-->

World Migratory Birds Day 2021: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस का इतिहास, महत्व और थीम

    World Migratory Bird Day 2021: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है? इतिहास तथा थीम

    वर्ल्ड माइगेट्री बर्ड डे 2021: पंछी, नदियाँ, पवन के झोंके इन्हें कोई सरहद ना रोके यह तो आपने सुना ही होगा जी हां पंछी बदलते मौसम के हिसाब से अपने जीवन या प्रजनन के लिए एक देश से दूसरे देश आते-जाते रहते हैं पंछियों को एक जगह ठहरने की आदत नहीं होती।

    वे अपनी आजादी को पूरी तरह से जीते हैं परंतु प्रवास के समय इतना लंबा रास्ता तय करना आसान नहीं होता ऐसे में हम मनुष्यों को भी उनके प्रवास में मदद करने की आवश्यकता होती है। इसीलिए प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को समझते हुए साल में दो बार विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाया जाता है।

    Vishva Pravaasi Pakshi Diwas
    Vishva Pravaasi Pakshi Diwas

    आज के इस लेख में हम आपको वर्ल्ड माइग्रेटरी बर्ड डे कब क्यों और कैसे मनाया जाता है तथा इस साल की थीम (Theme) और इसकी शुरुआत के इतिहास (History) के बारे में बताने जा रहे हैं साथ ही भारत में आने वाले कुछ प्रवासी पक्षियों के नाम भी आपके साथ साझा करेंगे।


    International Migratory Bird Day Information in Hindi

    अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी पक्षी दिवस के बारे में जानकारी:
    नाम: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (World Migratory Bird Day)
    शुरूआत: वर्ष 2006
    तिथि: मई और अक्टूबर का दूसरा शनिवार
    उद्देश्य: प्रवासी पक्षियों के पारिस्थितिक महत्त्व एवं संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाना।
    थीम: Sing, Fly, Soar, like a Bird
    अगली बार: 14 मई 2022 और 08 अक्टूबर 2022
    आधिकारिक वेबसाइट: https://www.worldmigratorybirdday.org

    विश्व प्रवासी पक्षी दिवस कब मनाया जाता है?

    प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (World Migratory Bird Day) मनाया जाता है।

    इस साल 2021 में वर्ल्ड माइगेट्री बर्ड डे 08 मई और 09 अक्टूबर को मनाया जा रहा है।


    वर्ल्ड माइगेट्री बर्ड डे क्यों मनाया जाता है? (इतिहास)

    विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के अंदर प्रवासी पक्षियों के प्रति लोगों को जागरुक करना और उन्हे बचाना है। ताकि वे सही सलामत अपने देश वापस लौट सके और फिर मौसम अनुसार वापस भी आए।


    शुरूआत का इतिहास
    विश्व प्रवासी पक्षी दिवस की शुरुआत वर्ष 2006 में अफ्रीकन-यूरेशियन वॉटरबर्ड एग्रीमेंट (AEWA) और वन्यजीवों की प्रवासी प्रजाति (CMS) के संरक्षण पर समझौते द्वारा सचिवालय के सहयोग से की गई थी।


    प्रवासी पक्षियों का महत्व
    प्रवासी पक्षी हमारे और पारिस्थितिक तंत्र के लिए काफी फायदेमंद हैं पक्षियों के द्वारा ही फूलों में परागकण प्रक्रिया, बीज फैलाव एवं कीट नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। साथ ही यह पर्यटन और फोटोग्राफी जैसी प्रमुख आर्थिक लाभ और लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।


    यह भी पढ़ें 👉 विश्व वन्यजीव दिवस 2021: World Wildlife Day

    World Migratory Birds Day 2021
    World Migratory Birds Day 2021

    अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी पक्षी दिवस कैसे मनाया जाता है?

