अटल टनल (सुरंग) क्या है | Atal Surang Yojana (Rohtang Tunnel) Information in Hindi

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    अटल टनल (सुरंग) क्या है | What Is Atal Surang(Rohtang Tunnel) Yojana Information in Hindi

    Atal Surang (Rohtang Tunnel) Yojana Kya Hai Information in Hindi: बुधवार 25 दिसम्बर 2019 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती के शुभ अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अटल भूजल योजना के शुभारंभ के साथ ही रोहतांग टनल (Rohtang Pass) का नाम बदलकर अटल टनल (सुरंग) रख दिया है, Rohtang Tunnel (जो अब Atal Tunnel है) एक सुरंग है और रक्षा मंत्रालय की माने तो यह सुरंग 3000 मीटर की ऊंचाई पर बनाई गई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है जिसकी लंबाई (Length) 8.8 किलोमीटर है.
    What Is Atal Tunnel or Rohtang Surang Kya Hai Information In Hindi Images
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    आपको बता दें कि 20 अगस्त 2018 को हिमाचल प्रदेश सरकार की मंत्री मंडल की एक बैठक के दौरान रोहतांग टनल का नाम बदलकर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखने का प्रस्ताव पेश किया था, और अब नाम बदलने की खुशी को जाहिर करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि भारत सरकार ने लंबे समय से चली आ रही सुरंग के नामकरण की मांग को पूरा कर दिया है, जो अटल जी को एक श्रद्धांजलि है। जिसका आभार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी जताया।

    आइए अब अटल टनल (सुरंग) योजना क्या है और About Atal Surang (Rohtang Tunnel) Information in Hindi के बारे में विस्तार से जान लेते है.

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    अटल टनल (सुरंग) क्या है | Atal Surang (Rohtang Tunnel) Information in Hindi

    1. अटल टनल क्या है: रोहतांग दर्रा या अटल टनल की बात करें तो पीर पंजाल की पहाड़ियों को भेद कर लाहौल स्पिति (लेह) को मनाली से जोड़ने वाली समुद्र तल से करीबन 12000 फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंग है, जो 8.8 किलोमीटर लंबी (Long) है। जिसका निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन (BRO) की देखरेख में किया जा रहा है।

    2. शिलान्यास: 1983 में की गई इस परियोजना के विचार के बाद, रोहतांग टनल के निर्माण की घोषणा 3 जून 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई द्वारा केलांग की एक जनसभा में की गई थी, जिसके बाद 26 मई 2002 को दक्षिण भाग के सड़क की आधारशिला रखी गई और साल 2003 में रोहतांग टनल का तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा शिलान्यास भी किया गया। परन्तु कई घोषणाओं के बावजूद भी सुरंग के काम कोई उड़ान नहीं भरी, परन्तु 2010 को नींव का पत्थर रखे जाने के बाद इसका काम में तेजी आई।

    3. कुल लागत: अटल टनल की शुरुआत में इसके निर्माण लागत करीबन 1400 करोड़ रुपए आंकी गई थी और इसका निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य साल 2014 था, परंतु इस टनल के ठीक ऊपर सेरी नामक नदी बहने से यहां रिसाव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे निर्माण कार्य में भी बाधा आई और इसकी निर्माण कीमत भी 4000 करोड रुपए तक पहुंच गई।

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    5. कब Open होगा: अटल सुरंग का निर्माण करीबन 80% तक पूरा हो चुका है और अगले साल 2020 के मई महीने में इसका उद्घाटन किए जाने की संभावना है, हालांकि अटल टनल के मुख्य इंजीनियर ब्रिगेडियर केपी पुरुषोत्तम का कहना है कि यह सितंबर 2020 तक आवाजाही के लिए पूर्ण रूप से खुल (Open) जाएगा।

    6. फायदा: Atal Tunnel मनाली और लेह के बीच की दूरी में करीब 46 किलोमीटर की कमी आएगी। साथ ही इस टनल के निर्माण से जो ठंड के मौसम में बर्फ पड़ने से लाहौल और स्पीति घाटी के सुदूर क्षेत्रों का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से 6 माह तक पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता था वह अब नहीं होगा, साथ ही यह टनल भविष्य में लेह लद्दाख में तैनात भारतीय सेना के लिए भी वरदान साबित होगा।

      साथ ही इस सुरंग के नीचे बनाए जा रहे एक अन्य टनल के निर्माण से आपात स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी हद तक सहायता मिलेगी।

    7. इतिहास: बताया जाता है अटल जी के बचपन के दोस्त और लाहौल के निवासी, अर्जुन गोपाल जी में गहरी मित्रता थी, और जब अटल जी प्रधानमंत्री बने तो स्थानीय लोगों के कहने पर अर्जुन गोपाल जी दिल्ली आए और रोहतांग सुरंग के बारे में बात की और 1 साल की लगातार चर्चा के बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहमत हुए। और साल 2002 में इसके निर्माण की घोषणा की.

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    9. चुनौतियां: रोहतांग या अटल टनल का निर्माण काफी चुनौतीपूर्ण था, इस दौरान कई मजदूरों की जान भी गई, इसमें सबसे बड़ा चुनौती भरा कार्य सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के बीच खुदाई को जारी रखना था। सुरंग खोदने का काम दोनों छोर से किया गया। हालांकि, सर्दियों में भारी बर्फबारी होने के कारण रोहतांग पास बंद हो जाता है, इसलिए सर्दियों के दौरान उत्तर पोर्टल सुलभ न होने की वजह से सर्दियों में केवल दक्षिण पोर्टल से खुदाई का कार्य किया गया। साथ ही जल रिसाव और हिमस्खलन जैसी बाधाए भी आई।


    अंतिम शब्द

    तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने रोहतांग टनल (Rohtang Paas) का नाम बदलकर अटल टनल (Atal Tunnel) क्यों कर दिया और साथ ही आपको अब रोहतांग टनल (Rohtang Tunnel) या अटल सुरंग (Atal Surang) के बारे में पूरी जानकारी (All Information in Hindi) भी मिल गई होगी. और अटल टनल कब तक शुरू होगा इसकी कोई कंफर्मेशन नहीं है लेकिन अनुमान जताया जा रहा है कि मई 2020 तक इसका काम पूरा हो जाएगा.

    दोस्तों अगर आपको रोहतांग दर्रा या अटल टनल क्या है के बारे में यह जानकारी (Atal Surang in Hindi) अच्छी लगी तो इसे (अटल टनल (सुरंग) क्या है | What Is Atal Surang(Rohtang Tunnel) Yojana Information in Hindi) को अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी देश के इस महान निर्माण कार्य के बारे में पता चल सके.
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