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World Suicide Prevention Day 2020: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की पूरी जानकारी

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    World Suicide Prevention Day 2020: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, इतिहास, थीम और ख़ुदकुशी के लक्ष्ण व बचाव?

    विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 2020: आज देश भर में सुशांत केस को लेकर सभी देशवासियों में यह जानने की उत्सुकता है कि सुशांत ने आत्महत्या की या उसका मर्डर हुआ है। ऐसे में सभी लोगों के बीच सुसाइड को लेकर अलग-अलग विचार है पिछले कुछ दिनों में बड़ी हस्तियों ने ही नहीं बल्कि कई आम इंसानों ने भी देशभर के अलग-अलग हिस्सों में आत्महत्याए की है।

    जहां एक तरफ कोरोना वायरस महामारी ने कुछ लोगों की जान ली तो वही कुछ लोग खुद ही अपनी जान के दुश्मन बन बैठे और उन्होंने ख़ुदकुशी जैसे कदम उठाए।

    ऐसे में World Suicide Prevention Day 2020 यानी आत्महत्या रोकथाम दिवस या आत्महत्या निवारण दिवस या फिर आत्महत्या बचाव दिवस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और लोगों को आत्महत्या से बचने और बचाने के लिए भी काफी जरूरी दिवस है।

    World Suicide Prevention Day 10 September 2020 Hindi
    World Suicide Prevention Day 10 September 2020 Hindi

    आज के इस लेख में हम आपको World Suicide Prevention Day 2020 और अंतर्राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस कब और क्यों मनाया जाता है इसका इतिहास (History) तथा आत्मघाती विचारों से मुकाबला करने के लिए कुछ सुझाव भी देने जा रहे हैं।


    World Suicide Prevention Day Information in Hindi

    विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के बारे में जानकारी:
    नाम: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day)
    पहली बार: 2003
    तिथि: 10 सितंबर
    उद्देश्य: आत्महत्या की बढ़ती संख्या को रोकने तथा इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए।
    थीम: 'आत्महत्या को रोकने के लिए एक साथ काम करना' (Working Together to Prevent Suicide)
    अगली बार: 10 सितम्बर 2021

    विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस कब मनाया जाता है?

    हर साल 10 सितंबर को दुनिया भर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है, यह दिन मनाने का उद्देश्य लोगों को आत्महत्या करने से रोकना एवं इस अपराध के प्रति जागरूकता फैलाना है।

    शुरुआत:
    इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रीवेंशन (IASP) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ (WFMH) के साथ मिलकर साल 2003 में पहले विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की शुरुआत की।

    दुनिया भर में आत्महत्या की बढ़ती संख्या को रोकने और उसके प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए डब्ल्यूएचओ ने 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या निषेध दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।


    वर्ल्ड सुसाइड प्रीवेंशन डे क्यों मनाया जाता है?

    डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बढ़ती समस्या को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं जिसके अनुसार हर सेकंड कोई ना कोई व्यक्ति मौत को गले लगाने की कोशिश करता है, प्रति 40 सेकंड में कोई ना कोई व्यक्ति अपनी जान का स्वयं दुश्मन बन बैठता है और आत्महत्या कर लेता है।

    तो वही दूसरे आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में हर साल करीबन 800000 लोग खुदकुशी कर लेते हैं।


    ऐसे में यह दिवस मनाना काफी जरूरी हो जाता है और इन आंकड़ो को कम या खत्म करने में भी इसकी अहम भूमिका हो सकती है। क्योंकि यह दिन लोगों को जागरूक करता है और लोग दूसरों की सहायता कर उन्हें इससे बाहर निकालने में भी अपना योगदान देते हैं।


    यह भी पढ़ें: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस कब, क्यों, कैसें मनाया जाता है? थीम

    World Suicide Prevention Day 2020 Theme

    यह दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास थीम के साथ मनाया जाता है ताकि दुनिया भर के लोगों को आत्महत्या की रोकथाम के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सके।

    इस साल World Suicide Prevention Day 2020 की Theme “Working Together to Prevent Suicide” (Pronounce: वर्किंग टुगेदर टू प्रिवेंट सुसाइड) है।

    और ऐसा तीसरी बार हो रहा है जब WHO ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की थीम "आत्महत्या को रोकने के लिए एक साथ काम करना" रखी है।

    World Suicide Prevention Day 2020 Theme
    World Suicide Prevention Day 2020 Theme

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    आत्महत्या करने के लक्षण/बचाव और कारण

    रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 81% आत्महत्या करने वाले लोग कुछ ऐसे संकेत जरूर देते हैं कि वह आगे क्या करने जा रहे हैं या अब वे ऐसा कुछ करने जा रहे हैं। आत्महत्या की कोशिश करने वाले लोग बातों बातों में ही जरूर कुछ चेतावनी या या संकेत देते हैं जिन्हें हमें समझ जाना चाहिए।


