World Forestry Day 2020: विश्व वानिकी दिवस पर जानिए वनों का महत्व

    World Forestry Day 2020: विश्व वानिकी दिवस कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है जानिए वनों का महत्व और प्रकार

    Vishwa Vaaniki Diwas 2020 Hindi: विश्व वानिकी दिवस हर साल 21 मार्च को मनाया जाता है इसे मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के विभिन्न देशों को वनों का महत्व समझाना और वनों के संरक्षण करने में समाज का योगदान हासिल करना है।

    World Forestry Day 21 March 2020 Vishva Vaniki Diwas in Hindi
    World Forestry Day 21 March 2020 Vishva Vaniki Diwas in Hindi

    पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखने के लिए इंसानों, जीव-जंतुओं, पानी, मिट्टी और हवा के साथ-साथ वृक्ष और वनों का भी अहम योगदान और महत्व है, जंगलों और वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण अब पृथ्वी पर वन सीमित होकर रह गए हैं जिसके कारण जीव जंतुओं के रहने की जगहों में भी काफी कमी आई है।

    ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग से मची तबाही ने ही काफी अधिक मात्रा में जीव-जंतु और जंगलों को जलाकर खाक कर डाला।

    आज के इस लेख में हम आपको विश्व वानिकी दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है तथा वनों और जंगलों का महत्व तथा वनों के प्रकार के बारे में भी आपसे चर्चा करेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।


    World Forestry Day or International Forest Day 2020 in Hindi

    कब मनाया जाता है विश्व वानिकी दिवस जानिए इतिहास:

    दुनिया भर के विभिन्न देशों में 21 मार्च के दिन विश्व वानिकी दिवस मनाया जाता है, इसकी शुरुआत साल 1971 में की गई तभी से हर वर्ष World Forestry Day मनाया जाने लगा, और इस साल भी यह दिवस 21 मार्च 2020 को शनिवार के दिन मनाया जा रहा हैं।


    परंतु भारत में वन महोत्सव के रूप में यह दिन जुलाई 1950 से ही मनाया जाता रहा है, भारत में वन महोत्सव मनाए जाने की शुरुआत उस समय रहे गृह मंत्री कुलपति कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी द्वारा की गई थी।


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    क्यों मनाया जाता है विश्व वानिकी दिवस जानिए उद्देश्य:

    दोस्तों वनों (जंगलों) का पृथ्वी के लिए और सभी जीव जंतु के लिए क्या महत्व है यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है, वन किसी जीव जंतु का आवास स्थान है तो किसी के लिए भोजन का जरिया वनों से ही जीवन है और वनों से ही यह पृथ्वी।

    विश्व वानिकी दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वनों के महत्व को समझाना और वनों के संरक्षण हेतु सामने आकर काम करना है।


    वनों (Forest) में पाए जाने वाले पेड़-पौधें के कारण ही पृथ्वी पर ओक्सीजन की मात्रा बराबर बनी हुई है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर लोगों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक करने और जंगलों की कटाई से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से अवगत कराने के लिए मनाया हैं।


    कैसे मनाया जाता है विश्व वानिकी दिवस:

    इस दिन लोगों को पेड़ लगाने बाद पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ना करने का संदेश दिया जाता है तो वहीं वन संरक्षण के लिए भी कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं इस दिन हमें भी आगे आकर वृक्षारोपण व वन महोत्सव के कार्यक्रमों में योगदान देना चाहिए।

    साथ ही इस दिन कई भाषणो और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होता है, जिसमें वन महोत्सव और इंटरनेशन फॉरेस्ट डे पर निबंध लिखने के लिए कहां जाता है, तो वही इस दिन वनों की कटाई पर बने सख्त कानूनों के बारे में भी लोगों को बताया जाता है।


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    International Forest Day वाले दिन स्कूलों, विश्वविद्यालयों, और सरकारी संस्थानों में पेड़ लगाए जाते है, और विद्यार्थियों के बीच कई नाटक एवं ड्राइंग कॉम्पीटीशन भी कराए जाते हैं।


    वनों का महत्व | Importance of Forest:

