गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? जाने Goa Liberation Day का इतिहास

    गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? | Goa Liberation Day Information in Hindi

    (गोवा मुक्ति दिवस) Goa Liberation Day Information in Hindi: दोस्तों गोवा आज भारत का एक अभिन्न अंग और एक विकसित राज्य है लेकिन शायद आप गोवा के बारे में कुछ अहम बातें और इसका इतिहास शायद ही जानते होंगे. दोस्तों गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्ति दिलाने के सफलता के उपलक्ष में हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस (Goa Mukti Diwas 2019) मनाया जाता है, जिसे Goa Liberation Day कहते है.
    Goa Liberation Day Mukti Diwas 2019 Information History Operation Vijay in Hindi
    Goa Liberation Day Mukti Diwas 2019 Information History Operation Vijay in Hindi
    दोस्तों हमारा देश भारत तो ब्रिटिश शासन के चंगुल से 15 अगस्त 1947 को ही आजाद हो गया था लेकिन भारत को मिली आजादी के 14 साल बाद भी गोवा तथा दमन एवं दीप पुर्तगालियों शासन झेलते रहे.

    आज हम आपको गोवा मुक्ति दिवस (Goa Mukti Diwas 2019) के बारे में पूरी जानकारी (Goa Liberation Day Information in Hindi) देने जा रहे है, जिसमें आपको गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? | When and Why Goa Liberation Day is Celebrated Hindi, (History of Goa in Hindi) ऑपरेशन विजय क्या है (What is Operation Vijay in Hindi), तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया के योगदान के बारे में भी बात करेंगे.

    गोवा मुक्ति दिवस कब मनाया जाता है? | When and Why Goa Liberation Day is Celebrated Hindi

    1. कब मनाया जाता है (When): गोवा की पुर्तगाली हुकूमत से आजादी की ख़ुशी को Celebrate करने के लिए हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) मनाया जाता है, इस बार 19 December 2019 को गोआ अपना 58वां मुक्ति दिवस मनाएगा, आइए अब आपको गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) क्यों मनाया जाता है इसके बारे में बताते है.

    2. क्यों मानते है (Why): गोवा 1961 में आज़ाद होने से पहले लगभग 450 सालों तक पुर्तगाली शासको के कब्जे में रहा, यहाँ तक की भारत की आजादी के 14 साल बाद भी गोआ पुर्तगालियों के आधीन रहा, परन्तु भारत की सशस्त्र सेना के ऑपरेशन विजय के तहत भारत की जल, थल और वायु सेना द्वारा पुर्तग़ालियों के पनाहगाह पर करीबन 36 घंटे तक लगातार धरती, समुद्र और हवाई रास्तों से हमले और बमबारी के परिणामस्वरूप पुर्तगाली सेना ने भारतीय सेना के समक्ष 19 दिसंबर 1961 को आत्मसमर्पण कर दिया।

    और इस तरह गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाली परतंत्रता से से मुक्ति मिल गई। तभी से हर साल 19 दिसम्बर को गोवा मुक्ति दिवस (Goa Mukti Diwas) यानि Goa Liberation Day मनाया जाता है।

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    डॉ राम मनोहर लोहिया और गोवा की मुक्ति का इतिहास | Goa History in Hindi

    गोवा मुक्ति आंदोलन की अगुवाई देश के महान समाजवादी नेता डॉ राम मनोहर लोहिया ने ही की थी, जहाँ कई बड़े-बड़े राजनेता यह सोचते थे की पुर्तगाली अंगेजों के साथ ही इस देश को छोड़कर चले जाएंगे तो वहीं डॉ राम मनोहर लोहिया जी को यह पूर्ण विश्वास था की बिना आंदोलन किए पुर्तगाली गोवा को छोड़कर नहीं जाने वाले।

    और लोहिया जी की बात शत प्रतिशत सच निकली भारत की आजादी के कई साल बीतने के बाद भी पुर्तगाली गोवा को छोड़ने नहीं गए। लोहिया ही वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने गोवा की आजादी के मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाया। उन्होंने 1942 से ही गोवा को मुक्ति दिलाने का जिम्मा उठाया था।

    डॉ. राम मनोहर लोहिया ने 18 जून 1946 को गोवा जाकर वहाँ के लोगों को पुर्तगालियों के खिलाफ आंदोलन की चिंगारी जलाई।

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    1946 में जब गोआ की राजधानी पंजिम (पणजी) में डा0 लोहिया की सभा में सविनय अवज्ञा की शुरुआत हुई तो वहाँ की पुलिस द्वारा टैक्सी सुविधा को बंद कर दिया गया। वह नजारा देखने लायक था जब 20 हजार की जनता के बीच घनघोर बारिश में लोहिया मड़गाँव स्थित उस सभा स्थल पर घोड़ागाड़ी से पहुँचे और गूंजते नारों के बीच ही मशीनगन लिए हुए पुर्तगाली फौज के साथ आए प्रशासक मिराण्डा ने डा0 लोहिया के ऊपर पिस्तौल तान दी।

    लेकिन लोहिया के साहस और आभामण्डल के आगे उसे झुकना पड़ा। और डॉ राम मनोहर लोहिया जी को गिरफ्तार कर लिया गया। परन्तु 500 वर्ष के इतिहास में गोवा में पहली बार आजादी का रणहुंकार हुआ।

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    उनकी गिरफ्तारी के बाद पंजिम थाने पर गोवा की जनता द्वारा आक्रमण कर डा0 लोहिया को बाहर निकलने का प्रयास किया गया। गोवा को Freedom of expression तथा Portugal को 3 महीने का नोटिस देकर लोहिया लौट आए।

    तीन महीने बाद उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और कैदी बनाकर रखा गया, बाद में बापू (महात्मा गाँधी) के लार्ड बेवेल से लोहिया की रिहाई बात करने पर लोहिया को गोवा-प्रवेश मनाही की शर्त पर रिहाई मिली. लंबे अरसे तक चले आंदोलन के बाद 19 दिसम्बर 1961 को गोवा को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त कराकर भारत में शामिल कर लिया गया था। लोहिया के लम्बे जनजागरण के बाद गोवा को आजादी मिली थी।

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    गोवा की आजादी में डा0 लोहिया के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। क्योंकि यह वह समय था जब पंडित जवाहरलाल नेहरू गोवा को भुला बैठे थे।

    अंतिम शब्द

    गोवा मुक्ति में जिन लोगों ने अपना खून पसीना बहाया उन्हें देशवासियों को भूलना नहीं चाहिए, यह दिन ऐसे वीरों की याद के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अगर आपको हमारी आज की यह पोस्ट गोवा मुक्ति दिवस (Goa Mukti Diwas 2019) के बारे में पूरी जानकारी (Goa Liberation Day Information in Hindi) देने जा रहे है, जिसमें आपको गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? | When and Why Goa Liberation Day is Celebrated Hindi, ऑपरेशन विजय क्या है, गोआ का इतिहास (History of Goa in Hindi) तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया के योगदान अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।
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    गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? जाने Goa Liberation Day का इतिहास गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? जाने Goa Liberation Day का इतिहास Reviewed by Sandeep Kumar on Thursday, December 19, 2019 Rating: 5

    Goa Mukti Diwas 19 December 2019 गोवा मुक्ति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, When Goa Liberation Day is Celebrated Hindi, History

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