14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें

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    Hindi Diwas 14 September 2019 Ko Kyu, Kab, Kaise Manaya Jata Hai

    दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है और भारत में हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को भारतवर्ष में धूमधाम से मानाते हैं। लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता है की राष्ट्रीय हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है, इसीलिए आज हम आपको यह बताने जा रहे है की आखिर 14 सितंबर की तारीख को ही हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं।
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    भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते है। इस अवसर पर Schools, कॉलेज, यूनिवर्सिटी व कई दफ्तरों में अलग-अलग Program आयोजित किए जाते हैं। आइए अब आपको बताते हैं कि हर वर्ष 14 सितंबर को ही राजभाषा को समर्पित Hindi Diwas क्यों मनाया जाता है?

    14 September 2019 Ko Hindi Diwas Kyu, Kab, Kaise Manaya Jata Hai? Happy Hindi Day Kya Hai?

    राष्ट्रभाषा क्या होती है इसके 5 गुण

    महात्मा गांधी जी ने राष्ट्रभाषा के पाँच गुण बताए हैं जो इस प्रकार हैं।

    1. राष्ट्रभाषा कर्मचारियों के लिए आसान होनी चाहिए,

    2. उसमें भारत का विविध विषयों का आपसी कामकाज हो सके,

    3. वह देश के ज्यादातर लोगों द्वारा बोली जाती हों,

    4. वह राष्ट्र के लिए आसान हो,

    5. उसका विचार दूरगामी प्रभाव की दृष्टि से किया जाए।


    साथ ही साथ महात्मा गाँधी जी ने यह भी कहा कि अंग्रेजी भाषा में इन सभी गुणों में से एक भी गुण नहीं है और हिंदी भाषा में ये सारे गुण मौजूद हैं।

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    आजादी और राष्ट्रभाषा का संकट

    दोस्तों सन् 1947 में जब भारत अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हुआ तो भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए राजभाषा चुनने को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया।

    आखिरकार गहन विचार-विमर्श के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी भाषा को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में चुनने का फैसला लिया।

    बताया जाता है की उस समय उर्दू को भी हिंदी के बराबर ही मत मिले थे।

    वहीं हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी को भारत की एक अतिरिक्त आधिकारिक भाषा के रूप में चुना गया।

    बताया जाता है कि संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को अंग्रजों के साथ राष्ट्र की भाषा के तौर पर स्वीकार किया था।

    आसान नहीं था निर्णय

    हालांकि, हिंदी को राजभाषा के रूप में चुनना आसान नहीं था।

    इसके लिए, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, केशवचंद्र सेन, दयानंद सरस्वती और भारतेंदु हरिश्चंद्र से लेकर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस तक ने हिंदी के पक्ष में रैलियां और पैरवी की।

    इन सभी में से सबसे उल्लेखनीय व्यक्ति व्यौहार राजेन्द्र सिन्हा, हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिली शरण गुप्त और सेठ गोविंद दास जी ने तो इस मुद्दे पर संसद में बहस भी की।

    आखिरकार संविधान सभा द्वारा हिंदी को 14 सितंबर 1949 को व्यौहार राजेन्द्र सिन्हा के 50 वें जन्मदिन पर आधिकारिक भाषा के रूप में चुन लिया गया।

    हिंदी दिवस का यह निर्णय 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के साथ ही प्रभाव में आया।

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत, देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को आधिकारिक यानि की Official भाषा के रूप में अपनाया गया था।

    इसलिए हर साल मनाया जाता है हिंदी दिवस

    आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस दिन की महत्वता को देश को बताने के लिए यह घोषणा की गई थी कि हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

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    दोस्तों अब तो आप समझ ही गए की Hindi Diwas 14 September 2019 Ko Kyu Kab Kaise Manaya Jata Hai.

    अगर आपको हिन्दी दिवस की यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताए।

    और अगर आपको 14 September 2019 Ko Hindi Diwas Kyu, Kab, Kaise Manaya Jata Hai? Happy Hindi Day Kya Hai? या 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस क्यों मानते है इसके बारे में यह जानकारी अच्छी लगी है तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी जरूर शेयर करें।

    और उन्हे भी इस दिन के महत्त्व को समझाए।
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