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National Technology Day 2020: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कब मनाया जाता है?

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    National Technology Day 2020: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कब मनाया जाता है जानिए इतिहास

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2020 Hindi: नेशनल टेक्नोलॉजी डे हर साल 11 मई को देश भर में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन हमें परमाणु संपन्न देश होने का गर्व याद दिलाता है और भारत के प्रौद्योगिकी और तकनीकी उपलब्धियों को भी याद दिलाता है। National Technology Day कि शुरुआत स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा की गयी थी जिसके बाद यह दिवस पहली बार 11 मई 1999 को गर्व के साथ देशभर में मनाया गया था।

    और आज इस दिन को बीते 22 साल हो गए है और भारत ने टेक्नोलोजी जगत में अपना अलग ही मुकाम बना लिया है। भारत के पास आज अत्याधुनिक हथियार और परमाणु ताकत है जो भारत को शक्तिशाली देशों में से एक बनाता है।

    National Technology Day 11 May 2020 India Hindi
    National Technology Day 2020 Hindi India 11th May

    आज के इस लेख में हम आपको राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं (National Technology Day Information in Hindi) और उसके पीछे के इतिहास (History) को सुनकर आप सचमुच अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस करेंगे। तो चलिए अब आपको नेशनल टेक्नोलॉजी डे कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है? (When, Why and How National Technology Day is Celebrated in India) और इसकी थीम (National Technology Day 2020 Theme in Hindi) के बारे में बताते है।


    क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस | Why is National Technology Day Celebrated?

    11 मई के दिन National Technology Day इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन भारत द्वारा भारतीय सेना के पोखरण परीक्षण रेंज में परमाणु मिसाइल शक्ति -1 का सफल परीक्षण किया गया था।

    और साथ ही हंसा 3 स्वदेशी विमान और त्रिशूल मिसाइल की सफलता की ख़ुशी को Celebrate करने के लिए भी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस या नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। इसे मनाए जाने के पीछे यही 3 बड़े कारण है, जिसने भारत को दुनियाभर में गौरान्वित किया है।


    • 1. पोखरण परमाणु बम का सफल परीक्षण:
      साल 1998 में 11 मई को भारत के (ऑपरेशन शक्ति के तहत) राजस्थान में पोकरण में हुए 3 सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण तथा इसके बाद 13 मई को दो और परमाणु हथियारों के परीक्षण के सफलता की वर्षगांठ और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत कि प्रगति को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है।

      इस Nuclear Test के बाद भारत भी उन 6 परमाणु शक्ति वाले देशों की लिस्ट मे शामिल हो गया था जो परमाणु सम्पन्न है।

    • 2. हंसा-3 का सफल परीक्षण:
      हंसा 3 भारत में निर्मित एक स्वदेशी विमान था, जिसने 11 मई के दिन ही बेंगलुरू से उड़ान भरी थी। हालांकि यह केवल पायलटों को प्रशिक्षण देने और कुछ सामान्य कार्यों के लिए बनाया गया था इसलिए यह दो सीट वाला एक नॉर्मल विमान था। हालंकि उस समय भारत में बने इस विमान की अहमियत काफी ज्यादा थी।

    • 3. त्रिशूल मिसाइल की सफलता:
      यह मिसाइल भी 11 मई के दिन ही आखिरी बार टेस्ट किया गया था, हालांकि यह एक छोटे दूरी तक मार करने वाली मिसाइल था जो धरती से आसमान की तरफ तेज प्रतिक्रिया के साथ वार करने में सक्षम थी। इसे भारत में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों द्वारा एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत बनाया गया था।

      और यह भारत की वायु सेना और थल सेना का एक हिस्सा भी रह चुकी है। इसी के आधार पर ही आज कई मिसाइल बनाए जा चुके है।

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    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2020 की थीम | National Technology Day Theme India

    नेशनल टेक्नोलॉजी डे एक ख़ास Theme (विषय) के साथ मनाया जाता है, हालांकि इस साल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2020 की अभी आनी बाकी है।


