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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2021: National Voter's Day का महत्व, इतिहास और थीम

वोटर्स डे 2021: प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voter's Day) मनाया जाता है। आइये इसके बारें में विस्तार से जानते है...

    National Voters Day 2021: राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? Theme/Slogan in Hindi

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस (नेशनल वोटर्स डे 2021): हमारा एक वोट कितना कीमती है शायद हम नहीं जानते इसीलिए निर्वाचन आयोग द्वारा हर साल 25 जनवरी को लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु राष्ट्रीय मतदान दिवस मनाया जाता है।

    इस साल 2021 में हम 11वां National Voter's Day मना रहे हैं और इसी दिन निर्वाचन आयोग का 72वां स्थापना दिवस भी है, जिसे वर्ष 2011 में मतदाता दिवस (नेशनल वोटर्स डे) के रूप में मनाने की घोषणा तत्कालीन राष्ट्रपति ने की थी।

    हम खुशनसीब हैं कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यहां जनता ही सरकार बनाती है लेकिन सरकार बनाने के लिए वोट देना उतना ही जरूरी है। जितना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाना, दवाई और इलाज जरूरी है।

    उसी तरह आप अपना वोट देकर सही सरकार चुनकर देश को भी स्वस्थ और खुशहाल बना सकते हैं।

    National Voters Day - Matdata Diwas
    National Voters Day - Matdata Diwas

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब और क्यों मनाया जाता हैं?

    भारत में प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (Voter's Day) मनाया जाता है इसकी शुरुआत वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने की थी जिसका मकसद भारत के सभी मतदान करने योग्य मतदाताओं की पहचान करना और ऐसे लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना और उन्हें पहचान पत्र सौंपना है जिनकी उम्र 1 जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी है।

    निर्वाचन आयोग ने भी मतदान प्रतिशत के घटते आंकड़ो पर विचार व्यक्त करते हुए इसे मनाने का पक्ष रखा, निर्वाचन आयोग पर देश में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है।

    इसके साथ ही नेशनल वोटर्स डे भारत के सभी युवाओं और पात्र नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक करता है, ताकि कोई मतदाता मतदान करने से ना चूकें और एक मतदाता बनने पर उन्हें गर्व के साथ शुभकामनाएं भी देता है।



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    नेशनल वोटर्स डे का इतिहास (History)

    चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से एक दिन पहले ही हो गई थी परंतु चुनाव आयोग के 61वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में साल 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने इसे राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।

    जिसके बाद पहला मतदाता दिवस 25 जनवरी 2011 को मनाया गया।

    लोकतांत्रिक देश भारत में मतदान एक त्यौहार के रूप में माना जाता है, परंतु इस मतदान त्योहार में लोगों के कम होते रुझान और अवेयरनेस को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।



    National Voters Day कैसे मनाया जाता है?

    इस खास मौके पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में राजधानी दिल्ली में समारोह आयोजित कर मनाया जाता है इसमें मतदान और मतदाता से जुड़ी कला, नृत्य, नाटक, संगीत एवं अन्य विषयों पर प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

    वहीं विधानसभा चुनाव में मतदान देने हेतु मतदाताओं को जागरूक करने के लिए दिल्ली निर्वाचन कार्यालय द्वारा दिल्ली के कई इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर रणवीर सिंह जी ने 2020 के आम चुनावों में मतदान करने के लिए लोगों को प्रेरित करने हेतु इस तरह के प्रोग्राम चलाने की आवश्यकता व्यक्त की थी।


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    राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2021 की Theme

    हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस एक थीम पर आधारित होता है इस साल National Voters Day 2021 की Theme अभी आनी बाकी है।

    पिछली साल 2020 की थीम ‘Electoral Literacy for Stronger Democracy’ (मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनावी साक्षरता) थी, जिसका अर्थ यह है कि अगर देश में चुनावों को लेकर लोग जागरूक और साक्षर रहेंगे तो देश का लोकतंत्र काफी मजबूत होगा।

    National Voters Day 2020 Theme in Hindi
    National Voters Day 2020 Theme in Hindi

    यहां चुनावी साक्षरता का अर्थ है की मतदान करने वाला व्यक्ति अपने नेता के बारे में कितना कुछ जानता है?, उसे वोट देना आता है?, साथ ही वह देश के नेता को किस आधार पर चुनता है? आदि

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी साक्षरता के लिए सभी राज्यों में के लिए वेबसाइट जारी की गई है जहां जाकर आप अपने इलाके के नेता के बारे में सभी जानकारी हासिल कर सकते हैं, वह कितना पढ़ा लिखा है तथा उसका इतिहास क्या है?


    राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व

    लोकतांत्रिक देश भारत में देश के सभी योग्य नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है, वोट देकर ही देश का नेतृत्व करने वाला नेता चुना जाता है, जो देश और देश के नागरिकों की समस्याओं एवं परेशानियों का निवारण करता है।

    यदि देश के नागरिक मतदान नहीं करेंगे तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था भंग हो सकती है और देश के विकास एवं प्रगति कार्य पर भी गहरा असर पड़ सकता है इतना ही नहीं देश और नागरिकों पर भी खतरा मंडरा सकता है ऐसे में हमें अपना कीमती वोट देकर देश के लिए एक मजबूत और सही नेता चुनना होगा।


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    मतदान जागरूकता के लिए नारे (National Voters Day Slogan)

    देश को उन्नति की राह पर ले चले हम,
    चलो मिलकर मतदान करें हम।
    मतदाता जागरूकता Slogan
    मतदाता जागरूकता Slogan

    देश को बुरे नेताओं से नहीं लगेगी चोट,
    अगर आप देकर आएंगे सही व्यक्ति को अपना वोट।
    लोकतन्त्र की ये ड़ोर कभी न टूटे, ध्यान रखें कोई मतदाता पीछे न छूटे।
    धूमधाम से मनाए लोकतंत्र का त्यौहार, आओ मिलकर करें मतदान।

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    वोट कौन डाल सकता है?
    कोई भी 18 वर्ष या इससे अधिक आयु का व्यक्ति वोट तभी डाल सकता है जब उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो अगर आपका नाम किसी भी वजह से वोटर लिस्ट या मतदाता सूची में नहीं है तो आपके पास वोटर आई कार्ड या पहचान पत्र होने के बाद भी आप वोट नहीं डाल सकते।

    परंतु अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड या पहचान पत्र नहीं है और आपका नाम वोटर लिस्ट में है, तो आप अपने आधार कार्ड से भी वोट डाल सकते हैं।


    आप सभी को मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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