    वनों और जंगलों में वृक्षों की होती अंधाधुंध कटाई के कारण ही आज पृथ्वी गहरे संकट में पड़ गई है जिसके कारण आज पृथ्वी प्राकृतिक आपदाओं और Global Warming जैसी समस्याओं से जूझ रही है।

    आज बढ़ते प्रदूषण और वनों की होती अंधाधुंध कटाई के कारण ही कई ग्लेशियर लुप्त होने की कगार पर है, तो वही ग्लोबल वॉर्मिंग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है जिनके कारण आज मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है आज की डेट में देखें तो बेमौसम बरसात और मौसम के अनियमित होने के कारण किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।


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    अगर जंगलों को उजड़ने से नहीं रोका गया और नए पेड़ ना लगाए गए तो विश्व भर के मनुष्यों और जीव जंतुओं के आस्तित्व पर पूर्ण विराम लग सकता हैं।


    क्यों जरूरी है वनों का संरक्षण:

    आज से पहले पृथ्वी की कुल भूमि क्षेत्र का लगभग 50 प्रतिशत भाग वनों से ढका हुआ था परंतु आज यह आंकड़ा घटकर मात्र 30% पर रह गया है और अगर वनों की अंधाधुंध कटाई पर जोर ना दिया गया तो इसके कम होने की पूर्ण संभावनाएं हैं।

    अगर पृथ्वी पर वनों की संख्या में और कमी आती है तो इससे जीव जंतुओं के आवास पर तो संकट आएगा ही साथ ही मनुष्य पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा जो अनियमित मौसम के रूप में अभी से देखने को मिल रहा है जंगलों की अंधाधुंध कटाई से जल चक्र, मृदा संरक्षण और जैव मंडल पर भी गहरा असर देखने को मिलेगा।

    अगर भविष्य में वनों की संख्या में वृद्धि नहीं होती तो मनुष्यों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधनों के साथ-साथ पीने को स्वच्छ जल, सांस लेने के लिए ऑक्सीजन, और अन्न उगाने के लिए मिट्टी की कमी हो जाएगी।


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    वनो से होने वाले लाभ | Benefits of Forests in Hindi

    • पृथ्वी पर जीने के लिए सांस लेना अत्यधिक जरुरी है और पृथ्वी पर मानव समेत कई जीव जंतु ऑक्सीजन के कारण ही जिंदा है वन बड़ी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड को वातावरण से सोख कर उसे ऑक्सीजन में बदल देते हैं।

    • वनों से ही हमें फल लकड़ियां मसाले और कई तरह की औषधियां प्राप्त होती है साथ ही जंगल में उगने वाले कई पौधों की मदद से हमें मसाले, रबड़ और नायलॉन जैसी चीजें भी मिलती है।

    • आपके घर में मौजूद फर्नीचर का ज्यादातर सामान वनों की लकड़ियों से ही बनाया जाता है।

    • पृथ्वी पर पाए जाने वाली जैव विविधता वनों के कारण ही संभव है वनों में रहने वाले जीव जंतु यहां लगे पेड़ पौधों से ही अपना भोजन प्राप्त करते हैं और यही इनके रहने का स्थान भी है।

    • मिट्टी को जकड़े रखने वाली वृक्षों की मजबूत जड़ें भारी बरसात में मिट्टी के कटाव को रोकते हैं जिससे बाढ़ का खतरा कम हो जाता है।

    • वन पृथ्वी के तापमान को नियंत्रण में रखना और प्रकाश परावर्तन को घटाना वनों का मुख्य कार्य होता है।

    • वन में लगे पेड़ पौधे हवा की दिशा परिवर्तन व इनकी गति कम करने के साथ-साथ ध्वनि नियंत्रण का भी काम करते हैं।

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    वनों के प्रकार | Types of Forests in Hindi

    धरती का वह इलाका जहां वृक्षों का घनत्व सामान्य से ज्यादा होता है उसे वन कहा जाता है। भारत में निम्नलिखित वन मुख्य रूप से पाए जाते हैं जिनमें सदाबहार वन (वर्षा वन), मैंग्रोव वन शंकुधारी वन, पर्णपाती वन, शीतोष्ण कटिबंधीय आदि शामिल है।


