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World Ozone Day 2021: विश्व ओजोन दिवस का इतिहास Theme और ओजोन मे छेद होने के कारण

World Ozone Day 2021: 1995 से ही हर साल 16 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन संरक्षण दिवस मनाया जाता है। ओजोन परत में होने वाले नुकसान से लोगों को आगाह आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    World Ozone Day 2021: विश्व ओजोन संरक्षण दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, क्या है इतिहास, थीम और छिद्र का कारण?

    अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस: पर्यावरण को प्रदूषण से होने वाले नुकसान के कारण ही आज ओजोन परत को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में World Ozone Day ओजोन परत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

    16 सितंबर वर्ष 1987 में मोंट्रियल प्रोटोकोल हस्ताक्षर किए जाने के साथ ही विश्व ओजोन दिवस की शुरुआत हो गई थी परंतु इसके 7-8 साल बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1994 में 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाने की शुरुआत की गई ओजोन दिवस 2020 की थीम 'ओजोन परत संरक्षण के 35 वर्ष' है।

    अगर बात करें ओजोन लेयर के हो इसके बारे में सामान्यत लोग कम ही जानते है। ओजोन परत ओजोन अणुओं की एक परत होती है। ओजोन लेयर सूर्य से आने वाली Harmful पराबैंगनी किरणों को धरती पर आने से रोकती है। बिना ओजोन परत के पृथ्वी पर जीवन असंभव है।

    World Ozone Day Kyu Manaya Jata Hai
    World Ozone Day Kyu Manaya Jata Hai

    आज के इस लेख में हम आपको विश्व ओजोन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? विश्व ओजोन दिवस 2021 की थीम तथा Ozone layer क्या है? इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे है।


    International Day for the Preservation of the Ozone Layer Information in Hindi

    विश्व ओजोन दिवस के बारे में जानकारी:
    नाम: विश्व ओजोन दिवस या 'ओज़ोन परत संरक्षण दिवस'
    पहली बार: 1995
    तिथि: 16 सितंबर
    उद्देश्य: पृथ्वी को ओजोन परत में होने वाले नुकसान से लोगों को आगाह करना और उसका संरक्षण करना
    नारा(Slogan): 'जीवन के लिए ओजोन' (Ozone for life)
    थीम: 'ओजोन परत संरक्षण के 35 वर्ष' (35 years of ozone layer protection)
    अगली बार: 16 सितम्बर 2022

    विश्व ओजोन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

    1995 से ही हर साल 16 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन संरक्षण दिवस मनाया जाता है। यह दिवस ओजोन और पर्यावरण के महत्व को समझने तथा इसे सुरक्षित रखने के उद्देश्य से Celebrate किया जाता है।

    और इसका मुख्य मकसद ओजोन परत को होने वाले नुकसान से धरती पर आने वाले संकट से लोगों को आगाह करना और इसके संरक्षण हेतु जागरूक करना है।


    क्यों मनाते हैं?
    ओजोन को पृथ्वी की सुरक्षा छतरी कहा जाता है और इस ओजोन छतरी में पर्यावरण प्रदूषण के कारण छेद होने से पृथ्वी पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है।

    संयुक्त राष्ट्र ने Ozone Hole से होने वाले खतरे से विश्व को आगाह किया है। यही कारण है कि दुनिया को Ozone Depletion से होने वाले खतरे से आगाह करने के लिए हर साल ओजोन परत संरक्षण दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है।


    विश्व ओजोन संरक्षण दिवस की History/इतिहास

    United Nations General Assembly ने साल 1994 में 16 September को Ozone Layer की Safty के लिए World Ozone Day मनाने की Announcement की थी।

    इस दिन साल 1987 मे ओजोन लेयर के संरक्षण के लिए बनाए गए Montreal Protocol पर हस्ताक्षर किया गया था।

    मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल क्या है?
    16 सितंबर 1987 को मोंट्रियल प्रोटोकोल दुनिया के विभिन्न देशों के बीच हस्ताक्षरित की गई थी परंतु इसका क्रियान्वयन 2 साल बाद 1 जनवरी 1989 को हुआ। ऐसा माना जाता है कि आने वाले 30 सालों में यानी 2050 तक ओजोन लेयर को हानि पहुंचाने वाले प्रदूषित पदार्थों के उत्पादन को नियंत्रित कर लिया जाएगा।


    विश्व ओजोन दिवस 2021 की थीम

    Ozone Day Theme 2021: इस साल विश्व ओजोन दिवस 2021 की थीम अभी घोषित नहीं की गयी है पिछली साल 2020 की theme '35 years of ozone layer protection' थी जिसे हिंदी में ओजोन परत संरक्षण के 35 वर्ष कहा जा सकता है।

    साथ ही इसका नारा (Slogan): 'Ozone for life (जीवन के लिए ओजोन) है।


    वहीं पिछली साल 2019 की थीम '32 years and Healing' है। इस थीम के जरिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत विश्वभर के देशों द्वारा ओजोन परत के संरक्षण तथा जलवायु की रक्षा हेतु 30 सालों से किए जा रहे प्रयासों को सिलेब्रेट करना है।

    और वर्ष 2018 की थीम थी 'Keep Cool and Carry On'.


