विश्व जल दिवस 2020: World Water Day 22 March in Hindi

    World Water Day 2020: विश्व जल दिवस कब, क्यों और कैसें मनाया जाता है जानिए पानी का महत्व

    Vishwa Jal Diwas 22 March 2020: जीव जंतु हो या मनुष्य इस धरती पर जीवित रहने के लिए पानी सभी के लिए जरूरी है और आज जिस तरह से शुद्ध जल का संकट पृथ्वी पर सभी जगहों पर मंडरा रहा है, ऐसे में मनुष्यों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ने की पूरी संभावना है।

    आज विश्व जल दिवस के मौके पर हम आपको वर्ल्ड वॉटर डे कब क्यों और कैसे मनाया जाता है तथा इस साल अंतर्राष्ट्रीय पानी दिवस 2020 की थीम क्या है तथा इसके इतिहास और पानी के महत्व और पानी को बचाने के उपाय के बारे में भी आपको जानकारी देने जा रहे हैं।

    World Water Day 22 March 2020 Viswa Jal Diwas in Hindi
    World Water Day 22 March 2020 Viswa Jal Diwas

    World Water Day 2020 Information in Hindi

    • विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है।

    • इसकी शुरुआत साल 1992 में रियो डी जेनेरियो के एक पर्यावरणीय कार्यक्रम पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में की गई थी।

    • साल 1993 में 22 मार्च को पहली बार यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया।

    • वर्ल्ड वाटर डे मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल का महत्व और इसकी आवश्यकता एवं संरक्षण के बारे में जागरूक करना है।

    • इस साल 2020 की थीम "वाटर एंड क्लाइमेट चेंज" है।

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    कब मनाया जाता है विश्व जल दिवस जानिए इतिहास:

    वर्ल्ड वॉटर डे हर साल 22 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाता है इस साल विश्व जल दिवस 22 मार्च 2020 को रविवार के दिन मनाया जाएगा।

    इसे मनाए जाने की शुरुआत साल 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो शहर में आयोजित पर्यावरण एवं विकास के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के एक कार्यक्रम के दौरान की गई।

    जिसके बाद वर्ष 1993 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा Vishwa Jal Diwas मनाया गया, तभी से हर साल जल संरक्षण और पानी के महत्व के बारे में आम जन को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल यह दिन मनाया जाता है।


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    क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस जानिए उद्देश्य

    विश्व जल दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य जल के महत्व तथा जल की आवश्यकता एवं संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करना है।

    पृथ्वी पर तेजी से घटते जलाशयों और लुप्त होते पानी के स्रोतों को देखते हुए आज जल संकट एक बड़ा मुद्दा बन गया है, ऐसे में लोगो की बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखें तो शुद्ध जल की उपलब्धता को हर इंसान तक पहुंचाना काफी मुश्किल होता जा रहा है कई जगहों पर तो पीने के पानी की इतनी किल्लत है कि वहां पानी को लेकर लड़ाइयां तक की जाती है।

    कई जगहों पर तो यह भी सुनने को मिलता है कि अगला विश्वयुद्ध जल को लेकर ही होगा।


    आपको बता दें कि 2010 में, United Nations ने "सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता के अधिकार को एक मानव अधिकार के रूप में मान्यता दी है।"


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    कैसे मनाया जाता है | How to Celebrate:

    विश्व जल दिवस कई जागरूकता कार्यक्रमों, तथा भाषण आदि जैसे क्रियाकलापों के आयोजन की मदद से मनाया जाता है।

    जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को जल के महत्व, इसकी आवश्यकता और जल के लगातार प्रदूषित होने से शुद्ध जल तथा पीने योग्य पानी पर गहराते संकट को ध्यान में रखकर मंचीय तथा नाटकीय तरीके से बताया जाता है,

    वहीं कई इस दिन भाषण तथा निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है जिनका मुख्य टॉपिक जल संरक्षण होता है, और Save Water पर भी Poster Making Competition के साथ ही टीवी, रेडियो, इंटरनेट और अखबार के माध्यम से जल संरक्षण का उपाय एवं भविष्य में आने वाले जल संकट से अवगत करते हुए कई ढेर सारी गतिविधियां की जाती है।


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    विश्व जल दिवस की थीम | World Water Day 2020 Theme

    हर साल विश्व जल दिवस एक खास थीम पर आधारित होता है और इस साल 2020 की थीम भी काफी खास है जो 'WATER AND CLIMATE CHANGE' यानी कि जल और जलवायु परिवर्तन है जिसके तहत लोगों को यह समझाया जा रहा है कि किस तरह से पानी के कारण जलवायु में तेजी से परिवर्तन हो रहा है और यह एक दूसरे से आपस में कैसे जुड़े हैं।

