चंद्रयान-3 मिशन २०२०: कब लॉन्च होगा, जानिए लागत और पूरी जानकारी हिंदी में

    चंद्रयान-3 मिशन २०२०: कब लॉन्च होगा, जानिए लागत, - Chandrayaan-3 Mission Cost and Launch Date Information in Hindi

    Chandrayaan-3 Mission 2020: Launch Date, Cost Information in Hindi: Indian Space Research Organisation (इसरो) द्वारा चन्द्र मिशन को आगे बढ़ाते हुए अपने तीसरे Lunar Mission का ऐलान ISRO के प्रमुख के सिवन ने भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिलने पर नए साल के पहले दिन 1 जनवरी 2020 को किया गया। आपको बता दें की इसरो अपने चंद्रयान -3 मिशन की तैयारी में जुट चूका है जो इस साल 2020 में लॉन्च किया जा सकता है।

    दिल्ली के एक प्रोग्राम को Join करने आए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन से एक महत्वपूर्ण प्रश्न किया गया कि "क्या इसरो अपने लूनर मिशन को जारी रखते हुए चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से में एक बार फिर लैंडिंग का प्रयास करेगा?" तो उनका इस सवाल पर ज़वाब था, "जरूर, चंद्रयान-दो कहानी का अंत नहीं है."
    ISRO Chandrayaan 3 Mission 2020 All Information In Hindi Launch Date Cost
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    आइए अब आपको चंद्रयान-3 मिशन २०२० कब लॉन्च होगा? (When Chandrayaan -3 Mission Will Launch in Hindi), भारत के तीसरे लूनर मिशन चंद्रयान ३ की लागत कितनी है?, (What is The Cost of ISRO's Chandrayaan-3 Mission in Hindi) और चंद्रयान 3 की पूरी जानकारी हिंदी में, (About ISRO's Chandrayaan-3 Mission 2020 All Information in Hindi).

    Chandrayaan-3 Mission 2020 Launch Date Information In Hindi:

    1. कब लॉन्च होगा: इसरो का चंद्रयान -3 मिशन इस साल 2020 में ही लॉन्च किया जायेगा।

    2. चंद्रयान 3 का कॉन्फ़िगरेशन: एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इसरो प्रमुख के सिवन ने यह भी बताया कि चंद्रयान -3 का कॉन्फ़िगरेशन इससे पहले लॉन्च किए गए चन्द्र अभियान, चंद्रयान -2 के समान ही होगा। जिससे यह साफ हो जाता है कि चंद्रयान -3 में चंद्रयान दो के जैसे ही एक लैंडर (Lander) और एक रोवर(Rover) के साथ प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module) भी होगा।

    3. इसरो के दुसरे मिशन: अपनी बात को आगे बढाते हुए ISRO Chief ने कहा कि तीसरे चंद्र मिशन से संबंधित सभी कामक़ाज सुचारू रूप से चल रहे हैं और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चंद्रयान -3 के अलावा, इस साल 2020 में इसरो 25 से अधिक अंतरिक्ष मिशन करेगा। जिसका चंद्रयान -3 और अन्य उपग्रह कार्यक्रमों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


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    5. चंद्रयान -2 के लैंडिंग स्थान पर: के सिवन ने यह खुलासा भी किया की इसरो अपने चंद्रयान -3 को भी उसी स्थान पर उतरने की योजना बना रहा है, जिस स्थान पर चंद्रयान -2 चंद्रमा की सतह पर Landing के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिससे यह साफ हो जाता है कि चंद्रयान -३ भी चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए और ज्यादा सावधानी से तैयार किया जाएगा, ताकि कोई दुर्घटना न हो।

    6. चंद्रयान 3 की लागत (Cost): इसरो प्रमुख ने इस Press Conference में आने वाले चंद्रयान -3 मिशन की लागत के बारे में बात करते हुए कहा कि तीसरे चंद्र मिशन के लैंडर और रोवर की लागत लगभग 250 करोड़ रुपये होगी। के सिवन ने कहा कि मिशन की पूरी लागत करीबन 615 करोड़ रुपये होगी। जो पिछले साल किए गए चंद्रयान -2 मिशन से लगभग 345 करोड़ रुपए कम है, आपको बता दे की Chandrayaan-2 Mission की कुल लागत (Cost) करीब 960 करोड़ रुपये थी।

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    8. गगनयान मिशन: के सिवन ने इस प्रेस कांफ्रेंस में Moon Mission के साथ ही गगनयान मिशन के बारे में भी बताया और कहा की चंद्रयान ३ के साथ भारतीय मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के भाग के रूप में गगनयान की तैयारी भी चल रही है।

      आपको बता दें कि गगनयान एक भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय मानव को 2022 तक कम से कम सात दिनों के लिए 3 अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है।

      गगनयान मिशन के लिए इसरो द्वारा विकसित किए जा रहे इन अंतरिक्ष यान में एक सर्विस मॉड्यूल और एक क्रू मॉड्यूल होगा, जिसे सामूहिक रूप से ऑर्बिटल मॉड्यूल के रूप में जाना जाता है।


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    10. चंद्रयान -2 क्रैश लैंडिंग: के सीवन ने इस संवाददाता सम्मेलन में उन संभावित कारणों का भी जिक्र किया, जिनके कारण चंद्रयान -2 के विक्रम लैंडर की क्रैश लैंडिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि जब रफ ब्रेकिंग चरण के रूप में यह जाना चाहिए था, तो दूसरे चरण में वेग (गति) कम नहीं हुई, जिसके परिणामस्वरूप, तीसरे चरण में, लैंडर नियंत्रण से बाहर हो गया, जिससे यह लैंडिंग कठिन हो गई।

    11. चंद्रयान -2 के बारे में के लैंडर विक्रम और रोवर को पिछले साल ही 6 सितंबर को चाँद (Moon) के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने और एक चंद्र दिवस (जो दो पृथ्वी सप्ताह के बराबर है) के लिए वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए निर्धारित किया गया था। परन्तु इसरो ने चंद्रयान-2 के लैंडर की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई. हालांकि, चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर काम कर रहा है और वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सात साल तक काम करता रहेगा.


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    सिवन ने यह भी कहा कि हमारी योजनाओं के तहत आदित्य एल-1 सौर मिशन जैसे कार्यक्रम पर भी काम जारी रहा है.

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    अंतिम शब्द

    Friends अब इसरो एक बार फिर भारत को नए आयामों तक ले जाने के लिए तैयार है, और इसरो का Lunar Mission अपने तीसरे चरण की तरफ अग्रसर होने के साथ ही देश में स्पेस क्रांति भी लेकर आएगा, दोस्तों इस बार का चंद्रयान 3 एक अनुभवों के साथ तैयार किया जाएगा.

    अगर आपको चंद्रयान-3 मिशन २०२० कब लॉन्च होगा? (When Chandrayaan -3 Mission Will Launch in Hindi), भारत के तीसरे लूनर मिशन चंद्रयान ३ की लागत कितनी है?, (What is The Cost of ISRO's Chandrayaan-3 Mission in Hindi) और चंद्रयान 3 की पूरी जानकारी हिंदी में, (ISRO's Chandrayaan-3 Mission 2020 All Information in Hindi) की यह Knowledge अच्छी लगी तो इस लेख को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें.
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