    यह है कुछ ऐसे ही सवाल:
    • मेरे जाने के बाद आपको दुख होगा?
    • क्या आप मेरे बिना जी लेंगे?
    • मुझे जीने की कोई इच्छा नहीं है।
    • मुझे कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा।

    ऐसे में हमें समझ जाना चाहिए और उनसे खुलकर बात करनी चाहिए।


    लक्षण:
    यदि कोई व्यक्ति इस दौर से गुजर रहा है तो उसमें निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं।

    • वह एकदम से नशे की मात्रा बढ़ा देते हैं।
    • मरने की बातें बार-बार करते हैं।
    • आत्मग्लानि की बातें करते हैं।
    • उनका मन उदास होता है या हमेशा गुमसुम रहने लगते हैं।
    • लापरवाही बरतते हैं और खुद की जान हमेशा जोखिम में डालने लगते हैं।

    कैसे करे बात?
    यदि आपको लगता है कि कोई आत्महत्या करने जा रहा है या कर सकता है तो आपको उससे सीधा पूछ लेना चाहिए क्योंकि एक रिसर्च से पता चलता है कि यह उस व्यक्ति को आपको यह बताने में मदद करता है कि वह कैसा महसूस कर रहे हैं।

    और जब आपको अपने फिलिंग्स के बारे में बताना शुरू करता है तो यह जरूरी है कि आप उसे ध्यान से सुने।

    और उसकी समस्या का समाधान करने का प्रयास करें तथा कोई भी नकारात्मक बात ना करें और सकारात्मकता से उसे समझाने का प्रयास करें।

    आत्महत्या करने वाले लोग मानसिक रूप से बीमार या पागल नहीं होते क्योंकि अत्यधिक कष्ट और भावनात्मक दर्द हमेशा मानसिक बीमारी का लक्षण नहीं हो सकता।


    आत्महत्या या खुदकुशी का विचार आने पर क्या करें

    • भविष्य के बारे में सोचना या उसकी चिंता करने की कोशिश ना करें और वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करें तथा आज के लिए प्लान बनाएं।

    • ड्रग्स या शराब का सेवन करने से बचें।

    • अन्य लोगों के आसपास रहे।

    • अपने आप को किसी सुरक्षित स्थान जैसे अपने दोस्त के घर या रिश्तेदारों के पास चले जाए अगर उन तक नहीं पहुंच सकते तो कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे जुड़े।

    • ऐसा कुछ करें जो आपको पसंद है जिसमें आपको मजा आता है चाहे वह घर का छोटा से छोटा काम या फिर कोई अन्य काम हो।

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    क्या है आत्महत्या का मुख्य कारण

    वैसे तो आत्महत्या मनोवैज्ञानिक, संस्कृतिक, अनुवांशिक, सामाजिक और कई अन्य जोखिमों के अभिसरण का परिणाम होता है। परंतु हर साल खुदकुशी करने वाले लाखों लोग अलग-अलग कारणों से मौत को अपने गले लगाते हैं।

    2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या करने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच बताई गई है, और इसके साथ ही इनमें से ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो Low End Middle इनकम देशों में रहते हैं।

    अर्थात ऐसे लोग जिनकी प्रति व्यक्ति आय बहुत ज्यादा कम है वे खुदकुशी ज्यादा करते हैं।


    भारत की स्थिति
    डब्ल्यूएचओ की मानें तो भारत में हर साल करीब 100000 लोग खुदकुशी कर लेते हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी होना भी इसका मुख्य कारण है।

    वैसे तो खुदकुशी करने वाले लोगों को इसके लिए कई अलग अलग तरीके तलाशते हैं परंतु अधिकतर मामलों में यह देखा गया है कि लोग अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए ज्यादातर फांसी, जहरीला पदार्थ और धारदार चीज या बंदूक का इस्तेमाल करते हैं।


    इसके कुछ सामाजिक कारकों में घरेलू झगड़े, कर्ज, गरीबी, बेरोजगारी, दहेज, प्रेम संबंध, तलाक, अनुचित गर्भधारण, विवाहेतर संबंध, वैवाहिक अड़चन या शैक्षिक समस्या हो सकती है।


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    अन्तिम शब्द

    अब तो आप समझ ही गए होंगे कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस कब और क्यों मनाया जाता है साथ ही आपको इस साल की World Suicide Prevention Day 2020 Theme के बारे में भी जानकारी मिल गई। आप भी सुसाइड की रोकथाम में इस देश की मदद कर सकते हैं और दुनिया के कई लोगों को इससे बाहर निकाल सकते हैं और उन्हें बचा सकते हैं।

    यदि आपको हमारी ख़ास और जरूरी दिन की यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

    The End
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