राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025: थीम, इतिहास और महत्व (स्लोगन)

प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को भारतीय निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। आइए इस साल 2025 की थीम, स्लोगन और शुभकामना संदेश पर एक नजर डालते है।

भारत में राष्ट्रीय वोटर दिवस कब मनाया जाता है?

नेशनल वोटर्स डे 2025: भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा हर साल 25 जनवरी को योग्य मतदाताओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voter’s Day) मनाया जाता है। इसे मनाए जाने की घोषणा वर्ष 2011 में भारत की तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने की थी। इस साल शनिवार, 25 जनवरी 2025 को हम 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहे हैं, और इी दिन निर्वाचन आयोग का 76वां स्थापना दिवस भी है।

देश के अधिकतर नागरिक आज भी यह नहीं जानते कि उनका हर एक वोट कितना कीमती है इसीलिए आज भी यह दिवस मनाने की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में यहाँ मतदाता जागरूकता पर Slogan (नारे), शायरी, कोट्स और इस साल के विषय (Theme) के बारे में जानकारी साझा की गई है।

National Voters Day - Matdata Diwas
National Voters Day – Matdata Diwas
राष्ट्रीय वोटर दिवस के बारे में
नाम:राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voter’s Day)
तिथि:25 जनवरी (वार्षिक)
स्थापना:वर्ष 2011 में
पहली बार:25 जनवरी 2011
सम्बंधित संगठन:भारतीय निर्वाचन आयोग

 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाते हैं? (उद्देश्य)

भारत में प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय मतदाता दिवस (Voter’s Day) के रूप में मनाया जाता है, जिसका मकसद भारत के सभी मतदान योग्य मतदाताओं की पहचान करना और ऐसे लोगों का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करना और उन्हें पहचान पत्र सौंपना है जिनकी उम्र 1 जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी है।

इसके साथ ही नेशनल वोटर्स डे भारत के सभी युवाओं और पात्र नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक करता है, ताकि कोई मतदाता मतदान करने से ना चूकें और एक मतदाता बनने पर उन्हें गर्व के साथ शुभकामनाएं भी देता है।

लोकतांत्रिक देश भारत में मतदान एक त्यौहार के रूप में माना जाता है, परंतु लोकतंत्र के इस त्योहार में लोगों के कम होते रुझान और जागरूकता को देखते हुए इस महत्वपूर्ण दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया।


मतदाता जागरूकता पर स्लोगन 2025
मतदाता जागरूकता पर स्लोगन 2025

 

नेशनल वोटर्स डे का इतिहास (History)

भारत में चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से एक दिन पहले ही हो गई थी परंतु साल 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने निर्वाचन आयोग के 61वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर इसे हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। जिसके बाद पहला मतदाता दिवस 25 जनवरी 2011 को मनाया गया।

इलेक्शन कमीशन पर देशभर में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में वोटिंग प्रतिशत के लगातार घटते आंकड़ो पर विचार व्यक्त करते हुए इसे मनाने का पक्ष रखा गया था।

 

 

राष्ट्रीय वोटर दिवस 2025 की थीम

25 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025 की थीम अभी घोषित की जानी बाकी है। हालांकि पिछली साल 2024 की थीम ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’ (Nothing like voting, I vote for sure) है। इससे पहले साल 2023 में भी इसे इसी विषय के साथ मनाया गया था।

  • 2022 का विषय: ‘चुनावों को समावेशी, सुगम और सहभागी बनाना’ (Making Elections Inclusive, Accessible and Participative)
  • 2021: ‘मतदाता बनें सशक्त, सतर्क, सुरक्षित और जागरूक’
  • 2020: ‘सशक्‍त लोकतंत्र के लिए निर्वाचन साक्षरता’ थी।
  • 2019: ‘कोई मतदाता न छूटे‘ थी।
  • 2018: ‘सुगम निर्वाचन‘ था।

 

 

मतदाता जागरूकता के लिए स्लोगन (नारे/कोट्स)


देश को उन्नति की राह पर ले चले हम,
चलो मिलकर मतदान करें हम।


लोकतंत्र की ये ड़ोर कभी न टूटे, ध्यान रखें कोई मतदाता पीछे न छूटे।


National Voters Day Wishes Quotes in Hindi
National Voters Day Wishes Quotes in Hindi

देश को बुरे नेताओं से नहीं लगेगी चोट,
अगर आप देकर आएंगे सही व्यक्ति को अपना वोट।


धूमधाम से मनाए लोकतंत्र का त्यौहार, आओ मिलकर करें मतदान।


हम खुशनसीब हैं जो हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यहां जनता ही सरकार बनाती है। लेकिन सरकार बनाने के लिए वोट देना उतना ही जरूरी है जितना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाना, दवाई और इलाज जरूरी है। इसी तरह आप सही व्यक्ति को अपना वोट देकर देश को भी स्वस्थ और खुशहाल बना सकते हैं।

 

राष्ट्रीय वोटर दिवस का क्या महत्व है?

लोकतांत्रिक देश भारत में सभी योग्य नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है, वोट देकर ही देश का नेतृत्व करने वाला नेता चुना जाता है, जो देश और यहाँ के नागरिकों की समस्याओं एवं परेशानियों का निवारण करता है।

यदि देश के नागरिक मतदान नहीं करेंगे तो यहाँ की लोकतांत्रिक व्यवस्था भंग हो सकती है और देश के विकास एवं प्रगति कार्य पर भी गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों के चुनावों के कम होते रुझान और जागरूकता की कमी को देखते हुए यह दिवस मनाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

 

National Voters Day कैसे मनाया जाता है?

इस खास मौके पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में राजधानी दिल्ली में समारोह आयोजित कर मनाया जाता है, इसमें मतदान और मतदाता से जुड़ी कला, नृत्य, नाटक, संगीत एवं अन्य विषयों पर प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके आलावा विभिन्न राज्यों में मतदाता शपथ कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है।

साथ ही इलेक्शन कमीशन द्वारा चुनाव में वोटरों को वोट देने हेतु प्रेरित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है। साल 2020 में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर रणवीर सिंह जी ने भी इस तरह के प्रोग्राम चलाने की आवश्यकता व्यक्त की थी।

 


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