    सालथीम
    2018एक सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी
    2017समावेशी और टिकाऊ विकास के लिए प्रौद्योगिकी
    2016स्टार्टअप इंडिया के प्रौद्योगिकी समर्थक
    2014भारत के लिए समावेशी अभिनव
    2013अभिनव – एक अंतर बनाना

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    कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

    हर साल National Technology Day बड़े ही उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है, इसे मनाए जाने का मकसद लोगों को देश में टेक्नोलॉजी क्षेत्र में हुए कार्यों से अवगत कराना है।

    इस दिन स्कूलों और विश्वविद्यालयों में खास तरह के आयोजन किए जाते हैं और देश को परमाणु शक्ति बनाने वाले मुख्य चेहरे अटल बिहारी बाजपेई जी और एपीजे अब्दुल कलाम जी द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जगत में किए गए कार्यों पर भी चर्चा की जाती है।


    साथ ही इस दिन को डीआरडीओ और दूसरे सरकारी संस्थानों और अनुसंधान विभाग में भी बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत के टेक्निकल एजुकेशन Provide कराने वाले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी टेक्नोलॉजी से जुड़ें कई प्रोजेक्ट और प्रदर्शनीयों का आयोजन किया जाता है।


    साथ ही इस दिन देश के महान वैज्ञानिकों को भी सम्मान दिया जाता है और उन्हें सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिससे युवा पीढ़ी भी इस ओर अग्रसर हो सके और देश को नई राह पर ले जा सके।


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    भारत के परमाणु परीक्षण का इतिहास | Nuclear Test History of India

    भारत के लिए यह Test करना आसान नहीं था क्योंकि उस समय कई देशों का दबाव भारत पर था ऐसे में अमेरिकन जैसे सेटेलाइट संपन्न देशों द्वारा मिशन शक्ति में कई अड़चनें डाली गयी। इससे पहले भारत की गिनती कमजोर देशों के रूप में होती थी।


    India को एक परमाणु संपन्न देश बनाने के पीछे कई मुश्किलें आई परंतु देश के कुछ महान लोगों ने 1998 में राजस्थान के पोखरण में सफलतापूर्वक यह परमाणु परीक्षण कर लोगों को हैरान कर दिया और भारत के इस सीक्रेट मिशन शक्ति की कौशलता को देखकर अमेरिका जैसे देश भी सन्न रह गए, वे यह सोचकर सकपका गए की भारत में हमारे सेटेलाइट और खुफिया एजेंसियों से बचकर भारत ने यह परीक्षण कर लिया और उन्हें कानो कान खबर नहीं हुई।


    दरअसल यह मिशन पूरी तरह से सेटेलाइट और जासूसों से बचकर किया गया, जब अमेरिकी सेटेलाइट भारत से कुछ समय के लिए हटती थी तब रात के समय उस थोड़े से समय में काम किया जाता था। क्योंकि सेटेलाइट के जरिए ही अमेरिका एवं जापान और अन्य देशों को यह जानकारी मिल जाती थी कि भारत में इस तरह का काम चल रहा है जिससे वे भारत के खिलाफ प्रतिबन्ध जैसी कई प्रकार की धमकियां दिया करते थे।


    भारत के इस परमाणु मिशन शक्ति को अंजाम देने के पीछे भारत के महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी का बड़ा हाथ था।


    इस न्यूक्लियर टेस्ट के समय आसपास के क्षेत्रों में करीब 5.3 रिक्टर स्केल के साथ भूकंप के झटके महसूस हुए, जिससे इस बात की पुष्टि हुई कि भारत के पोखरण में सचमुच यह न्यूक्लियर टेस्ट हुआ है।


    जिसके बाद दो दिन में 5 परमाणु हथियारों का सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने भारत को एक परमाणु संपन्न देश घोषित किया।


    अन्तिम शब्द

    तो दोस्तों अब तो आप का नेशनल टेक्नोलॉजी डे कब क्यों और कैसे मनाया जाता है (When How and Why National Technology Day is Celebrated in India) के बारे में समझ ही गए होंगे और आपने इस साल के थीम (National Technology Day 2020 Theme) के बारे में भी जान लिया होगा।

    अगर आपको राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी भारत के महान कार्य और परमाणु संपन्न होने के पीछे के राज पता चल सकें।

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