    World Water Day 2020 Theme: Water & Climate Change
    World Water Day 2020 Theme: Water & Climate Change
    इस साल और पिछले कुछ सालों की थीम:
    साल थीम
    2020 जल और जलवायु परिवर्तन
    2019 किसी को पीछे नही छोड़ना
    2018 जल के लिए प्रकृति के आधार पर समाधान
    2017 अपशिष्ट जल
    2016 जल और नौकरियाँ
    2015 जल और दीर्घकालिक विकास
    2014 जल और ऊर्जा
    2013 जल सहयोग
    2012 जल और खाद्य सुरक्षा
    2011 शहर के लिये जल: शहरी चुनौती के लिये प्रतिक्रिया
    2010 स्वस्थ विश्व के लिये स्वच्छ जल
    2009 जल के पार
    2008 स्वच्छता
    2007 जल दुर्लभता के साथ मुंडेर
    2006 जल और संस्कृति
    2005 2005-2015 जीवन के लिये पानी
    2004 जल और आपदा
    2003 भविष्य के लिये जल
    2002 विकास के लिये जल
    2001 स्वास्थ के लिये जल
    2000 21वीं सदी के लिये पानी
    1999 हर कोई प्रवाह की ओर जी रहा है
    1998 भूमी जल- अदृश्य संसाधन
    1997 विश्व का जल: क्या पर्याप्त है
    1996 प्यासे शहर के लिये पानी
    1995 महिला और जल
    1994 हमारे जल संसाधनों का ध्यान रखना हर एक का कार्य है
    1993 शहर के लिये जल
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    जल संरक्षण के उपाय | Water Conservation Measures in Hindi

    1. जन-जन में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और उन्हें जल संचय के बारे में भी बताया जाए।

    2. नहाते समय शावर या बाथटब को इस्तेमाल करने की बजाय बाल्टी में पानी भरकर स्नान किया जाए जिससे पानी बचाया जा सके।

    3. ब्रश करते समय, दाढ़ी बनाते समय या फिर हाथ धोते समय आवश्यकता ना पड़ने पर नल को बंद कर दें, हो सके तो जग या मग में पानी रखकर यह सभी काम करें।

    4. पहले बरसात का पानी तालाबों और जलाशयों में एकत्रित हो जाता था जिसका इस्तेमाल बाद में किया जाता था, लेकिन आज तालाबों की कमी है ऐसे में जल संरक्षण के लिए पुनः तालाब और जलाशयों का निर्माण किया जाए और उसमें वर्षा के जल को फिर से संरक्षित किया जाए, जिससे भू अंतर्गत जल का स्तर भी तेजी से बढ़ेगा।

    5. सार्वजनिक जगहों जैसे पार्कों, अस्पतालों, मंदिरों और स्कूलों में लगी नल की टोंटियाँ अधिकतर खराब ही पाई जाती है, ऐसे में हम इन खराब टोंटीयों के चलते कई हजार लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं, हमें इन नलों को पुनः मरम्मत कराकर इन्हें जल्द से जल्द ठीक कराना चाहिए जिससे पानी व्यर्थ ना हो।

    6. सरकार को यह ध्यान देना चाहिए कि कारखानों नालियों और सीवर आदि का पानी नदियों के शुद्ध जल में ना मिले इससे नदियों के पानी को भी पीने योग्य बनाया जाए और अन्य कामों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सके।

    7. पानी संरक्षण के लिए हमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे वर्षा के जल को एकत्रित किया जा सके यह तकनीक अब तक की सबसे कारगर मानी जाने वाली टेक्नोलॉजी है जिससे वर्षा के जल को काफी मात्रा में एकत्रित किया जा सकता है।

    8. सरकारों को जल संरक्षण और जल व्यर्थ करने वालों पर सख्त कानून बनाने चाहिए।

    9. पेड़ों की कटाई से धरती की नमी में लगातार कमी आ रही है जिससे भूजल स्तर पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है ऐसे में हमें वृक्षारोपण करना चाहिए और लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

    10. साथ ही हमें सब्जियों और फलों को धोते समय बचे पानी और कपड़े धोते समय बचे पानी का इस्तेमाल घर के सफाई आदि के लिए करना चाहिए।

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    जल दिवस का महत्व | Importance of International Water Day

    मानव की उत्पत्ति के लिए पानी कितना जरूरी है इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते है की अब दूसरें ग्रहों पर जीवन की तालाश के लिए पानी की खोज को प्राथमिकता दी जा रही हैं। और अधिकांश संस्कृतियों का विकास भी नदी के किनारे बताया जाता हैं।

    लेकिन दुनिया में मौजूद पानी की मात्रा का केवल 1% या इससे भी कम पानी पीने के योग्य है। बाकी 99% पानी नदियों, महासागरों, झीलों और झरनों आदि के रूप में उपलब्ध है जो या तो दूषित है या इतना खारा है की उसे पीया नहीं जा सकता।

    आज पानी की कमी का मुख्य कारण पानी का अनावश्यक उपयोग ही है। लोगों की बढ़ती आबादी और औद्योगिकीकरण के कारण आज नदियाँ लगातार दूषित होती जा रही है और स्वच्छ पानी की खपत तेजी से बढ़ रही है।

    पानी के बिना जीवन असम्भव है, इसलिए पानी की बचत करने की आज सबसे ज्यादा आवश्यकता है।


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    अंतिम शब्द | Save Water

    दोस्तों अगर अब भी जल का संरक्षण नहीं किया गया तो पृथ्वी पर शुद्ध जल को लेकर बड़ा संकट आना निश्चित है। क्योंकि जल है तो कल है।

    अगर आपको हमारी जल संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस की यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी यह महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।

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