    लेकिन बहुत से लोगों को Ozone Layer को नहीं जानते इसीलिए आज हम आपको ओजोन परत क्या है? के बारे में बताना जा रहे हैं।


    ओजोन परत क्या है? (What Is Ozone Layer In Hindi)

    ओजोन ऑक्सीजन का अपर रूप होता है, यह ऑक्सीजन के 3 परमाणुओं से बनने वाली गैस है इसीलिए इसे O3 से दर्शाया जाता हैं। सन् 1957 में, Oxford University के Professor गॉर्डन डॉब्सन ने Ozone Layer की खोज की थी।

    कहाँ पायी जाती है यह ओजोन गैस?
    ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है। यह पृथ्वी के वातावरण के समताप मंडल यानी धरती से लगभग 10 से 50 किलोमीटर की ऊंचाई (स्ट्रेटोस्फियर) पर पाई जाती हैं। जिसकी मात्रा वातावरण में बहुत कम है।

    इसका काम क्या है?
    जिस तरह एक छतरी आपको धूप और बारिश बचाती है उसी प्रकार ओजोन लेयर भी हमें सूर्य के भीषण ताप और खतरनाक अल्ट्रावॉयलेट या पराबैगनी किरणों से पृथ्वी को बचाती है। तथा सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों को सोख लेती है और इन्हें छानकर धरती पर भेजती है।

    वैज्ञानिकों का मानना है की यह पृथ्वी और Environment के लिए एक Protective sheild का कार्य करती है।


    Ozone Layer Depletion और UV Rays से होने वाले नुकसान:

    ओजोन लेयर में छेद होने से हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि सूर्य से आने वाली इन हानिकारक पराबैंगनी किरणों से कैंसर और त्वचा सम्बंधी रोगों जैसी भयावह बीमारी, के साथ साथ फसलों को नुकसान और समुद्री जीवों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

    वैज्ञानिकों का तो यह भी कहना है कि ओजोन परत के बिना धरती पर जीवन का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।

    प्रदूषण के कारण ओजोन परत को होने वाले नुकसान से पृथ्वी पर संतुलन बिगड़ रहा है, आज सर्दियों की तुलना में गर्मी अधिक होती है, मौसम में बदलाव हो रहा है सर्दी आने में अनियमितता हो रही हैं साफ पानी का भंडार माने जाने वाले ग्लेशियर पिघलने शुरू हो गए हैं।


    • इन हानिकारक UV किरणो से त्वचा कैंसर होता है।

    • इन Ultraviolet Rays से त्वचा जल जाती है।

    • अल्ट्रावायलेट विकिरण के Contact में आने से इम्यून सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

    • पराबैंगनी किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों के ऊतकों को भारी नुकसान पहुंचता है और जिसे ‘Snow Blind’ कहा जाता है।

    • इन दुर्प्रभावशाली अल्ट्रा वोइलेट किरणें से त्वचा की उम्र बढ़ने में भी तेजी आती हैं।

    हालांकि कोरोनावायरस महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने ओजोन लेयर को हुई हानि को भरना शुरू कर दिया है।

    यह भी पढ़ें: जानिए कोरोना वायरस से हुए पृथ्वी को फायदे के बारें में

    ओजोन परत रिक्तीकरण या इसमें छिद्र होने के कारण:

    बढ़ते प्रदुषण और ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते वातावरण में तापमान का बढ़ना ओजोन परत में छिद्र का बड़ा कारण है। विभिन्न संस्थाओं के गहन अध्ययन के अनुसार Fridge, Air Conditioner, Electronic Parts की Cleaning, अग्निशमन यंत्र, वाहनों और Factory के धुंए आदि में Chlorofluoro Carbons के उपयोग में लगातार बढोतरी होने के कारण ओजोन परत के क्षरण की दर तेजी से बढ़ रही है।

    वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के कारण भी Ozone Layer को भारी छति हुई है।


    यह भी पढ़ें: स्मॉग क्या है? कैसे बनता है, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और इससे बचने के उपाय

    अन्तिम शब्द

    दोस्तों पृथ्वी पर जल, अग्नि और वायु होने के कारण यह सबसे अनमोल ग्रह है। लेकिन हमारी वजह से जो संकट आज इस पृथ्वी पर आ खड़ा हुआ है यदि समय रहते इसका कोई Solution नहीं निकाला गया तो हमें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    अगर हमें पृथ्वी को इस भयानक संकट से बचाना है तो हमें विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस 2021 पर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम पृथ्वी और वातावरण को बचाने के अथक प्रयास करेंगे।

    धरती को और अधिक प्रदूषित होने से बचाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने पर भी जोर देना चाहिए। पानी को व्यर्थ होने से बचाना चाहिए। वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए।

    तो दोस्तों अगर आपको हमारी आज की International Day for the Preservation of the Ozone Layer in Hindi कि यह पोस्ट अच्छी लगी तो अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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