    • बोरील वन: ये ध्रुवों के निकट पाए जाने वाले वन है।

    • उष्णकटिबंधीय वन: यह ऐसे वन होते हैं जो भूमध्य रेखा के निकट पाए जाते हैं।

    • शीतोष्ण वन: मध्यम ऊंचाई वाले स्थान पर मिल जाते हैं।

    1. सदाबहार वन: यह वन उच्च वर्षा क्षेत्रों में पाए जाने वाले वन है भारत में इस तरह के वन पश्चिमी घाट, अंडमान निकोबार दीप समूह तथा पूर्वोत्तर भारत जैसे जगहों पर (जहां मानसून अधिकतम समय तक रहता है) पाए जाते हैं इन वनों में अधिकतर फल और हर किड्स जैसे पेड़ अधिक मात्रा में उगते हैं और यह एक दूसरे से आपस में मिलकर कुछ इस तरह की छत बना लेते हैं कि सूर्य का प्रकाश जमीन तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में जमीन पर काफी कम मात्रा में ही पेड़ पौधे उग पाते हैं।

    2. शंकुधारी वन: यह कम तापमान वाले क्षेत्रों में पाए जाने वाले वन है जो भारत में हिमालय पर्वत पर अधिकतर पाए जाते हैं।

      ऐसे वनों में पाए जाने वाले वृक्ष काफी सीधे और लंबे होते हैं नुकीली पत्तियों वाले इन पेड़ों की शाखाएं नीचे की ओर झुकी होने के कारण इनकी टहनियों पर बर्फ नहीं टिक पाती इन पेड़ों को जिम्नोस्पर्म भी कहा जा जाता है।

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    4. पर्णपाती वन: इस तरह के वन मध्यम वर्षा वाले इलाकों में पाए जाते हैं जहां वर्षा कुछ महीनों के लिए ही होती है।

      इन वनों में टीक के वृक्ष और इसी तरह के कई दूसरे वृक्ष उगते हैं।

      इन वृक्षों की पत्तियां गर्मी और सर्दी के महीने में गिर जाती हैं और चैत्र के महीने में इन वृक्षों पर नई पत्तियां आनी शुरू हो जाती है और मानसून आने पर जब तेज बारिश और सूर्य का प्रकाश जमीन तक पहुंचता है तो इन की वृद्धि काफी तेजी से होती है और बारिश के मौसम में ही यह घनी वृद्धि करते हैं।

    5. कांटेदार वन: इस तरह के वन कम नमी वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं और यहां उगने वाले वृक्ष काफी दूर-दूर स्थित होते हैं, यह वृक्ष कांटेदार होते हैं इसीलिए यह जल संरक्षित करने का काम करते हैं, इन वृक्षों की पत्तियां छोटी, मोटी या मॉम युक्त होती है।

      इन कांटेदार वृक्षों की जड़े रेशे युक्त तथा धरती में काफी अंदर तक समाई होती है। इनमें खजूर, कैक्टस, नागफनी जैसे वनस्पतियां पाई जाती हैं

    6. मैंग्रोव वन: मैंग्रोव वन डेल्टाई इलाकों और नदियों के किनारों पर उगने वाले वन होते हैं इस तरह के वन नदियों द्वारा अपने साथ बहाकर लाई गई मिट्टी के साथ-साथ लवण युक्त तथा शुद्ध जल में भी आसानी से वृद्धि कर जाते हैं इनकी जड़ें कीचड़ से बाहर की ओर निकली होती है।

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    अंतिम शब्द

    अब तो आप विश्व वानिकी दिवस कब क्यों और कैसे मनाया जाता है तथा इसका उद्देश्य और इतिहास भी समझ गए होंगे साथ ही आपने वनों का महत्व और वनों से मनुष्य को होने वाले लाभ तथा वनों के मुख्य प्रकारों के बारे में भी विस्तार से जान लिया है।

    अगर आपको इंटरनेशनल फॉरेस्ट डे कि यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी वनों के बारे में यह सभी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सके।

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