इंदिरा गाँधी पूण्यतिथि 2019: जानें कब है आयरन लेडी की डेथ एनीवर्सरी

    Indira Gandhi Punyatithi: जानें कब है इंदिरा गाँधी की डेथ एनीवर्सरी, पूरी जानकारी

    इंदिरा गाँधी पूण्यतिथि 2019: Indira Gandhi Death Anniversary, Date Information In Hindi

    Indira Gandhi Punyatithi Date Information In Hindi: देश की आयरन लेडी कहीं जाने वाली इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को राष्ट्रीय संकल्प दिवस (Rashtriya Sankalp Diwas) जिसे English में National Pledge Day कहा जाता है, के रूप में मनाया जाता है पूर्व प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी जिन्होंने 1966 से 1977 के बीच लगातार तीन बार देश की प्रधानमंत्री बनी और जब वह 1980 में दोबारा प्रधानमंत्री पद के लिए चुनी गई तो उन्हें उन्हीं के बॉडीगार्ड्स ने 31 अक्टूबर 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.

    और आज फिर 31 अक्टूबर है जो कि उनकी 35वीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उन्हें याद किया जा रहा है और देश के प्रधानमंत्री मोदी समेत बड़े-बड़े नेताओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ उनके पोते राहुल गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया है.

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    आपको बता दें कि इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की समाधि शक्ति स्थल (Shanti Sthal) पर भी कई नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच चुके हैं और यह सिलसिला अब भी जारी है.
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    आइए अब आपको पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि कब है (Indira Gandhi Ki Punyatithi/Death Anniversary) पर उनके जीवन परिचय की जानकारी (Indira Gandhi Life introduction/biography) और उनके योगदान को याद करते हैं और जानते हैं आखिर इंदिरा गांधी कौन थी(Who Was Indira Gandhi In Hindi).

    इंदिरा गांधी कौन थी - जीवन परिचय इनफार्मेशन हिंदी में

    19 नवंबर 1917 को नेहरू परिवार में जन्मी इंदिरा गांधी पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू की बेटी और उनकी एकमात्र संतान थी।

    इंदिरा को गांधी का उपनाम फिरोज गांधी से शादी करने के बाद मिला था और इनका मोहन दास करमचंद गांधी से कोई भी खून का रिश्ता नहीं था, इंदिरा गाँधी ने 1934–35 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, शान्तिनिकेतन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बनाए गए विश्व-भारती विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। इन्हे "प्रियदर्शिनी" नाम रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ही दिया था।

    यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर वे आगे की पढाई के लिए इंग्लैंड चली गईं और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास करने में असफल रहीं और दुबारा ब्रिस्टल के बैडमिंटन स्कूल में कुछ महीने मेहनत करने के बाद उन्हें, 1937 में परीक्षा में सफलता हाथ लगी और इन्होने सोमरविल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में प्रवेश ले लिया। लन्दन में पढाई के दौरान वे अक्सर फिरोज़ गाँधी से मिलती जुलती रहती थी, क्योंकि इंदिरा जी फ़िरोज जी को इलाहाबाद से ही जानती थीं और वे उन्ही के निकट लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स में पढ़ाई कर रहे थे। ऑक्सफोर्ड से साल 1941 में पढ़ाई कर भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हो गयीं।

    तथा बाद में इंदिरा और फ़िरोज का विवाह 16 मार्च 1942 को इलाहाबाद के आनंद भवन में एक निजी आदि धर्म ब्रह्म-वैदिक समारोह में हुआ।

    अपने पिता जवाहरलाल नेहरू के भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद 1950 के दशक में उन्होंने गैरसरकारी तौर पर एक निजी सहायक के रूप में उनकी सेवा में रहीं। अपने पिता पंडित जवाहरलाल की मृत्यु के बाद उन्हें सन् 1964 में राज्यसभा सदस्य के रूप नियुक्त किया गया। और बाद में उन्हें लालबहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना और प्रसारण मत्री के रूप में चुना गया।

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    लालबहादुर शास्त्री की अचानक हुई मृत्यु के बाद तत्कालीन काँग्रेस पार्टी अध्यक्ष के कामराज ने इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इंदिरा गाँधी जी ने 1966 में हुए चुनाव में विजय प्राप्ति के के साथ ही जनलोकप्रियता हासिल कर विरोधियों के ऊपर हावी होने की योग्यता दर्शायी। उन्होंने कृषि उत्पादकता को बढ़ाव देते हुए हरित क्रांति और अधिक बामवर्गी आर्थिक नीतियाँ लेकर आई. 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में एक निर्णायक और महत्वपूर्ण विजय के बाद उत्पन्न होने वाली अस्थिरता की स्थिती में उन्होंने सन् 1975 में आपातकाल लागू किया।

    उन्होंने एवं काँग्रेस पार्टी ने लगातार दो बार चुनाव जीतकर 10 साल शासन करने के बाद 1977 के आम चुनाव में पहली बार हार का स्वाद चखा। लेकिन कुछ साल बाद की दुबारा सन् 1980 में सत्ता में वापसी करने के बाद वह अधिकतर पंजाब के अलगाववादियों के साथ बढ़ते हुए द्वंद्व में उलझी रहीं, साल 1980 में इंदिरा ने ऑपरेशन ब्लू स्टार में स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया जिसके बाद आगे चलकर सन् 1984 में उनके ही सिख बॉडी गार्ड्स द्वारा उनकी राजनैतिक हत्या कर दी गई।

    अंतिम शब्द | Indira Gandhi Death Anniversary Date Information

    भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आयरन लेडी भी कहा जाता है, और इनकी पूण्यतिथि को राष्ट्रीय संकल्प दिवस (Rashtriya Sankalp Diwas), (English में National Pledge Day) के रूप में मनाया जाता है और इंदिरा गांधीजी की समाधि शक्ति स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की जाती है।

    पूर्व महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि कब है? और (Indira Gandhi Ki Punyatithi/Death Anniversary) पर उनके जीवन परिचय की जानकारी (Indira Gandhi Life introduction/biography) और उनके योगदान तथा इंदिरा गांधी कौन थी (Who Was Indira Gandhi In Hindi) की यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें comment करके जरूर बताए.
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