    हर साल दुनिया भर के लोग और समर्पित संगठन सैकड़ों सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे पक्षी उत्सव, शिक्षा कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और बर्ड-वॉचिंग का आयोजन करते हैं।

    हर साल विश्व भर में पक्षियों और पक्षी संरक्षण के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए विविध भागीदारों के साथ काम करता है। उनके कार्यक्रम बच्चों और वयस्कों को बाहर जाने, पक्षियों के बारे में जानने और उनके संरक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं।

    वन्य जीवों की प्रवासी प्रजाति और अफ्रीकी-यूरेशियाई प्रवासी जल समझौते (AEWA) के संरक्षण पर सम्मेलन के सचिवालय द्वारा आयोजित, विश्व प्रवासी पक्षी दिवस एक वार्षिक, वैश्विक जागरूकता बढ़ाने वाला अभियान है जो प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों की संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।


    हम कैसे मना सकते हैं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षी दिवस

    अपने बगीचे में पक्षियों के लिए दाना पानी एवं उनके आश्रय और भोजन की व्यवस्था कर उन्हें इसके अनुकूल बनाएं।

    या फिर अपने छत पर उनके लिए आराम करने और दाना पानी का इंतजाम करें और उस स्थान को कुत्ते या बिल्ली की पहुंच से दूर रखकर तथा अच्छे फूल पौधे लगाकर भी आप उन्हे आकर्षित कर सकते है।

    कुछ पक्षी कीड़े मकौड़े खाते है ऐसे में उनके लिए इसका प्रबंधन भी आपके बागीचे की उपजाऊ मिट्टी से हो सकता है।


    यह भी पढ़ें 👉 World Sparrow Day 2021: विश्व गौरैया दिवस और संरक्षण के उपाय

    World Migratory Bird Day 2021 की Theme

    हर साल, विश्व प्रवासी पक्षी दिवस एक वार्षिक थीम प्रस्तुत करता है जिसका उद्देश्य प्रवासी पक्षियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए दुनिया भर के लोगों और संगठनों को प्रेरित करना होता है।

    इस साल विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 2021 की थीम "Sing, Fly, Soar, like a Bird" रखी गई है। तो वहीं पिछली साल World Migratory Bird Day 2020 की Theme “Birds Connect Our World” (पक्षियों के माध्यम से जुड़ी पूरी दुनिया) थी।

    यह थीम रेखांकित करता है की सभी प्रवासी पक्षी हमारी साझा प्राकृतिक विरासत का हिस्सा हैं। और वे प्रजनन, भोजन और विश्राम के लिए अपने प्रवास मार्गों के नेटवर्क पर निर्भर हैं।


    पिछले साल 2019 की थीम - "पक्षियों की रक्षा: प्लास्टिक प्रदूषण का समाधान!" - प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों पर प्लास्टिक प्रदूषण के नकारात्मक प्रभाव को सुर्खियों में लाया था।

    अफसोस की बात है कि पंख होने से पक्षियों को प्लास्टिक के खतरे से बचने में मदद नहीं मिलती है।

    तो वहीं पहले Migratory Bird Day की Theme: “Migratory birds need our support now!” ("प्रवासी पक्षियों को अब हमारे समर्थन की आवश्यकता है!") थी।


    यह भी पढ़ें 👉 World Forestry Day 2021: विश्व वानिकी दिवस पर जानिए वनों का महत्व

    प्रवासी पक्षियों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

    भारत में आने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षी कौन से है?

    भारत में आने वाले पांच प्रमुख प्रवासी पक्षी है साइबेरियन सारस (Siberian Cranes), अमूर फाल्कन (Amur Falcons), राजहंस (Greater Flamingo), रोजी पेलिकन (Rosy Pelican) और एशियाई कोयल (Asian Cuckoo).


    सबसे छोटा प्रवासी पक्षी कौन सा है?

    हमिंग बर्ड सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है और यह प्रवास करते समय 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर सकते हैं।


    अन्तिम शब्द

    यह पंछी पर्यावरण में फैलते प्रदूषण की वजह से लुप्त होने जा रहे है। अगर इनका बचाव नही किया गया तो यह जल्द ही पृथ्वी पर समाप्त हो जाएंगे। अथार्त इनका संरक्षण बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।

    ऐसे में International Migratory Bird Day 2021 के इस ख़ास मौके पर हमें इनके संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। और अपने घर की छतों एवं बगीचों में इनके खाने पीने और आराम करने का प्रबंध करना चाहिए।

    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post
    -->
    NEXT ARTICLE Next Post
    PREVIOUS ARTICLE Previous Post