरे लोगों को भी गोरिया संरक्षण के महत्व को बताएं और इस लेख को दूसरों के साथ शेयर करके उन्हें भी जागरूक करें

    • हो सके तो पेड़ पौधे लगाएं: दोस्तों इंसानों के बढ़ते आवास के कारण जंगल और पेड़ पौधे सिमटते जा रहे हैं ऐसे में हो सके तो अपने घर के बाहर या आसपास किसी खाली स्थान पर पेड़ पौधे जरूर लगाएं।

    • गौरैया पार्क विकसित करना: दोस्तों चिड़ियों की संख्या को देखते हुए आज हमें गोरैया पार्क बनाने की आवश्यकता है जिससे यह पक्षी अपना आशियाना फिर से बसा सकें।

    अंतिम शब्द

    दोस्तों अब तो आप अन्तर्राष्ट्रीय गौरैया दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है (When, Why and How WOrld Sparrow Day is Celebrated) और गौरैया पक्षी का संरक्षण कितना और क्यों जरूरी है (Saving Sparrow in Hindi) और Vishwa Gauriya Diwas 2020 Date के बारे में भी आप समझ गए होंगे।

    अगर आपको विश्व गौरैया दिवस की थीम (International Sparrow Day 2020 in Hindi) कि यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि वह भी गोरिया पक्षी के संरक्षण के प्रति जागरूक हो सके और इस लुप्त होते पक्षी का संरक्षण किया जा सके और इनकी आबादी फिर से बढ़ाई जा सके।

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